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यूपी: पेट्रोल बनाते हैं सिर्फ 35 रुपये लीटर में, बेचते थे 65 रुपये प्रति लीटर; एसटीएफ ने किया बड़ा खुलासा
Mon, 09 Oct 2023 09:34 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 09 Oct 2023 09:34 AM IST
सार
आगरा में एक ऐसे गिरोह का खुलासा हुआ है जो एक लीटर पेट्रोल महज 35 रुपये में बनाकर तैयार कर रहा था। फिर इसे महज 65 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बेचा जा रहा था।
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पेट्रोल-डीजल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के जगदीशपुरा के अवधपुरी इलाके में एसटीएफ ने बड़ी मात्रा में नकली डीजल-पेट्रोल बरामद किया था। तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी किया। 30 रुपये में नकली डीजल और 35 रुपये में नकली पेट्रोल बनाकर बाजार में 55 से 65 रुपये प्रति लीटर बेचा जा रहा था। पेट्रोल व डीजल में साल्वेंट, थिनर व अन्य केमिकल मिलाते थे। भोर में चार बजे ही गाड़ियां ग्रामीण अंचल में इन्हें खपाने को निकलती थीं। जिला पूर्ति विभाग की ओर से जगदीशपुरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
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यहां मारा गया छापा
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नगला अक्खे शाहगंज और अवधपुरी में दो गोदामों पर छापा मारा था। वहां से 7000 लीटर केमिकल बरामद किया। पुलिस ने गोदामों से योगेश उर्फ अन्नू, संजय उस्मानी निवासी राहुल नगर और रामवीर प्रजापति निवासी मिढ़ाकुर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में योगेश और रामवीर ने बताया कि वह नकली डीजल-पेट्रोल तैयार करने के लिए साल्वेंट के अलावा कई केमिकल हरिद्वार से लेकर आते थे।
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स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नगला अक्खे शाहगंज और अवधपुरी में दो गोदामों पर छापा मारा था। वहां से 7000 लीटर केमिकल बरामद किया। पुलिस ने गोदामों से योगेश उर्फ अन्नू, संजय उस्मानी निवासी राहुल नगर और रामवीर प्रजापति निवासी मिढ़ाकुर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में योगेश और रामवीर ने बताया कि वह नकली डीजल-पेट्रोल तैयार करने के लिए साल्वेंट के अलावा कई केमिकल हरिद्वार से लेकर आते थे।
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डीजल-पेट्रोल तैयार करने में आता था इतना खर्चा
नकली डीजल-पेट्रोल तैयार करने में प्रति लीटर करीब 30 से 35 रुपये खर्चा आता था। इसे ग्रामीण क्षेत्रों में 55 से लेकर 65 रुपये लीटर तक बेचते थे। प्रति लीटर वह 35 से 40 रुपये तक लाभ कमाते थे। सीओ एसटीएफ उदय प्रताप सिंह ने बताया कि मामले में जिला पूर्ति विभाग की ओर से केस दर्ज कराया गया है। अब गोदाम मालिक और इस खेल से जुड़े अन्य लोगों की पुलिस तलाश कर रही है। माना जा रहा है कि यह काम अन्य जगहों पर भी किया जा रहा होगा।
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नकली डीजल-पेट्रोल तैयार करने में प्रति लीटर करीब 30 से 35 रुपये खर्चा आता था। इसे ग्रामीण क्षेत्रों में 55 से लेकर 65 रुपये लीटर तक बेचते थे। प्रति लीटर वह 35 से 40 रुपये तक लाभ कमाते थे। सीओ एसटीएफ उदय प्रताप सिंह ने बताया कि मामले में जिला पूर्ति विभाग की ओर से केस दर्ज कराया गया है। अब गोदाम मालिक और इस खेल से जुड़े अन्य लोगों की पुलिस तलाश कर रही है। माना जा रहा है कि यह काम अन्य जगहों पर भी किया जा रहा होगा।
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नकली में भी घटतौली का खेल
नकली डीजल-पेट्रोल में भी आरोपी घटतौली करते थे। वह एक लीटर की जगह 800 मिली लीटर ही देते थे। उन्होंने एक लीटर के मग में सीमेंट डालकर उसे 800 मिलीलीटर का कर दिया था। डीजल-पेट्रोल बाजार से 30 से 35 रुपये सस्ता होनेे के कारण ग्रामीण अधिक छानबीन नहीं करते थे।
नकली डीजल-पेट्रोल में भी आरोपी घटतौली करते थे। वह एक लीटर की जगह 800 मिली लीटर ही देते थे। उन्होंने एक लीटर के मग में सीमेंट डालकर उसे 800 मिलीलीटर का कर दिया था। डीजल-पेट्रोल बाजार से 30 से 35 रुपये सस्ता होनेे के कारण ग्रामीण अधिक छानबीन नहीं करते थे।