फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   TB Found in Skin Intestines and Genitals Despite No Cough or Breathlessness

टीबी के बदल गए लक्षण: खांसी आई न फूल रही सांस, फिर भी त्वचा, आंत और गुप्तांग में मिली ये खतरनाक बीमारी

Mon, 03 Aug 2026 09:57 AM IST
Dhirendra Singh धर्मेंद्र त्यागी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
धर्मेंद्र त्यागी, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Mon, 03 Aug 2026 09:57 AM IST
सार

आगरा में स्वास्थ्य विभाग के 100 दिन के अभियान में 1.44 लाख से अधिक लोगों की जांच में 10,032 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई, इनमें 4,912 मरीजों में फेफड़ों के अलावा शरीर के अन्य अंगों में टीबी मिली। कई मरीजों में खांसी या सांस फूलने जैसे सामान्य लक्षण नहीं थे, बल्कि वजन घटना, मामूली बुखार, खुजली, पेट और हड्डियों में दर्द जैसी शिकायतें थीं।
 

विज्ञापन
TB Found in Skin Intestines and Genitals Despite No Cough or Breathlessness
टीबी की समस्या। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

न तो खांसी थी और न ही सांस फूल रही थी। मामूली बुखार रहने के साथ वजन कम हो रहा था। पेट में परेशानी तो कभी हड्डियों में दर्द होता था। खुजली को भी सामान्य समझ रहे थे लेकिन जब जांच कराई तो त्वचा, आंत और गुप्तांग में टीबी मिली। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया और अब बीमारी में आराम मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के 100 दिन के अभियान में ऐसे 10,032 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई है।
विज्ञापन


 

अभियान के दौरान 312 शिविर लगाकर 1,44,234 लोगों की जांच की गई। इनमें 1197 बच्चों समेत 10,032 लोगों में टीबी मिली। इनमें से पल्मोनरी (फेफड़े) टीबी के 5,120 और एक्स्ट्रा पल्मोनरी (फेफड़े को छोड़कर) के 4,912 मरीज मिले। इसमें एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी के मरीजों की संख्या बीते साल के मुकाबले 40 फीसदी अधिक मिली। एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी हड्डी, बगल, पेट, आंत, त्वचा, बच्चेदानी, गुप्तांग समेत अन्य अंगों में मिली।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

बीमारी की पुष्टि होने के बाद भी मरीजों का कहना था कि उन्हें खांसी नहीं आती और सांस भी नहीं फूलती थी। सभी का उपचार शुरू कर दिया गया। बीते साल टीबी के 27,248 मरीज उपचार के बाद ठीक हो गए और 12,389 का इलाज चल रहा है।

 
विज्ञापन

ये लक्षण हों तो तत्काल कराएं जांच
- दो सप्ताह तक खांसी, बुखार होना।
- सीने में दर्द, खांसी के साथ खून आना।
- गर्दन में गिल्टी-गांठ, बांझपन की परेशानी।
- भूख न लगना, वजन कम होना, थकान।
- सांस लेने में परेशानी, रात में पसीना आना।
- पेट और हड्डियों में दर्द रहना।

 

हेल्पलाइन नंबर
टीबी मरीज मदद के लिए टोल फ्री नंबर: 1800116666, 0562-2600412 पर कॉल कर सकते हैं।

 

ढाई घंटे में ही जांच कर इलाज शुरू
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि शिविर में संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग, एक्सरे और सीबी नॉट मशीन से बलगम की जांच की। दो-ढाई घंटे में ही टीबी की पुष्टि के बाद पंजीकरण कर इलाज शुरू कर दिया गया।

 

जागरूकता की कमी
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुखेश गुप्ता ने बताया कि एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी के बारे में मरीज कम जागरूक मिले। जब आंत, त्वचा, गुप्तांग, हड्डी, दिमाग समेत अन्य में बीमारी बताई तो हैरत में बोले क्या इन अंगों में भी टीबी हो सकती है।

 

केस स्टडी- 1: शहीद नगर निवासी 52 साल के व्यक्ति को त्वचा में खुजली शुरू हो गई। वह इसे सामान्य समझते रहे। ठीक नहीं होने पर शिविर में जांच कराई तो टीबी की पुष्टि हुई। अब इलाज शुरू कर दिया गया है।

 

केस स्टडी-2 : शाहगंज निवासी 28 साल की महिला बांझपन की परेशानी से जूझ रही थी। स्त्री रोग विशेषज्ञ को दिखाया तो जांचें सामान्य थीं, ऐसे में टीबी की जांच के लिए कहा। जांच में बच्चेदानी में टीबी की पुष्टि हुई।

 

ये रही अभियान की स्थिति:
- 312 शिविर लगाए गए
1.44 लाख लोगों की स्क्रीनिंग

10,032 में टीबी की पुष्टि हुई
5,120 में फेफड़े की टीबी मिली

4,912 मरीजों के अन्य अंगों में टीबी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed