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UP: टीटीजेड में कैसे लगाएं उद्योग? भू-उपयोग और प्रदूषण स्कोर की जांच जरूरी, इन नियमों पर उतरना होगा खरा

Fri, 31 Jul 2026 09:54 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Fri, 31 Jul 2026 09:54 AM IST
सार

टीटीजेड में नए उद्योग लगाने और पुराने उद्योगों के विस्तार के आवेदनों की अब लैंड यूज और वायु प्रदूषण स्कोर के आधार पर कड़ी जांच होगी। तीन सदस्यीय कमेटी दस्तावेजों की जांच के साथ मौके पर भौतिक सत्यापन करेगी, इसके बाद ही उद्योगों को मंजूरी मिल सकेगी।

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Strict Screening for Industries in Taj Trapezium Zone: Land Use and Air Pollution Scores to Be Verified
टीटीजेड चेयरमैन नगेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में अहम बैठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) क्षेत्र में अब नए उद्योगों की स्थापना और पुराने के विस्तार के लिए भू-उपयोग (लैंड यूज) और वायु प्रदूषण स्कोर की कड़ी जांच होगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने आवेदनों की स्क्रूटनी के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह कमेटी कागजी परीक्षण के साथ-साथ मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करेगी, जिसके बिना किसी भी उद्योग को हरी झंडी नहीं मिलेगी।
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टीटीजेड में उद्योगों की स्थापना और विस्तार पर लगी रोक में रियायत देते हुए 23 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने 410 एमएसएमई इकाइयों के लंबित आवेदनों के निस्तारण के निर्देश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने टीटीजेड चेयरमैन के अलावा नए उद्योगों पर निर्णय लेने के लिए सीईसी और नीरी विशेषज्ञ सहित त्रिस्तरीय कमेटी बनाने के निर्देश दिए थे।
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आदेश को धरातल पर उतारने के लिए बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त एवं टीटीजेड चेयरमैन नगेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी मनीष बंसल, एडीए उपाध्यक्ष एम. अरुन्मौली, उपायुक्त उद्योग शैलेंद्र सिंह और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि उद्योगों के लिए आने वाले आवेदनों का परीक्षण अब संबंधित क्षेत्र के उप जिलाधिकारी (एसडीएम), उपायुक्त उद्योग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी की संयुक्त कमेटी करेगी।

इन मानकों पर कसेंगे आवेदन
कमेटी मुख्य रूप से इस बात की जांच करेगी कि प्रस्तावित औद्योगिक इकाई का लैंड यूज सही है या नहीं। इसके साथ ही उद्योग की श्रेणी और उसके वायु प्रदूषण स्कोर का बारीकी से आकलन किया जाएगा। अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने से पहले आवेदनों से जुड़े सभी जरूरी प्रपत्रों का परीक्षण और मौके पर भौतिक सत्यापन अनिवार्य होगा, ताकि ताज संरक्षित क्षेत्र में पर्यावरण मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा सके।

 
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