बसपा के पूर्व विधायक और मीट निर्यातक जुल्फिकार अहमद भुट्टो के एचएमए ग्रुप ने मंगलवार रात को आयकर विभाग के सामने 100 करोड़ रुपये की अघोषित आय सरेंडर कर दी। शनिवार सुबह से आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन विंग द्वारा की गई छापेमारी मंगलवार रात 11बजे तक चली। 88 घंटे तक देश के 5 राज्यों में 12 शहरों के 35 ठिकानों पर 180 से ज्यादा आयकर अधिकारियों और पैरा मिलिट्री फोर्स ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। आयकर विभाग की यह दूसरी बड़ी कामयाबी है। 4 साल पहले आगरा के बीएनआर ग्रुप पर छापे में 101 करोड़ रुपए की अघोषित आय सरेंडर की गई थी।
देश के तीसरे नम्बर के मीट निर्यातक ग्रुप एच एम ए का 2000 करोड़ रुपए का टर्न ओवर है और 40 देशो में फ्रोज़न मीट का निर्यात होता है। आयकर विभाग ने वित्तीय अनियमितता देखकर शनिवार सुबह एक साथ दिल्ली, मुंबई, गाजियाबाद, कानपुर, उन्नाव, चंडीगढ़, मेरठ, रायपुर, आगरा सहित 12 शहरों में 35 ठिकानों की जांच की।
2 of 5
आयकर छापा
- फोटो : अमर उजाला
आयकर विभाग ने वित्तीय अनियमितता देखकर शनिवार सुबह एक साथ दिल्ली, मुंबई, गाजियाबाद, कानपुर, उन्नाव, चंडीगढ़, मेरठ, रायपुर, आगरा सहित 12 शहरों में 35 ठिकानों की जांच की। आगरा में एमजी रोड पर ग्लोरी प्लाजा, ताजगंज, शहीद नगर, विभव नगर, कुबेरपुर आदि क्षेत्रों के 18 ठिकानों पर आयकर की टीमों ने कार्रवाई मंगलवार रात 11 बजे तक पूरी की।
3 of 5
आयकर छापा
- फोटो : अमर उजाला
विभाग के 180 अफसरों की टीम ने पैरामिलिट्री फोर्स के साथ इन ठिकानों पर कार्रवाई को अंजाम दिया। देर रात इन्वेस्टिगेशन विंग के अधिकारियों ने बताया कि आयकर विभाग द्वारा जब्त किए गए कागजात, लैपटॉप, मोबाइल आदि के विवरण की जांच चलती रहेगी।
4 of 5
आयकर छापा
- फोटो : अमर उजाला
इसके आधार पर आमदनी के दायरे की पड़ताल होगी। अतिरिक्त आय मिलने पर ग्रुप से और भी ज्यादा टैक्स वसूला जा सकता है। इसके साथ ही ग्रुप से संबंध रखने वाले सप्लायरों का ब्योरा भी खंगाला जा रहा है।
5 of 5
आयकर छापा
- फोटो : अमर उजाला
इसरार जैसे 14 बैंक खातों का मिला है ब्यौरा
जांच शाखा की कार्रवाई में पूर्व विधायक जुल्फिकार अहमद भुट्टो के ग्रुप से मिले रिकॉर्ड में पता चला कि इसरार अहमद जैसे कंपनी के कर्मी के नाम से तैयार किए गए फर्जी वेंडर एक दो नही, बल्कि दर्जनों हैं। आगरा में ही ऐसे 14 रेकॉर्ड संदिग्ध मिले हैं। कई जगहों से काफी नकदी भी विभाग को मिली है, जिसका सोर्स नही बताया गया। इसके साथ ही गैर भाजपा शासित राज्यो में रियल एस्टेट में निवेश के कागजात भी मिले हैं।