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Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी एक साथ, बिना चावल कैसे मनेगा खिचड़ी पर्व; ये रहा तोड़
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 09 Jan 2026 09:58 AM IST
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सार
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर इस साल दुर्लभ योग बन रहा है। संक्रांति के दिन षटतिला एकादशी भी है, जिससे लोग इस चिंता में हैं कि अब संक्रांति के दिन चावल वाली खिचड़ी कैसे खाएंगे, क्योंकि एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित है।
मकर संक्रांति 2026
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
मकर संक्रांति पर इस वर्ष 22 वर्ष बाद एकादशी का शुभ संयोग बन रहा है। संक्रांति और एकादशी एक दिन होने के कारण इसे आध्यात्मिक रूप से अक्षय पुण्यफल देने वाला माना जाता है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं जिसे उत्तरायण की शुरुआत माना जाता है। वहीं एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित है जो मोक्ष और पापों के नाश करने वाली मानी जाती है।
आचार्य सुभाष चंद्र शास्त्री कहते हैं कि सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में 14 जनवरी की दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर प्रवेश करेंगे। इसलिए त्योहार इसी दिन ही मनाना उचित माना जाएगा। महापुण्य काल दोपहर तीन बजकर 7 मिनट से शाम 6 बजे तक रहेगा। सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करना मकर-संक्रांति कहलाता है। गुड़ के लड्डू, खिचड़ी, कंबल, तिल, गुड़, चावल, उड़द दान करने से विशेष पुण्य मिलता है। बताया कि विष्णु पुराण के मुताबिक चावल का दान में दोष नहीं लगता है। संक्रांति और एकादशी एक दिन होने के कारण चावल दान को लेकर भ्रांति न पालें।
निरोगी रहने के लिए करें उपाय
आचार्य ने बताया कि दीर्घायु और निरोगी रहने के लिए रोगी को इस दिन औषधि, तेल, आहार का दान करना चाहिए। इस दिन जप, तप, दान, स्नान, श्राद्ध, तर्पण का विशेष महत्व है।
भगवान विष्णु को करें अर्पित
भगवान विष्णु को पीले रंग की वस्तुएं अति प्रिय हैं। पूजा के दौरान भगवान को पीले फूल, पीले फल और पीले वस्त्र अर्पित करें।
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आचार्य सुभाष चंद्र शास्त्री कहते हैं कि सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में 14 जनवरी की दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर प्रवेश करेंगे। इसलिए त्योहार इसी दिन ही मनाना उचित माना जाएगा। महापुण्य काल दोपहर तीन बजकर 7 मिनट से शाम 6 बजे तक रहेगा। सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करना मकर-संक्रांति कहलाता है। गुड़ के लड्डू, खिचड़ी, कंबल, तिल, गुड़, चावल, उड़द दान करने से विशेष पुण्य मिलता है। बताया कि विष्णु पुराण के मुताबिक चावल का दान में दोष नहीं लगता है। संक्रांति और एकादशी एक दिन होने के कारण चावल दान को लेकर भ्रांति न पालें।
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निरोगी रहने के लिए करें उपाय
आचार्य ने बताया कि दीर्घायु और निरोगी रहने के लिए रोगी को इस दिन औषधि, तेल, आहार का दान करना चाहिए। इस दिन जप, तप, दान, स्नान, श्राद्ध, तर्पण का विशेष महत्व है।
भगवान विष्णु को करें अर्पित
भगवान विष्णु को पीले रंग की वस्तुएं अति प्रिय हैं। पूजा के दौरान भगवान को पीले फूल, पीले फल और पीले वस्त्र अर्पित करें।