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अब खाएं तो खाएं क्या?: मसालों में डंठल तो सरसों के तेल में मिला राइसब्रान, दाल के नमूने फेल; नमकीन मिली घटिया
Sun, 09 Aug 2026 09:53 AM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 09 Aug 2026 09:53 AM IST
सार
मसालों के 25 नमूनों की जांच में पांच नमूने फेल मिले। इनमें मिर्च-धनिया में डंठल और सिंथेटिक रंग पाया गया। पानी की गुणवत्ता भी खराब मिली। पैक्ड पानी के 13 में से 6 के नमूने फेल पाए गए। इन सभी के विक्रेताओं पर कानूनी कार्रवाई की गई है।
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खाने की हर चीज में मिलावट।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मुनाफाखोर मसालों से लेकर सरसों के तेल और नमकीन में भी मिलावट कर रहे हैं। मसालों में डंठल और सिंथेटिक रंग तो सरसों और वनस्पति तेल में राइसब्रान, आर्जिमोन के बीजों के तेल की मिलावट पकड़ी जा चुकी है। यहां तक कि पैक्ड पानी भी पीने लायक नहीं निकला है। खाद्य विभाग ने नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे थे। रिपोर्ट में मिलावट का खेल सामने आया।
सहायक आयुक्त खाद्य महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि खाद्य विभाग ने अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक की जांच में रिपोर्ट के अनुसार बताया कि सरसों के तेल के 42 नमूनों में 12 नमूने फेल मिले, जिनमें 11 में मिलावट पाई गई। इनमें पाम ऑयल, राइस ब्रान ऑयल, आर्जिमोन के बीजों के तेल की मिलावट पाई गई। दाल और नमकीन भी घटिया पाए गए, इनमें घुन (कीड़े) मिले। दाल के 57 की जांच में 11 नमूने फेल मिले। इसमें 10 में दाल घटिया पाई गई। एक में कीड़े मिले। मसालों की बात करें तो 25 की जांच में पांच नमूने फेल मिले। इनमें मिर्च-धनिया में डंठल और सिंथेटिक रंग पाया गया।
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सहायक आयुक्त खाद्य महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि खाद्य विभाग ने अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक की जांच में रिपोर्ट के अनुसार बताया कि सरसों के तेल के 42 नमूनों में 12 नमूने फेल मिले, जिनमें 11 में मिलावट पाई गई। इनमें पाम ऑयल, राइस ब्रान ऑयल, आर्जिमोन के बीजों के तेल की मिलावट पाई गई। दाल और नमकीन भी घटिया पाए गए, इनमें घुन (कीड़े) मिले। दाल के 57 की जांच में 11 नमूने फेल मिले। इसमें 10 में दाल घटिया पाई गई। एक में कीड़े मिले। मसालों की बात करें तो 25 की जांच में पांच नमूने फेल मिले। इनमें मिर्च-धनिया में डंठल और सिंथेटिक रंग पाया गया।
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पानी की गुणवत्ता भी खराब मिली। पैक्ड पानी के 13 में से 6 के नमूने फेल पाए गए। इन सभी के विक्रेताओं पर कानूनी कार्रवाई की गई है। डिप्टी सीएमओ डाॅ. नंदन सिंह का कहना है कि मिलावटी और घटिया सामग्री बीमारियों की बड़ी वजह बन रही है। इससे पेट में अल्सर, अपच और फूड पॉयजनिंग का खतरा सबसे ज्यादा है।
बिना दूध से बनी मिठाई में ज्यादा मिलावट
विभाग ने मिठाई के नमूनों की जांच कराई। इसमें बिना दूध के बनने वाली मिठाई के 250 नमूनों में से सिंथेटिक रंग, घटिया बेसन समेत अन्य सामग्री मिली। दूध से बनी मिठाइयों के 11 नमूनों में से एक की गुणवत्ता खराब पाई गई।
इन नंबरों पर करें शिकायत
18001805533, 0562-29700049 पर (सुबह 10 से शाम पांच बजे तक)
ये भी पढ़ें-UP: आटे में मिलाया जा रहा था 'धीमा जहर', जांच में बड़े नेता का सामने आया नाम; भूल से भी न खरीदें इस मिल का आटा
विभाग ने मिठाई के नमूनों की जांच कराई। इसमें बिना दूध के बनने वाली मिठाई के 250 नमूनों में से सिंथेटिक रंग, घटिया बेसन समेत अन्य सामग्री मिली। दूध से बनी मिठाइयों के 11 नमूनों में से एक की गुणवत्ता खराब पाई गई।
इन नंबरों पर करें शिकायत
18001805533, 0562-29700049 पर (सुबह 10 से शाम पांच बजे तक)
ये भी पढ़ें-UP: आटे में मिलाया जा रहा था 'धीमा जहर', जांच में बड़े नेता का सामने आया नाम; भूल से भी न खरीदें इस मिल का आटा