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नए नियम: नोटिस और पेनल्टी से कैसे बच सकते हैं व्यापारी, इनकम टैक्स सेमिनार में हुआ मंथन
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 19 May 2026 11:51 AM IST
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सार
आगरा में आयोजित टैक्स सेमिनार में विशेषज्ञों ने व्यापारियों को जीएसटी और आयकर के नए नियमों के बारे में जानकारी देते हुए फर्जी आईटीसी और गलत लेनदेन से बचने की सलाह दी। डिजिटल अनुपालन और रिकॉर्ड अपडेट रखने को अनिवार्य बताते हुए नियमों के पालन पर जोर दिया गया है।
टैक्स सेमिनार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
इंजीनियरिंग कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन का टैक्स सेमिनार सोमवार को अतिथिवन वाटरवर्क्स पर आयोजित किया गया। यहां पर व्यापारियों को विशेषज्ञों ने जीएसटी और इनकम टैक्स के नए नियम, पेनल्टी और नोटिस से बचने के तरीके बताए।
सीए निखिल गुप्ता ने बताया कि एक अप्रैल से जीएसटी में ई-इनवॉइसिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) मिलान सख्त हो गया है। व्यापारियों को ट्रिब्यूनल में अपील करते समय प्री-डिपॉजिट और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। फर्जी आईटीसी और बिना ई-वे बिल के लेनदेन से बचें। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, केवल तकनीकी खामी के आधार पर वास्तविक व्यापारियों का आईटीसी नहीं रोका जा सकता।
आयकर विशेषज्ञ सीए अरविंद अग्रवाल ने कहा कि डिजिटल अनुपालन और बैंकिंग लेनदेन की निगरानी बढ़ने से छोटी फर्मों पर दबाव बढ़ा है। टीडीएस-टीसीएस की सख्ती के कारण छोटी सी चूक पर नोटिस आ रहे हैं। ऐसे में रिकॉर्ड को अपडेट रखना अनिवार्य हो गया है।
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कार्यक्रम संयोजक अमित मित्तल ने व्यापारियों की शंकाओं का समाधान किया। अध्यक्ष अतुल गोयल ने आभार जताया। इस मौके पर मुकेश जैन, मनोज अग्रवाल, नितिन गर्ग, मनोज गर्ग, दीपेंद्र बंसल, सुलभ गर्ग, अमित जैन, अतुल गुप्ता, संजय आदि मौजूद रहे।
सीए निखिल गुप्ता ने बताया कि एक अप्रैल से जीएसटी में ई-इनवॉइसिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) मिलान सख्त हो गया है। व्यापारियों को ट्रिब्यूनल में अपील करते समय प्री-डिपॉजिट और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। फर्जी आईटीसी और बिना ई-वे बिल के लेनदेन से बचें। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, केवल तकनीकी खामी के आधार पर वास्तविक व्यापारियों का आईटीसी नहीं रोका जा सकता।
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आयकर विशेषज्ञ सीए अरविंद अग्रवाल ने कहा कि डिजिटल अनुपालन और बैंकिंग लेनदेन की निगरानी बढ़ने से छोटी फर्मों पर दबाव बढ़ा है। टीडीएस-टीसीएस की सख्ती के कारण छोटी सी चूक पर नोटिस आ रहे हैं। ऐसे में रिकॉर्ड को अपडेट रखना अनिवार्य हो गया है।
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कार्यक्रम संयोजक अमित मित्तल ने व्यापारियों की शंकाओं का समाधान किया। अध्यक्ष अतुल गोयल ने आभार जताया। इस मौके पर मुकेश जैन, मनोज अग्रवाल, नितिन गर्ग, मनोज गर्ग, दीपेंद्र बंसल, सुलभ गर्ग, अमित जैन, अतुल गुप्ता, संजय आदि मौजूद रहे।