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UP: खेतों में नहीं उड़ पाए ड्रोन, महिलाओं को नहीं मिला रोजगार; फ्लॉप साबित हुई ड्रोन दीदी योजना

Fri, 10 Jul 2026 11:30 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Fri, 10 Jul 2026 11:30 AM IST
सार

ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई ड्रोन दीदी योजना आगरा में खर्च और तकनीकी खामियों के कारण सफल नहीं हो सकी। हालांकि, योजना को फिर से गति देने के लिए हाल ही में नई महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया है।

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Drone Didi Scheme Fails to Take Off Due to High Costs and Technical Issues
ड्रोन दीदी योजना - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को आधुनिक टेक्नोलॉजी से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई ड्रोन दीदी योजना क्षेत्र में फिलहाल परवान नहीं चढ़ सकी है। तीन साल पहले खंदौली, फतेहाबाद, बाह क्षेत्र की तीन महिलाओं को खेतों में उर्वरक और कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन दिए गए थे, ताकि वे रोजगार के साथ अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें। लेकिन धरातल पर यह योजना पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई।
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इस योजना के बंद होने की सबसे बड़ी वजह ड्रोन को लाने-ले जाने में होने वाला भारी-भरकम खर्च रहा। एक साधारण महिला के लिए रोजाना ड्रोन को खेत तक ले जाने में ही 1,000 से 1,500 रुपये खर्च हो जाते थे, जो एक आम महिला के बजट से बाहर था। इसके अलावा, तकनीकी खामियां भी बड़ी बाधा बनीं, ड्रोन की बैटरी की क्षमता बेहद कम थी और लिक्विड (कीटनाशक) ले जाने की क्षमता भी सीमित थी, जिससे बार-बार रीफिलिंग करनी पड़ती थी।
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नए सिरे से किया जा रहा काम
हालांकि, छह महीने पहले इस योजना को दोबारा रफ्तार देने के लिए 10,15 नई ड्रोन दीदियों को ट्रेनिंग दी गई है, जिससे एक बार फिर उम्मीदें जागी हैं।  जिला मिशन प्रबंधक मयंक सिंह ने बताया कि शुरुआती दौर में ड्रोन के लाने-ले जाने के खर्च और तकनीकी सीमाओं के कारण महिलाओं को परेशानी आई थी। लेकिन अब इस योजना को व्यावहारिक बनाने के लिए नए सिरे से काम किया जा रहा है।


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