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UP: ऑनलाइन लेनदेन कारोबारियों के लिए बना मुसीबत, पुलिस ने फ्रीज कराए 50 से अधिक खाते; जानें पूरा मामला
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Mon, 30 Mar 2026 01:10 PM IST
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सार
फर्जी खातों से लेन-देने होने के कारण बैंक खातों को फ्रीज कर दिया जाता है। ऐसे में कारोबारियों के सामने समस्या खड़ी हो जाती है। इससे बचने के लिए पुलिस अधिकारियों की ओर से जानकारी दी गई है। साथ ही खाता फ्रीज होने पर उसे फ्री कराने का तरीका भी बताया गया है।
UPI PAYMENT
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सालभर में करीब 50 से ज्यादा बैंक खातों को पुलिस ने लेन-देन पर रोक लगवाते हुए फ्रीज करवा दिया। साइबर क्राइम थाना पुलिस के पास पहुंचे मामलों की जांच में सामने आया कि साइबर अपराध से जुड़े खातों का इस्तेमाल अक्सर राह चलते दुकानों और प्रतिष्ठानों में जाकर किया जाता है। खरीदारी कर ऑनलाइन भुगतान अपराधी करते हैं। भुगतान लेने वाले की गलती नहीं होती मगर उसे परेशानी का सामना करना पड़ता है। पीड़ित खुद बैंक और पुलिस के पास नहीं जाता है तो पुलिस उसके पास नोटिस भेज देती है। ऐसे में जिस व्यक्ति ने कभी थाने की चौखट पर पैर भी नहीं रखा, उसे महीनों थाने के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। फंसने के बाद डरकर व्यापारी ऑनलाइन रुपयों का भुगतान भी नहीं ले रहे हैं।
राजस्थान में होटल संचालकों ने बंद कर रखा है यूपीआई लेन-देन
हाल ही में एसटीएफ ने राजस्थान के सवाई माधोपुर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वह टेलीग्राम पर पुलिस भर्ती का पेपर देने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से ठगी कर रहे थे। तब पुलिस को पता चला था कि सवाई माधोपुर में कई साइबर ठग गैंग सक्रिय हैं। वह जिले में आने वाले पर्यटकों को भी शिकार बना रहे हैं। फर्जी खातों से लेन-देने होने के कारण होटल और रेस्तरां संचालकों के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया जाता है। इस कारण अधिकतर होटल और रेस्तरा संचालक खातों में यूपीआई से रकम नहीं लेते हैं। वह पर्यटकों से भी कैश में रकम लेते हैं।
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हाल ही में एसटीएफ ने राजस्थान के सवाई माधोपुर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वह टेलीग्राम पर पुलिस भर्ती का पेपर देने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से ठगी कर रहे थे। तब पुलिस को पता चला था कि सवाई माधोपुर में कई साइबर ठग गैंग सक्रिय हैं। वह जिले में आने वाले पर्यटकों को भी शिकार बना रहे हैं। फर्जी खातों से लेन-देने होने के कारण होटल और रेस्तरां संचालकों के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया जाता है। इस कारण अधिकतर होटल और रेस्तरा संचालक खातों में यूपीआई से रकम नहीं लेते हैं। वह पर्यटकों से भी कैश में रकम लेते हैं।
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खाता फ्रीज होने पर ऐसे मिलेगा समाधान
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि यूपीआई खातों का इस्तेमाल अब चलन में है। कई बार ऐसा भी होता है कि साइबर अपराध से संबंधित बैंक खातों से राशि कारोबारी के खाते में स्थानांतरित होती है। साइबर ठगी की शिकायत पर जांच के दौरान ठगी में इस्तेमाल खाते से जिन खातों में लेन-देन दिखता है, उन्हें भी फ्रीज कर दिया जाता है। अगर किसी व्यक्ति का अपराध से संबंध नहीं है तो वह साइबर सेल और थाना साइबर क्राइम के पास शिकायत कर सकता है। बैंक से लेनदेन की जानकारी की जाती है। अगर पहले का कोई संदिग्ध लेन-देन न मिले तो खाता फ्री कर दिया जाता है।
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि यूपीआई खातों का इस्तेमाल अब चलन में है। कई बार ऐसा भी होता है कि साइबर अपराध से संबंधित बैंक खातों से राशि कारोबारी के खाते में स्थानांतरित होती है। साइबर ठगी की शिकायत पर जांच के दौरान ठगी में इस्तेमाल खाते से जिन खातों में लेन-देन दिखता है, उन्हें भी फ्रीज कर दिया जाता है। अगर किसी व्यक्ति का अपराध से संबंध नहीं है तो वह साइबर सेल और थाना साइबर क्राइम के पास शिकायत कर सकता है। बैंक से लेनदेन की जानकारी की जाती है। अगर पहले का कोई संदिग्ध लेन-देन न मिले तो खाता फ्री कर दिया जाता है।
1930 पर भी कर सकते हैं शिकायत
डीसीपी ने बताया कि साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर साइबर अपराध होने पर शिकायत की जाती है। साथ ही अगर खाता बिना किसी आपराधिक गतिविधि के सीज हो जाए तो भी इसी नंबर पर शिकायत कर सकते हैं। शिकायत के बाद संबंधित साइबर थाना पुलिस जांच कर खाता दोबारा शुरू करवा देती है।
डीसीपी ने बताया कि साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर साइबर अपराध होने पर शिकायत की जाती है। साथ ही अगर खाता बिना किसी आपराधिक गतिविधि के सीज हो जाए तो भी इसी नंबर पर शिकायत कर सकते हैं। शिकायत के बाद संबंधित साइबर थाना पुलिस जांच कर खाता दोबारा शुरू करवा देती है।
पुलिस ने बंद कराया खाता
ट्रांस यमुना क्षेत्र के जिम संचालक ने अपने ग्राहकों से यूपीआई से 3400 रुपये अपने बैंक खाते में लिए। 24 घंटे बाद खाता फ्रीज हो गया। बैंक जाने पर पता चला कि पुलिस ने खाता बंद कराया है। संपर्क करने पर साइबर सेल से पता चला कि साइबर ठगी में इस्तेमाल किसी खाते से रकम उनके खाते में आई है। इसलिए खाता सीज कराया गया है।
भुगतान लेते ही खाता बंद
जगदीशपुरा के मोहित एक एप के लिए डिलीवरी का काम करते हैं। किसी ग्राहक ने कैश ऑन डिलीवरी पर खाना मंगाया और उन्होंने अपने यूपीआई खाते के क्यूआर कोड पर भुगतान ले लिया। अगले दिन उनका खाता साइबर थाना पुलिस ने फ्रीज करवा दिया। पता चला कि जिस खाते से रकम पहुंची, उसे साइबर ठगी में इस्तेमाल किया गया था।
ये भी पढ़ें-महंगा हुआ बाहर का खाना: पीएनजी की कीमतों में 15 फीसदी की बढ़ोतरी, होटल-रेस्तरां बढ़ाएंगे खाद्य पदार्थों के रेट
ट्रांस यमुना क्षेत्र के जिम संचालक ने अपने ग्राहकों से यूपीआई से 3400 रुपये अपने बैंक खाते में लिए। 24 घंटे बाद खाता फ्रीज हो गया। बैंक जाने पर पता चला कि पुलिस ने खाता बंद कराया है। संपर्क करने पर साइबर सेल से पता चला कि साइबर ठगी में इस्तेमाल किसी खाते से रकम उनके खाते में आई है। इसलिए खाता सीज कराया गया है।
भुगतान लेते ही खाता बंद
जगदीशपुरा के मोहित एक एप के लिए डिलीवरी का काम करते हैं। किसी ग्राहक ने कैश ऑन डिलीवरी पर खाना मंगाया और उन्होंने अपने यूपीआई खाते के क्यूआर कोड पर भुगतान ले लिया। अगले दिन उनका खाता साइबर थाना पुलिस ने फ्रीज करवा दिया। पता चला कि जिस खाते से रकम पहुंची, उसे साइबर ठगी में इस्तेमाल किया गया था।
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