{"_id":"6a5704fb5f426ffd150912ef","slug":"supreme-court-to-decide-on-lifting-ttz-industrial-ban-on-july-23-2026-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"TTZ: उद्योगों से रोक हटेगा या रहेगी बरकरार, 23 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होगा फैसला; अटॉर्नी जनरल करेंगे पैर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
TTZ: उद्योगों से रोक हटेगा या रहेगी बरकरार, 23 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होगा फैसला; अटॉर्नी जनरल करेंगे पैर
Wed, 15 Jul 2026 09:26 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 15 Jul 2026 09:26 AM IST
सार
अक्तूबर 2024 से टीटीजेड क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना और विस्तार पर रोक लगी हुई है, जिससे निवेश और औद्योगिक परियोजनाएं प्रभावित हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी पैरवी की तैयारी की है। उद्योग संगठनों को उम्मीद है कि सुनवाई के बाद क्षेत्र के कारोबार को बड़ी राहत मिल सकती है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) उद्योग धंधों की स्थापना एवं विस्तार पर लगी रोक हटेगी या नहीं यह 23 जुलाई को तय होगा। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब सरकार की तरफ से इस मामले में अटॉर्नी जनरल पैरवी करेंगे। इनके अलावा उद्यमियों की तरफ से भी वकीलों का पैनल खड़ा किया जाएगा।
ये भी पढ़ें - जनकपुरी महोत्सव 2026: नेपाल में जैसा है जनक महल, वैसा ही आगरा में सजेगा; मिथिला संस्कृति की दिखेगी भव्य झलक
ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने टीटीजेड बनाया था। अक्तूबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने टीटीजेड में नए उद्योगों की स्थापना और पुराने उद्योगें के विस्तार पर रोक लगा रखी है। पिछले दो साल से एक भी नया उद्योग शुरू नहीं हो सका। पुराने उद्योगों की क्षमता वृद्धि नहीं हो पा रही। उन्हें नए बिजली कनेक्शन नहीं मिल रहे। विद्युत भार भी नहीं बढ़ रहा। उधर, आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे स्थित इंटीग्रेटिड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) शुरू नहीं हो पा रहा। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में निवेश रुका हुआ है। अन्य प्रोजेक्ट भी प्रभावित हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - UP: तीन दिन से तलाश, बंद मोबाइल और फिर नाले में मिला शव; सुरक्षाकर्मी की मौत बनी पहेली
टीटीजेड के सदस्य एवं लघु उद्योग भारती जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता ने बताया कि उद्योगों से रोक हटनी चाहिए। ताजमहल की खातिर लाखों लोगों की रोजी रोटी नहीं छिनी जानी चाहिए। प्रभावी पैरवी और रोक हटवाने के लिए पिछले दिनों कानून मंत्री से मुलाकात की थी। उधर, नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल का कहना है कि चैंबर की तरफ से भी पैरवी की जा रही है। जल्द उद्योग धंधों के लिए राहत की खबर मिलेगी।
ये भी पढ़ें - UP: 'दिल में बाबर, मुंह में राम...', मथुरा-वृंदावन में लगा दिए ऐसे पोस्टर, सपा नेताओं का खौल उठा खून
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - जनकपुरी महोत्सव 2026: नेपाल में जैसा है जनक महल, वैसा ही आगरा में सजेगा; मिथिला संस्कृति की दिखेगी भव्य झलक
विज्ञापन
ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने टीटीजेड बनाया था। अक्तूबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने टीटीजेड में नए उद्योगों की स्थापना और पुराने उद्योगें के विस्तार पर रोक लगा रखी है। पिछले दो साल से एक भी नया उद्योग शुरू नहीं हो सका। पुराने उद्योगों की क्षमता वृद्धि नहीं हो पा रही। उन्हें नए बिजली कनेक्शन नहीं मिल रहे। विद्युत भार भी नहीं बढ़ रहा। उधर, आगरा लखनऊ एक्सप्रेस-वे स्थित इंटीग्रेटिड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) शुरू नहीं हो पा रहा। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में निवेश रुका हुआ है। अन्य प्रोजेक्ट भी प्रभावित हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - UP: तीन दिन से तलाश, बंद मोबाइल और फिर नाले में मिला शव; सुरक्षाकर्मी की मौत बनी पहेली
टीटीजेड के सदस्य एवं लघु उद्योग भारती जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता ने बताया कि उद्योगों से रोक हटनी चाहिए। ताजमहल की खातिर लाखों लोगों की रोजी रोटी नहीं छिनी जानी चाहिए। प्रभावी पैरवी और रोक हटवाने के लिए पिछले दिनों कानून मंत्री से मुलाकात की थी। उधर, नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के अध्यक्ष मनोज कुमार बंसल का कहना है कि चैंबर की तरफ से भी पैरवी की जा रही है। जल्द उद्योग धंधों के लिए राहत की खबर मिलेगी।
ये भी पढ़ें - UP: 'दिल में बाबर, मुंह में राम...', मथुरा-वृंदावन में लगा दिए ऐसे पोस्टर, सपा नेताओं का खौल उठा खून