सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   How Will Lives Be Saved If Road Accident Data Arrives Late? Road Safety Activist Raises Concern

UP: सड़क हादसों के आंकड़े ही देर से आएंगे तो जान कैसे बचेगी? 2025 की रिपोर्ट को लेकर बढ़ी चिंता

अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Mon, 15 Jun 2026 09:30 AM IST
विज्ञापन
सार

सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता और अधिवक्ता केसी जैन ने सड़क दुर्घटनाओं की रिपोर्ट समय पर जारी न होने पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि हादसों के आंकड़ों में देरी होने से नीतिगत फैसले और सुधारात्मक कदम भी प्रभावित होते हैं, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ती है।

How Will Lives Be Saved If Road Accident Data Arrives Late? Road Safety Activist Raises Concern
केसी जैन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार

 देश में प्रतिवर्ष लाखों सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इनके कारण, रुझान और समाधान से जुड़े आधिकारिक आंकड़े समय पर जनता और नीति निर्माताओं तक नहीं पहुंच पाते हैं। राष्ट्रीय रिपोर्ट ही वर्षों की देरी से प्रकाशित होंगी तो सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक नीतिगत हस्तक्षेप भी विलंब से आएंगे। ऐसे में लोगों की जान कैसे बचेगी। यह जिक्र करते हुए सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता केसी जैन ने केंद्रीय सड़क व परिवहन सचिव को तीन पत्र भेजे हैं।


अधिवक्ता जैन ने बताया कि उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं की वार्षिक रिपोर्ट के समयबद्ध प्रकाशन का मुद्दा उठाया था। न्यायालय ने 17 अप्रैल, 2025 को महत्वपूर्ण आदेश पारित किया। आदेश में मंत्रालय को निर्देशित किया कि प्रत्येक कैलेंडर वर्ष की समाप्ति के छह माह के भीतर सड़क दुर्घटनाओं की वार्षिक रिपोर्ट प्रकाशित की जाए, ऐसी रिपोर्ट तभी उपयोगी सिद्ध हो सकती है जब उनका प्रकाशन शीघ्रता से हो।
विज्ञापन
विज्ञापन


2024 की रिपोर्ट एक वर्ष विलंब से जारी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार वर्ष 2024 की रिपोर्ट को 30 जून, 2025 तक प्रकाशित हो जाना चाहिए था। मगर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने रिपोर्ट को 11 जून, 2026 को जारी किया। इस प्रकार की देरी सुप्रीम कोर्ट के आदेश की भावना के अनुरूप नहीं है। सड़क सुरक्षा से जुड़े निर्णयों, अभियानों, सुधारात्मक उपायों के लिए अद्यतन आंकड़े आवश्यक होते हैं। उन्होंने बताया कि इस विषय पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव को 11, 21 मई 2026 और 12 जून को तीन पत्र भेजे हैं। इनमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश की याद दिलाई है।
विज्ञापन


2025 की रिपोर्ट पर बढ़ी चिंता
अधिवक्ता जैन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार वर्ष 2025 की सड़क दुर्घटना रिपोर्ट को 30 जून, 2026 तक प्रकाशित किया जाना अनिवार्य है। अब इस समय-सीमा की समाप्ति में केवल कुछ ही दिन शेष हैं लेकिन रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि रिपोर्ट समय-सीमा के भीतर प्रकाशित नहीं होती तो देश एक बार फिर सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़ों से वंचित रह जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed