फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Security guard dies after being shot by his own gun on a roadways bus in Aligarh

यूपी रोडवेज में फायरिंग: छह माह पहले खरीदी थी बंदूक, ब्रेकर पर बस उछलने के दौरान चली गोली; गार्ड विनोद की मौत

Fri, 10 Jul 2026 03:27 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, कासगंज
अमर उजाला नेटवर्क, कासगंज Published by: Sharukh Khan Updated Fri, 10 Jul 2026 03:27 PM IST
सार

यूपी के अलीगढ़ में दिल्ली-कानपुर हाईवे पर बृहस्पतिवार दोपहर में चलती रोडवेज बस में झटका लगने से सिक्योरिटी गार्ड विनोद यादव (35) की बंदूक से अचानक गोली चल गई। गोली विनोद के सीने में जा धंसी। इससे उनकी मृत्यु हो गई। हादसे की जानकारी पर पहुंचे पुलिसकर्मी उनका शव उठाने लगे।

विज्ञापन
Security guard dies after being shot by his own gun on a roadways bus in Aligarh
सिक्योरिटी गार्ड विनोद यादव की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मैनपुरी डिपो की रोडवेज बस में अलीगढ़ के गभाना के पास एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। दिल्ली ड्यूटी पर जा रहे सिढ़पुरा क्षेत्र के ग्राम दामरी निवासी सिक्योरिटी गार्ड विनोद सिंह यादव (45) की अपनी ही लोड बंदूक से गोली चलने से मौत हो गई। 
विज्ञापन


हादसा उस वक्त हुआ जब तेज रफ्तार बस ब्रेकर पर उछली और बंदूक का ट्रिगर दब गया। गोली सीधे विनोद के सीने में जा लगी। इस वाकये के बाद मौके पर पहुंची पुलिस के हाथ से भी उसी बंदूक से दोबारा गोली चल गई, जिससे एक सिपाही व यात्री घायल हो गए।
विज्ञापन


ग्राम दामरी निवासी विनोद सिंह यादव नोएडा की एक निजी कंपनी में बतौर सिक्योरिटी गार्ड तैनात थे। वह पिछले करीब आठ दिनों से गांव आए हुए थे और यहीं रहकर खेतीबाड़ी देख रहे थे। बृहस्पतिवार को कंपनी से बुलावा आने पर वह अपनी बंदूक लेकर एटा से मैनपुरी डिपो की बस में सवार होकर दिल्ली जा रहे थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

जैसे ही बस अलीगढ़ के गभाना क्षेत्र में पहुंची, एक ऊंचे स्पीड ब्रेकर पर बस तेजी से उछल गई। झटका इतना जोरदार था कि विनोद के पास रखी लोड गन का ट्रिगर अचानक दब गया। गोली सीधे उनके सीने में समा गई और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। 

हादसे के बाद बस को पैराई पुलिस चौकी पर रोका गया। सूचना पर पहुंची पुलिस जब बस के अंदर से दुर्घटनाग्रस्त बंदूक को कब्जे में ले रही थी, इस दौरान एक पुलिसकर्मी के हाथ से बंदूक दोबारा फायर हो गई। इस दूसरी गोली की चपेट में आने से मौके पर मौजूद एक पुलिस सिपाही और बस का एक यात्री घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

ग्रामीणों ने बताया कि मृतक विनोद के पिता स्व. सौदान सिंह पीएसी में तैनात थे। पिता के निधन के बाद विनोद को असलहे का यह लाइसेंस वारिसान में मिला था। विनोद ने महज छह महीने पहले ही यह बंदूक खरीदी थी, जो उनकी मौत का कारण बन गई। 

 

हादसे की खबर जैसे ही दामरी गांव पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। पति की मौत की खबर सुनते ही पत्नी आरती बेसुध हो गई। वहीं मां शकुंतला, बेटे प्रशांत (14), अंश (10) और सात वर्षीय बेटी वैष्णवी का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद मृतक के भाई प्रमोद यादव व पत्नी आरती सहित अन्य परिजन शव को लेने अलीगढ़ के लिए रवाना हो गए हैं।

बस में अपनी ही बंदूक की गोली लगने से सिक्योरिटी गार्ड की मौत
दिल्ली-कानपुर हाईवे पर बृहस्पतिवार दोपहर में चलती रोडवेज बस में झटका लगने से सिक्योरिटी गार्ड विनोद यादव (35) की बंदूक से अचानक गोली चल गई। गोली विनोद के सीने में जा धंसी। इससे उनकी मृत्यु हो गई। हादसे की जानकारी पर पहुंचे पुलिसकर्मी उनका शव उठाने लगे। इसी दौरान गार्ड की बंदूक से दोबारा गोली चल गई। इसकी चपेट में आने से मुख्य आरक्षी और एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

 

मैनपुरी डिपो की रोडवेज बस करीब 30 यात्रियों को लेकर एटा से दिल्ली से जा रही थी। बस में कासगंज जिले निवासी विनोद यादव और उनके पड़ोसी राकेश कुमार सवार थे। दोनों अपनी-अपनी लाइसेंसी सिंगल बैरल रिपीटर बंदूक लेकर गाजियाबाद जा रहे थे। बंदूकें बस के फर्श के सहारे टिकी हुई थीं। 

 

गभाना क्षेत्र में पैराई पुलिस चौकी से करीब दो किलोमीटर आगे पहुंची बस में अचानक झटका लगने से बंदूक से फायर हो गया। गोली विनोद यादव के सीने में जा धंसी और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उनका शव बंदूक के ऊपर गिर पड़ा। गोली चलते ही बस में चीख-पुकार मच गई। चालक ओमकार सिंह ने बस को पैराई पुलिस चौकी पर ले जाकर रोका और पुलिस को सूचना दी।

 

चौकी पर बस रुकते ही यात्री नीचे उतर गए। बस में चालक और पीछे बैठे यात्री ब्रजेश ही थे। मुख्य आरक्षी रवेंद्र सिंह बस से उतारने के लिए शव उठाने लगे। तभी नीचे दबी बंदूक से दूसरा फायर हो गया। गोली रवेंद्र के पैर में जा लगी, जबकि छर्रे लगने से ब्रजेश घायल हो गए। पुलिस ने दोनों घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। पुलिस ने हादसे बंदूक को कब्जे में ले लिया है।

नौकरी की तलाश में जा रहे थे दोनों पड़ोसी
मृतक विनोद के भतीजे आकाश ने बताया कि विनोद और राकेश दोनों गाजियाबाद में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी तलाशने जा रहे थे। वहां एक परिचित ने उन्हें एक कंपनी में इंटरव्यू के लिए बुलाया था। खुद को अनुभवी दिखाने के लिए दोनों अपनी-अपनी लाइसेंसी बंदूकें भी साथ लेकर जा रहे थे।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed