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UP: विधायक निधि और प्रोटोकॉल उल्लंघन पर होगी बड़ी समीक्षा, खुल सकता है कच्चा चिट्ठा; इन बिंदुओं पर होगी चर्चा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 13 Mar 2026 11:37 AM IST
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सार
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की नियम पुनरीक्षण समिति शनिवार को आगरा और फिरोजाबाद के अधिकारियों के साथ सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक करेगी। बैठक में विधायक निधि के उपयोग, प्रोटोकॉल उल्लंघन और जनप्रतिनिधियों के पत्रों पर हुई कार्रवाई की जांच की जाएगी।
आगरा सर्किट हाउस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की नियम पुनरीक्षण समिति के सामने शनिवार को विधायक निधि और प्रोटोकॉल उल्लंघन के मामलों का कच्चा चिट्ठा खुल सकता है। सर्किट हाउस में समिति के सभापति हरिओम पांडेय आगरा और फिरोजाबाद के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे।
जनप्रतिनिधियों के अधिकारों की रक्षा और विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आ रही यह समिति अधिकारियों से पिछले तीन वर्षों का हिसाब मांगेगी। बैठक का मुख्य एजेंडा यह जांचना है कि विधायकों के प्रेषित पत्रों को शासनादेश के अनुसार अलग रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है या नहीं। कितने पत्रों पर समयबद्ध कार्रवाई हुई और कितने मामले अब तक लंबित हैं, इसकी सूची भी तलब की गई है।
समिति इस बात की भी जांच करेगी कि विधायक निधि को खर्च करने में निर्धारित नियमों और समय सीमा का पालन हुआ है या नहीं। जनप्रतिनिधियों के साथ होने वाले प्रोटोकॉल उल्लंघन के लंबित मामलों और विशेषाधिकार हनन की शिकायतों पर भी समिति कड़ा रुख अपना सकती है।
इन बिंदुओं पर भी होगी चर्चा
ओडीओपी की प्रगति: एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत आगरा (चर्म उत्पाद) और फिरोजाबाद (कांच उद्योग) में निर्धारित लक्ष्यों की वर्तमान स्थिति और प्रगति।
सदन के सवाल: पिछले तीन वर्षों में सदन में पूछे गए अल्पसूचित, तारांकित-अतारांकित प्रश्नों और नियम 115, 105, 110 व 111 के तहत मांगी गई सूचनाओं के जवाबों की समीक्षा।
समितियों के निर्देश: विधान परिषद की विभिन्न समितियों के पूर्व में दिए गए निर्देशों का जिला स्तर पर कितना अनुपालन सुनिश्चित किया गया।
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जनप्रतिनिधियों के अधिकारों की रक्षा और विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आ रही यह समिति अधिकारियों से पिछले तीन वर्षों का हिसाब मांगेगी। बैठक का मुख्य एजेंडा यह जांचना है कि विधायकों के प्रेषित पत्रों को शासनादेश के अनुसार अलग रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है या नहीं। कितने पत्रों पर समयबद्ध कार्रवाई हुई और कितने मामले अब तक लंबित हैं, इसकी सूची भी तलब की गई है।
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समिति इस बात की भी जांच करेगी कि विधायक निधि को खर्च करने में निर्धारित नियमों और समय सीमा का पालन हुआ है या नहीं। जनप्रतिनिधियों के साथ होने वाले प्रोटोकॉल उल्लंघन के लंबित मामलों और विशेषाधिकार हनन की शिकायतों पर भी समिति कड़ा रुख अपना सकती है।
इन बिंदुओं पर भी होगी चर्चा
ओडीओपी की प्रगति: एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत आगरा (चर्म उत्पाद) और फिरोजाबाद (कांच उद्योग) में निर्धारित लक्ष्यों की वर्तमान स्थिति और प्रगति।
सदन के सवाल: पिछले तीन वर्षों में सदन में पूछे गए अल्पसूचित, तारांकित-अतारांकित प्रश्नों और नियम 115, 105, 110 व 111 के तहत मांगी गई सूचनाओं के जवाबों की समीक्षा।
समितियों के निर्देश: विधान परिषद की विभिन्न समितियों के पूर्व में दिए गए निर्देशों का जिला स्तर पर कितना अनुपालन सुनिश्चित किया गया।