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UP: महिला कुलपतियों पर सवाल उठाने वालों पर राज्यपाल के कड़े तेवर, बोलीं- कमियां नहीं, उनकी क्षमताएं देखिए
Tue, 04 Aug 2026 09:52 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 04 Aug 2026 09:52 AM IST
सार
आगरा में दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने महिला कुलपतियों पर सवाल उठाने वालों को कड़े तेवर में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की कमियां खोजने के बजाय उनकी क्षमताओं को पहचानना चाहिए और समाज में महिलाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
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राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों में नियुक्त महिला कुलपतियों पर सवाल उठाने वालों पर कड़े तेवर दिखाए। राज्यपाल ने कहा कि महिला को कुलपति बनाना क्या गलत है, जो कमियां खोजी जाने लगती हैं। उन्होंने मंच से विश्वविद्यालय के कार्यों में कमियों खोजने वालों को आड़े हाथ लिया। साथ ही नारी सशक्तीकरण पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार 8-9 महिलाओं को कुलपति बनाया गया है। जो लोग केवल कमियां खोजते और शिकायत करते हैं। वे मेरे सामने कांपने लगते हैं। नैक के ग्रेड पर सवाल खड़ा करते हैं, इसकी कोई जांच हो सकती है।
उन्होंने कहा कि जो अच्छा है वह बोलो, किसी से डरने की जरूरत नहीं है। शिक्षकों को देश व समाज के लिए उत्तरदायी नागरिकों का निर्माण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समारोह में 51 प्रतिशत छात्राओं ने उपाधि हासिल की है। 88 मेडल 64 विद्यार्थी को दिए गए, जिसमें 72 प्रतिशत छात्राएं हैं। इसलिए लड़के सावधान हो जाएं।
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उन्होंने कहा कि विवि छात्रावास का निर्माण कराने जा रहा है, इसमें गलत क्या है। इससे छात्राओं को लाभ मिलेगा। डिग्री मिल जाने के बाद समाज के लिए काम शुरू हो जाता है। महिलाओं, वंचितों और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के लिए काम करें, जिससे उनको भी समाज में सम्मान मिल सके।
सिलेबस बदलने का किया कार्य
राज्यपाल ने अपने शिक्षण के दिनों को याद करते हुए कहा कि उस समय एक ही सिलेबस पढ़ाते-पढ़ाते शिक्षक थक जाते थे लेकिन सिलेबस नहीं बदलता था। शिक्षक और छात्र बदल जाते लेकिन सिलेबस नहीं। उनको यह कार्य करने का अवसर मिला और सिलेबस को बदलकर दिखाया। इस कार्य में एनसीटीई का काफी सहयोग मिला।
मंच पर शिक्षक नजर आईं राज्यपाल
दीक्षांत समारोह के मंच पर आनंदीबेन पटेल राज्यपाल से अधिक एक शिक्षक की भूमिका में नजर आईं। छात्रों के शोर मचाने पर डांटना हो या छोटे बच्चों को चॉकलेट देना। उनकी शिक्षक वाली छवि अलग ही देखते बनी। उपाधियां लेने के बाद कई छात्र हॉल के गेट पर शोर कर रहे थे। इस पर राज्यपाल ने मंच से चुपचाप बैठने को कहा। इसके बाद तालियां न बजाने पर शिक्षकों से नाराजगी प्रकट की। छोटे बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम देखकर वह आनंदित दिखीं और सभी को चॉकलेट दी। सभी बच्चों के साथ फोटो भी खिंचवाए।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार 8-9 महिलाओं को कुलपति बनाया गया है। जो लोग केवल कमियां खोजते और शिकायत करते हैं। वे मेरे सामने कांपने लगते हैं। नैक के ग्रेड पर सवाल खड़ा करते हैं, इसकी कोई जांच हो सकती है।
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उन्होंने कहा कि जो अच्छा है वह बोलो, किसी से डरने की जरूरत नहीं है। शिक्षकों को देश व समाज के लिए उत्तरदायी नागरिकों का निर्माण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समारोह में 51 प्रतिशत छात्राओं ने उपाधि हासिल की है। 88 मेडल 64 विद्यार्थी को दिए गए, जिसमें 72 प्रतिशत छात्राएं हैं। इसलिए लड़के सावधान हो जाएं।
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उन्होंने कहा कि विवि छात्रावास का निर्माण कराने जा रहा है, इसमें गलत क्या है। इससे छात्राओं को लाभ मिलेगा। डिग्री मिल जाने के बाद समाज के लिए काम शुरू हो जाता है। महिलाओं, वंचितों और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के लिए काम करें, जिससे उनको भी समाज में सम्मान मिल सके।
सिलेबस बदलने का किया कार्य
राज्यपाल ने अपने शिक्षण के दिनों को याद करते हुए कहा कि उस समय एक ही सिलेबस पढ़ाते-पढ़ाते शिक्षक थक जाते थे लेकिन सिलेबस नहीं बदलता था। शिक्षक और छात्र बदल जाते लेकिन सिलेबस नहीं। उनको यह कार्य करने का अवसर मिला और सिलेबस को बदलकर दिखाया। इस कार्य में एनसीटीई का काफी सहयोग मिला।
मंच पर शिक्षक नजर आईं राज्यपाल
दीक्षांत समारोह के मंच पर आनंदीबेन पटेल राज्यपाल से अधिक एक शिक्षक की भूमिका में नजर आईं। छात्रों के शोर मचाने पर डांटना हो या छोटे बच्चों को चॉकलेट देना। उनकी शिक्षक वाली छवि अलग ही देखते बनी। उपाधियां लेने के बाद कई छात्र हॉल के गेट पर शोर कर रहे थे। इस पर राज्यपाल ने मंच से चुपचाप बैठने को कहा। इसके बाद तालियां न बजाने पर शिक्षकों से नाराजगी प्रकट की। छोटे बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम देखकर वह आनंदित दिखीं और सभी को चॉकलेट दी। सभी बच्चों के साथ फोटो भी खिंचवाए।