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आगरा: होली पर सिंथेटिक रंगों से एलर्जी का खतरा, त्वचा की देखभाल के लिए अपनाएं यह तरीका
Mon, 29 Mar 2021 12:25 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Mon, 29 Mar 2021 12:25 AM IST
सार
- त्वचा रोग विशेषज्ञों की सलाह - रंग लगवाने से पहले हाथ-पैर और मुंह पर नारियल का तेल लगाएं
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होली के रंगों में सराबोर युवा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
होली पर सिंथेटिक रंग से त्वचा एलर्जी का खतरा सबसे ज्यादा है। बीते साल आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज त्वचा रोग विभाग की ओपीडी में ऐसे काफी मरीज मिले थे। इसके चलते डॉक्टर प्राकृतिक रंगों के उपयोग की सलाह दे रहे हैं।
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त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि सिंथेटिक रंग में मिले केमिकल त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे एलर्जी, दाग, चकत्ते पड़ सकते हैं। होली खेलने से पहले हाथ-पैर और मुंह पर नारियल का तेल लगाएं।
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रंग उतारने के लिए साबुन से बार-बार मुंह न धोएं। इससे त्वचा शुष्क हो जाएगी और जख्म भी हो सकते हैं। बालों में भी नारियल का तेल लगाएं, हो सके तो उन्हें ढककर रखें। साफ करने के लिए एक बार ही शेंपू इस्तेमाल करें।
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रंग जाने पर आंखों को रगड़ें नहीं, साफ पानी से धोएं
एसएन कॉलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. हिमांशु यादव ने कहा कि होली में आंखों में रंग जाने से खुजली, लाल होना, दर्द होने की परेशानी होती है। सिंथेटिक रंग से कॉर्निया को भी नुकसान पहुंच सकता है। आंखों को रगड़े नहीं और साफ पानी से आंखों को धोएं। जलन बंद न होने पर चिकित्सक को दिखाएं।
घर पर बनी खाद्य सामग्री का करें उपभोग
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवधेश पाराशर ने बताया कि मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते वक्त उसकी गुणवत्ता उसकी महक से आंकी जा सकती है। खोआ समेत अन्य मिठाइयों को चखकर गुणवत्ता भी परख सकते हैं। खराब गुणवत्ता होने पर स्वाद कसैला और खट्टा प्रतीत होता है। वैसे घर पर बनी खाद्य सामग्री को तरजीह दें तो बेहतर है।
होली पर गले मिलने से बचें, मास्क लगाकर रखें
रैपिड रिस्पांस टीम के डॉ. नंदन सिंह ने बताया कि सार्वजनिक रूप से होली न खेलें तो ही बेहतर है। होली पर गले मिलने से बचें। एक मीटर की दूरी से ही अभिवादन करें। मास्क लगाकर रखें, भीड़भाड़ से बचें और हाथों को सैनिटाइज जरूर कर लें। सामूहिक रूप से खाद्य सामग्री का उपयोग न करें।
एसएन कॉलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. हिमांशु यादव ने कहा कि होली में आंखों में रंग जाने से खुजली, लाल होना, दर्द होने की परेशानी होती है। सिंथेटिक रंग से कॉर्निया को भी नुकसान पहुंच सकता है। आंखों को रगड़े नहीं और साफ पानी से आंखों को धोएं। जलन बंद न होने पर चिकित्सक को दिखाएं।
घर पर बनी खाद्य सामग्री का करें उपभोग
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवधेश पाराशर ने बताया कि मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते वक्त उसकी गुणवत्ता उसकी महक से आंकी जा सकती है। खोआ समेत अन्य मिठाइयों को चखकर गुणवत्ता भी परख सकते हैं। खराब गुणवत्ता होने पर स्वाद कसैला और खट्टा प्रतीत होता है। वैसे घर पर बनी खाद्य सामग्री को तरजीह दें तो बेहतर है।
होली पर गले मिलने से बचें, मास्क लगाकर रखें
रैपिड रिस्पांस टीम के डॉ. नंदन सिंह ने बताया कि सार्वजनिक रूप से होली न खेलें तो ही बेहतर है। होली पर गले मिलने से बचें। एक मीटर की दूरी से ही अभिवादन करें। मास्क लगाकर रखें, भीड़भाड़ से बचें और हाथों को सैनिटाइज जरूर कर लें। सामूहिक रूप से खाद्य सामग्री का उपयोग न करें।