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UP: श्री मन:कामेश्वर मंदिर में 11 रुद्र अखंड ज्योत का रजतावरण, 2028 में बाबा पहनेंगे 200 किलो चांदी
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 02 Feb 2026 09:32 AM IST
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सार
आगरा के श्री मन:कामेश्वर मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार और गुरुजनों के आशीर्वाद के साथ चांदी से निर्मित 11 रुद्र अखंड ज्योत रजतावरण का जीर्णोद्धार संपन्न हुआ। महंत योगेश पुरी ने रजत दीपों को प्रज्वलित किया।
श्री मन:कामेश्वर मंदिर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
श्री मन:कामेश्वर मंदिर रावतपाड़ा में माघ पूर्णिमा पर भक्ति और परंपरा का अनुपम संगम देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार और गुरुजनों के आशीर्वाद के साथ मंदिर परिसर में चांदी से निर्मित 11 रुद्र अखंड ज्योत रजतावरण का जीर्णोद्धार संपन्न हुआ। महंत योगेश पुरी ने रजत दीपों को प्रज्वलित किया।
महंत योगेश पुरी ने बताया कि श्री मन:कामेश्वर मंदिर भारत का पहला शिवालय होगा जहां 11 रुद्र अखंड ज्योति रजतावरण स्वरूप में निरंतर प्रज्जवलित हैं। बाबा मन:कामेश्वर समेत यह द्वादश ज्योतिर्लिंगों के प्रतीक हैं। शास्त्रों के अनुसार सूर्यास्त के समय वैदिक रीति से इस मनोरथ को पूर्ण किया गया। मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि बाबा के दरबार में श्रद्धालु शारीरिक, मानसिक या आर्थिक कष्टों के निवारण के लिए संकल्प लेते हैं और मनोकामना पूर्ण होने पर पुनः दीप जलाते हैं। उन्होंने बताया कि अखंड ज्योतियां कोरोना काल में भी जलती रहीं।
हरिहर पुरी ने बताया कि पिछले वर्ष बाबा को 100 किलो चांदी से निर्मित भव्य द्वार समर्पित किया गया था। वर्ष 2028 तक मुख्य शिवलिंग का चांदी का आवरण बदला जाएगा। इसके लिए 200 किलोग्राम चांदी का आवरण तैयार कराकर बाबा को धारण कराया जाएगा। शिव भक्तों ने दीप जलाकर लोक-कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर प्रांगण हर हर महादेव और जय शिव शंभू के जयघोष से गूंज उठा।
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महंत योगेश पुरी ने बताया कि श्री मन:कामेश्वर मंदिर भारत का पहला शिवालय होगा जहां 11 रुद्र अखंड ज्योति रजतावरण स्वरूप में निरंतर प्रज्जवलित हैं। बाबा मन:कामेश्वर समेत यह द्वादश ज्योतिर्लिंगों के प्रतीक हैं। शास्त्रों के अनुसार सूर्यास्त के समय वैदिक रीति से इस मनोरथ को पूर्ण किया गया। मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि बाबा के दरबार में श्रद्धालु शारीरिक, मानसिक या आर्थिक कष्टों के निवारण के लिए संकल्प लेते हैं और मनोकामना पूर्ण होने पर पुनः दीप जलाते हैं। उन्होंने बताया कि अखंड ज्योतियां कोरोना काल में भी जलती रहीं।
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हरिहर पुरी ने बताया कि पिछले वर्ष बाबा को 100 किलो चांदी से निर्मित भव्य द्वार समर्पित किया गया था। वर्ष 2028 तक मुख्य शिवलिंग का चांदी का आवरण बदला जाएगा। इसके लिए 200 किलोग्राम चांदी का आवरण तैयार कराकर बाबा को धारण कराया जाएगा। शिव भक्तों ने दीप जलाकर लोक-कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर प्रांगण हर हर महादेव और जय शिव शंभू के जयघोष से गूंज उठा।
