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UP: कोठी मीना बाजार विवाद में डीएम आगरा को हाईकोर्ट का अवमानना नोटिस, निर्माण पर उठे सवाल
Fri, 10 Jul 2026 11:15 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 10 Jul 2026 11:15 AM IST
सार
प्रयागराज हाईकोर्ट ने कोठी मीना बाजार भूमि विवाद में यथास्थिति के आदेश के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने पर जिलाधिकारी मनीष बंसल और समिति सचिव को अवमानना नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई में प्रशासन की ओर से जवाब दाखिल किया जाएगा।
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कोठी मीना बाजार मैदान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
प्रयागराज हाईकोर्ट ने कोठी मीना बाजार मैदान के स्वामित्व विवाद में यथास्थिति के आदेश के बावजूद निर्माण पर जिलाधिकारी मनीष बंसल और गजानन सहकारी आवास समिति सचिव दीपक गुप्ता के विरुद्ध अवमानना नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति विकास की अदालत ने प्रथम दृष्टया इसे न्यायालय की अवमानना माना। अदालत ने विपक्षी पक्षकारों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होने की छूट दी है।
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यह आदेश अवमानना याचिका सिविल संख्या 4111/2026 पर 8 जुलाई को सुनवाई करते हुए दिया गया, जिसे राजेंद्र सिंह और एक अन्य ने दायर किया है। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता पीपी चौधरी ने अदालत को बताया कि प्रथम अपील संख्या 309/2025 उत्तर प्रदेश राज्य बनाम श्रीराम सिंह व अन्य में हाईकोर्ट ने 23 अप्रैल 2025 को संपत्ति की प्रकृति और कब्जे के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने का स्पष्ट आदेश दिया था। याचिकाकर्ता का आरोप है कि न्यायालय के इस आदेश की अवहेलना करते हुए वर्तमान में कोठी मीना बाजार मैदान की विवादित भूमि पर पांच मंजिल अवैध निर्माण कार्य किया जा रहा है।
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अवमानना याचिका में लगाया गया आरोप
यह भूमि उन्होंने निष्क्रांत संपत्ति के रूप में भारत सरकार के पुनर्वास मंत्रालय से आयोजित नीलामी में खरीदी थी, जिसका सेल सर्टिफिकेट उनके पक्ष में है। वहीं, मूल वाद संख्या 668/1987 में सिविल जज सीनियर डिवीजन ने 6 फरवरी 2025 को याचिकाकर्ताओं के पक्ष में डिक्री पारित की थी। इसके खिलाफ राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में प्रथम अपील दायर की, जिसमें 23 अप्रैल 2025 को कोर्ट ने यथास्थिति का आदेश पारित किया था। अवमानना याचिका में आरोप लगाया गया है कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद जिला प्रशासन और कलेक्टर ने विवादित भूमि को मेले और प्रदर्शनी के लिए आवंटित कर दिया और वहां अतिक्रमण कर निर्माण कार्य किया जा रहा है।
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आदेश का होगा अनुपालन
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि कोठी मीना बाजार मामले में हाईकोर्ट में जवाब दाखिल किया जाएगा। न्यायालय के आदेश का अनुपालन होगा।
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यह आदेश अवमानना याचिका सिविल संख्या 4111/2026 पर 8 जुलाई को सुनवाई करते हुए दिया गया, जिसे राजेंद्र सिंह और एक अन्य ने दायर किया है। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता पीपी चौधरी ने अदालत को बताया कि प्रथम अपील संख्या 309/2025 उत्तर प्रदेश राज्य बनाम श्रीराम सिंह व अन्य में हाईकोर्ट ने 23 अप्रैल 2025 को संपत्ति की प्रकृति और कब्जे के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने का स्पष्ट आदेश दिया था। याचिकाकर्ता का आरोप है कि न्यायालय के इस आदेश की अवहेलना करते हुए वर्तमान में कोठी मीना बाजार मैदान की विवादित भूमि पर पांच मंजिल अवैध निर्माण कार्य किया जा रहा है।
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अवमानना याचिका में लगाया गया आरोप
यह भूमि उन्होंने निष्क्रांत संपत्ति के रूप में भारत सरकार के पुनर्वास मंत्रालय से आयोजित नीलामी में खरीदी थी, जिसका सेल सर्टिफिकेट उनके पक्ष में है। वहीं, मूल वाद संख्या 668/1987 में सिविल जज सीनियर डिवीजन ने 6 फरवरी 2025 को याचिकाकर्ताओं के पक्ष में डिक्री पारित की थी। इसके खिलाफ राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में प्रथम अपील दायर की, जिसमें 23 अप्रैल 2025 को कोर्ट ने यथास्थिति का आदेश पारित किया था। अवमानना याचिका में आरोप लगाया गया है कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद जिला प्रशासन और कलेक्टर ने विवादित भूमि को मेले और प्रदर्शनी के लिए आवंटित कर दिया और वहां अतिक्रमण कर निर्माण कार्य किया जा रहा है।
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आदेश का होगा अनुपालन
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि कोठी मीना बाजार मामले में हाईकोर्ट में जवाब दाखिल किया जाएगा। न्यायालय के आदेश का अनुपालन होगा।
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