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Taj Mahotsav 2026: 'सब लगते हैं नटवरलाल, दिल्ली के दरबारों में...', कवि सम्मेलन में सत्ता पर करारा तंज
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 20 Feb 2026 09:19 AM IST
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सार
ताज महोत्सव में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कवियों ने सत्ता पर करारा तंज किया। वीर रस के प्रख्यात कवि डॉ. हरिओम पवार ने अपनी चिर-परिचित शैली से लोगों की दिल जीत लिया।
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
ताज महोत्सव में बृहस्पतिवार रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। वीर रस के प्रख्यात कवि डॉ. हरिओम पवार ने अपनी चिर-परिचित शैली में सत्ता के गलियारों और राजनैतिक शुचिता पर करारा तंज कसा। इससे पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा।
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मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित कवि सम्मेलन में उन्होंने व्यवस्था की विसंगतियों को उधेड़ा। उन्होंने पढ़ा- कैसे हैं मां तेरे लाल, दिल्ली के दरबार में... सब लगते हैं नटवर लाल, दिल्ली के दरबार में। उनकी इन पंक्तियों ने महोत्सव की रात को एक वैचारिक विमर्श में बदल दिया।
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वंदे मातरम और राष्ट्र गौरव एवं परंपरा थीम पर आधारित इस सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित कवियों ने शिरकत की। संवेदना और समर्पण के स्वर में सचिन सारंग ने वर्तमान परिस्थितियों पर चिंता जताई। कहा कि ‘भारत माता घायल हैं, पहले उपचार जरूरी है...।’ डॉ. रुचि चतुर्वेदी ने राष्ट्र वंदना करते हुए वंदे मातरम राष्ट्र सकल यशगान है, के साथ जन-जन में राष्ट्रप्रेम का भाव फूंका।
श्वेता सिंह ने मानवीय स्वभाव के स्याह पक्षों को उजागर किया तो दान बहादुर सिंह ने स्वाभिमान और सम्मान की रक्षा का संदेश दिया। हास्य और शृंगार का संगम भी दिखा। डॉ. विष्णु सक्सेना और डॉ. मुकेश मणिकांचन ने प्रेम और सौहार्द की रचना सुनाई। जयपुर के डॉ. मारुति नंदन और सरदार प्रताप फौजदार ने अपने चुटीले व्यंग्यों से दर्शकों को हंसने पर मजबूर किया। शशांक प्रभाकर, पदम गौतम और हेमंत पांडेय ने भी अपनी रचनाएं सुनाईं।