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UP: स्कूल वैन की फीस होगी महंगी! RTO और चालकों की रार में पिस रहे बच्चों के अभिभावक, अब किराया बढ़ाने का दबाव

Mon, 03 Aug 2026 10:08 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Mon, 03 Aug 2026 10:08 AM IST
सार

आरटीओ और यातायात पुलिस की कार्रवाई के बाद स्कूली वाहनों में बच्चों की संख्या तय सीमा तक सीमित कर दी गई है, लेकिन अब कुछ चालक अभिभावकों पर किराया बढ़ाने का दबाव बना रहे हैं।

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Parents Caught in RTO-Driver Dispute as School Van Operators Push for Higher Fares
स्कूल वैन - फोटो : Archive

विस्तार

संभागीय परिवहन विभाग (आरटीओ) ने हर साल की तरह इस बार भी स्कूली वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया। ज्यादा बच्चे बैठाने पर चालान काटे तो चालकों ने विरोध कर दिया। अब वे किराया बढ़ाने का दबाव बना रहे हैं, जिससे विभाग और चालकों की इस रार में अभिभावक परेशान हो रहे हैं।
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आरटीओ प्रवर्तन विभाग और यातायात पुलिस ने 8 से 15 जुलाई तक अभियान चलाया। कोई भी वाहन चालक 14 से कम बच्चे नहीं बैठा रहा था। इस वजह से कार्रवाई की गई। पिछले वर्ष भी स्कूली वाहन का किराया बढ़ाया गया था। दयालबाग निवासी रश्मि यादव ने बताया कि उनका किराया 2000 रुपये था। अब बच्चों की संख्या कम होने पर किराया बढ़ाने की बात कही जा रही है। कमला नगर निवासी अभिषेक अग्रवाल के दो बच्चे स्कूली वाहन से जाते हैं। उनके एक बच्चे का किराया 1500 रुपये है, जबकि स्कूल तीन किलोमीटर से भी कम दूर है। उन्होंने स्कूली वाहनों का किराया भी निर्धारित करने की मांग की है।
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दबाव बनाना गलत
प्राइवेट स्कूल वैन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष  संजीव दुबे का कहना है कि यूनियन की तरफ से किराया बढ़ाने का कोई प्रस्ताव पास नहीं किया गया है। अभिभावकों पर किराया बढ़ाने का दबाव बनाना गलत है।
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तय की गई है संख्या
सहायक संभागीय परिवहन प्रवर्तन अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि स्कूली वाहन में बच्चों की संख्या निर्धारित है। पांच सीटर में 6 और 8 सीटर कैब में 11 बच्चों को बैठाने की अनुमति है। इससे अधिक स्कूली वाहन में बच्चे बैठाने पर कार्रवाई की जाती है। 

 
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