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आगरा नगर निगम में रार: नगरायुक्त-मेयर के बीच विवाद में बसपा की एंट्री, पार्षद बोले- गुमराह कर बैठक में बुलाया

संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: Arun Parashar Updated Wed, 25 Mar 2026 06:34 PM IST
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सार

आगरा में नगर निगम में नगरायुक्त और मेचर के बीच की रार थमने का नाम नहीं ले रही है। अब इसमें बसपा पार्षदों की एंट्री भी हो गई है। बसपा पार्षदों ने गुमराह कर सदन में बुलाने का आरोप लगाया है। कहा कि वह सदन नहीं, बल्कि भाजपा की बैठक थी। 

Rift between Mayor and Municipal Commissioner at Agra Municipal Corporation
बसपा पार्षदों ने मेयर पर लगाए आरोप। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

आगरा नगर निगम में महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह और नगर आयुक्त के बीच छिड़ा विवाद अब और गहरा गया है। बुधवार को इस विवाद में बसपा पार्षदों ने भी एंट्री मार दी। बसपा पार्षद दल ने महापौर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें सदन के नाम पर गुमराह कर भाजपा की निजी बैठक में बुलाया गया था। जैसे ही उन्हें असलियत का पता चला, वे बैठक का बहिष्कार कर बाहर निकल आए।
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लोकतंत्र की हत्या और जनता से विश्वासघात
साकेत कॉलोनी में बुधवार दोपहर 12 बजे आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान बसपा पार्षद दल के नेता कप्तान सिंह और उप नेता रेखा भास्कर ने तीखे तेवर अपनाए। उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त के खिलाफ लाए गए निंदा प्रस्ताव का बिना सदन के कोई कानूनी या नैतिक महत्व नहीं है। पार्षदों ने इसे आगरा की जनता के साथ विश्वासघात और नगर निगम के इतिहास में लोकतंत्र की हत्या करार दिया। पार्षद कप्तान सिंह ने आरोप लगाया कि जब विपक्ष ने निगम की विफलताओं पर सवाल उठाए, तो महापौर ने उन्हें दुस्साहस करने वाला बताकर माफी मांगने का दबाव बनाया।
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बसपा पार्षदों का कहना है कि महापौर सदन चलाने के बजाय विपक्ष के लिए मिर्ची लगी जैसे असंसदीय शब्दों का प्रयोग कर चुकी हैं, जो पार्षदों का सीधा अपमान है। विपक्ष ने वित्तीय कुप्रबंधन को लेकर निगम प्रशासन को घेरते हुए कहा कि 15वें वित्त आयोग के 140 करोड़ रुपये का बजट 31 मार्च तक वापस होने की कगार पर है। बोर्ड की बैठकें और कार्यकारिणी की प्रक्रियाएं पूरी न होने से विकास कार्य ठप हैं। पिछले तीन वर्षों से महापौर और नगर आयुक्त के बीच जारी शीत युद्ध का खामियाजा जनता और पार्षद भुगत रहे हैं।

भीम नगरी और अंबेडकर जयंती पर आंदोलन की चेतावनी
बसपा पार्षदों ने प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि 100 वार्डों में विकास कार्य ठप होने से जनता को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने मांग की कि 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती और भीम नगरी के विकास कार्य तत्काल पूरे किए जाएं। यदि एक हफ्ते में सुधार नहीं हुआ, तो बसपा पार्षद दल बड़ा आंदोलन शुरू करेगा। इस अवसर पर पार्षद अरविंद मथुरिया, उप नेता पार्षद दल रेखा भास्कर, गंगाराम माथुर, मोहम्मद सुहेल कुरैशी और बंटी माहौर आदि ने विचार रखे।

महापौर हर महीने नगर आयुक्त पर भ्रष्टाचार के नए आरोप लगाती हैं, लेकिन आज तक कोई जांच पूरी नहीं हुई। समझ नहीं आता कि कुछ दिनों बाद ऐसी कौन सी सुविधा उन तक पहुंच जाती है कि उनकी आवाज बंद हो जाती है। -कप्तान सिंह, नेता बसपा पार्षद दल



 
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