{"_id":"6a6c23f111142f443206fd3b","slug":"only-11-students-in-college-teachers-given-one-week-to-increase-enrolment-or-face-salary-hold-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"11 बच्चों के लिए 11 शिक्षक: इस कॉलेज की बदहाली पर प्रशासन सख्त, एक सप्ताह का दिया समय; रुकेगा शिक्षकों का वेतन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
11 बच्चों के लिए 11 शिक्षक: इस कॉलेज की बदहाली पर प्रशासन सख्त, एक सप्ताह का दिया समय; रुकेगा शिक्षकों का वेतन
Fri, 31 Jul 2026 09:56 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 31 Jul 2026 09:56 AM IST
सार
आगरा के महाराजा सूरजमल इंटर कॉलेज में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षकों और प्रधानाचार्य को एक सप्ताह की मोहलत दी गई है। डीआईओएस ने चेतावनी दी है कि नामांकन नहीं बढ़ा तो जांच रिपोर्ट के आधार पर सभी शिक्षकों का वेतन रोकने सहित कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
डीआईओएस रविंद्र पाल सिंह तोमर पहुंचे कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाराजा सूरजमल इंटर कॉलेज में एक सप्ताह के भीतर छात्र संख्या नहीं बढ़ी तो सभी शिक्षकों का वेतन रोक दिया जाएगा। डीएम मनीष बंसल के निर्देश पर डीआईओएस रविंद्र पाल सिंह तोमर ने बृहस्पतिवार को कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने प्रधानाचार्य और शिक्षकों को एक सप्ताह का समय देते हुए सख्त चेतावनी दी कि नामांकन बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास करें, अन्यथा जांच रिपोर्ट के आधार पर वेतन रोकने सहित आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें - यूपी को नए एक्सप्रेसवे की सौगात: जल्द शुरू होगा काम, तीन राज्यों से गुजरेगा; आसमान छुएंगे जमीनों के भाव
डीआईओएस ने निरीक्षण के दौरान कॉलेज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। विद्यालय के रिकॉर्ड में पहली से पांचवीं तक एक भी विद्यार्थी दर्ज नहीं है। छठवीं में एक, नौवीं में तीन और दसवीं में सात विद्यार्थियों का नामांकन है। इस तरह पूरे विद्यालय में केवल 11 छात्र हैं। कार्यवाहक प्रधानाचार्य सीमा सिंह के अनुसार पूर्व प्रधानाचार्य के समय से प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश नहीं लिए जा रहे थे। उनके अनुसार वर्ष 2023 तक प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश हुए थे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - गोमाता से भी झूठा वादा: गायों के नाम पर बड़े-बड़े दावे, गोशाला नहीं पहुंचा भूसे का एक तिनका; देखें ये रिपोर्ट
गाैरतलब है कि अमर उजाला ने 28 जुलाई के अंक में एक इंटर कॉलेज ऐसा... 11 बच्चों के लिए 11 शिक्षक नामक शीर्षक से कॉलेज की बदहाली पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। खबर में बताया गया था कि कभी 800 विद्यार्थियों वाला यह विद्यालय अब केवल 11 छात्रों तक सिमट गया है। काॅलेज में 11 शिक्षक उपस्थित थे। विद्यालय में करीब 15 वर्षों से बिजली नहीं है और पीने के पानी की समुचित व्यवस्था भी नहीं है। भीषण गर्मी में शिक्षक हाथ से पंखा झलते मिले। इन हालातों ने विद्यालय की बदहाली और शिक्षा व्यवस्था की अनदेखी को उजागर किया था, जिसके बाद डीएम मनीष बंसल ने मामले का संज्ञान लेकर जांच के निर्देश दिए।
ये भी पढ़ें - Agra: भगवान टॉकीज पर बदली यातायात व्यवस्था, दोपहिया-चारपहिया के लिए अलग अंडरपास; इसलिए हुआ बदलाव
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - यूपी को नए एक्सप्रेसवे की सौगात: जल्द शुरू होगा काम, तीन राज्यों से गुजरेगा; आसमान छुएंगे जमीनों के भाव
विज्ञापन
डीआईओएस ने निरीक्षण के दौरान कॉलेज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। विद्यालय के रिकॉर्ड में पहली से पांचवीं तक एक भी विद्यार्थी दर्ज नहीं है। छठवीं में एक, नौवीं में तीन और दसवीं में सात विद्यार्थियों का नामांकन है। इस तरह पूरे विद्यालय में केवल 11 छात्र हैं। कार्यवाहक प्रधानाचार्य सीमा सिंह के अनुसार पूर्व प्रधानाचार्य के समय से प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश नहीं लिए जा रहे थे। उनके अनुसार वर्ष 2023 तक प्राथमिक कक्षाओं में प्रवेश हुए थे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - गोमाता से भी झूठा वादा: गायों के नाम पर बड़े-बड़े दावे, गोशाला नहीं पहुंचा भूसे का एक तिनका; देखें ये रिपोर्ट
गाैरतलब है कि अमर उजाला ने 28 जुलाई के अंक में एक इंटर कॉलेज ऐसा... 11 बच्चों के लिए 11 शिक्षक नामक शीर्षक से कॉलेज की बदहाली पर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। खबर में बताया गया था कि कभी 800 विद्यार्थियों वाला यह विद्यालय अब केवल 11 छात्रों तक सिमट गया है। काॅलेज में 11 शिक्षक उपस्थित थे। विद्यालय में करीब 15 वर्षों से बिजली नहीं है और पीने के पानी की समुचित व्यवस्था भी नहीं है। भीषण गर्मी में शिक्षक हाथ से पंखा झलते मिले। इन हालातों ने विद्यालय की बदहाली और शिक्षा व्यवस्था की अनदेखी को उजागर किया था, जिसके बाद डीएम मनीष बंसल ने मामले का संज्ञान लेकर जांच के निर्देश दिए।
ये भी पढ़ें - Agra: भगवान टॉकीज पर बदली यातायात व्यवस्था, दोपहिया-चारपहिया के लिए अलग अंडरपास; इसलिए हुआ बदलाव