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UP: कक्षा पांच तक ऑनलाइन पढ़ाई पर लगे रोक! गाजियाबाद कांड के बाद महिला आयोग सख्त, डीएम को भेजा पत्र

अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Fri, 06 Feb 2026 09:07 AM IST
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सार

गाजियाबाद में जिस तरह ऑनलाइन गेमिंग की वजह से तीन सगी बहनों ने जान दे दी, उसे लेकर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चाैहान ने चिंता जताई है। उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कहा है कि कक्षा पांचवीं तक ऑनलाइन पढ़ाई पर रोक लगाई जाए। 

No Online Classes Till Class 5: Women’s Commission Issues Strict Guidelines After Ghaziabad Tragedy
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चाैहान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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 गाजियाबाद में ऑनलाइन गेम की लत में तीन मासूम बहनों के जान देने की घटना पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चाैहान ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों को मोबाइल की लत लग रही है। वे शारीरिक और मानसिक रूप से भी कमजोर हो रहे हैं। स्कूलों में कक्षा पांच तक के विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने स्कूलों के लिए दिशा-निर्देश देते हुए प्रदेश के सभी जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है। विषम परिस्थितियों में ही स्कूल मोबाइल पर होमवर्क भेजें।
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महिला आयोग की अध्यक्ष बृहस्पतिवार को जिला जेल में महिला बंदियों से संवाद करने पहुंची थीं। उन्होंने पाकशाला का निरीक्षण किया। बंदियों से भी बात की। दो महिला बंदियों ने सिलाई मशीन की आवश्यकता बताई तो उन्हें मशीन दिलवाने का आश्वासन दिया। जेल में साफ-सफाई भी उचित मिली। इस दाैरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि गाजियाबाद की घटना चिंतनीय है। कोरोना काल में शुरू हुई ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों में मोबाइल की लत लगने लगी। अब हालात सामान्य हैं। इसके बावजूद कई स्कूल छोटे बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाई करा रहे हैं। व्हाट्सएप पर होम वर्क भेजा जाता है। इससे बच्चे मोबाइल देखने के आदी बन रहे हैं।
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बच्चों पर ध्यान देंगे तो नहीं होगी ऐसी घटना
उन्होंने कहा कि ज्यादातर माता-पिता बच्चों के मोबाइल चलाने से त्रस्त हैं। गाजियाबाद की घटना सोशल मीडिया की देन है। लत लगने पर ही इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं। पिता के मोबाइल छोड़ने की बात कहने पर बच्चियों ने आत्महत्या कर ली। माता-पिता को बच्चों पर ध्यान देने की जरूरत है। उनके बीच किसी तरह की दूरी नहीं होनी चाहिए। बच्चे और अभिभावक एक-दूसरे के साथ समय बिताएं। थोड़ा सा ध्यान दें तो इस तरह की दुखद घटना को रोका जा सकता है।
 

माता-पिता भी दें ध्यान
अध्यक्ष ने कहा कि अभिभावक भी बच्चों का किताबों से नाता जोड़ें। अभिभावकों की शिकायत होती है कि होमवर्क और प्रोजेक्ट वर्क मोबाइल पर आते हैं। इस कारण बच्चे मोबाइल ले लेते हैं। इसके बाद वापस नहीं देते। इस कारण हर समय बच्चों के पास बैठ नहीं पाते हैं। कोरोना काल में मजबूरी थी लेकिन अब सबकुछ सामान्य है इसलिए पांचवीं तक के बच्चों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई पर रोक लगनी चाहिए।
 
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