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UP: पुलिस से बचने के लिए क्या से क्या किया, शहर छोड़ा और बदल डाला नाम; गैंगस्टर फिर भी न बच सका
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 09 Feb 2026 09:42 AM IST
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सार
आगरा के जगदीशपुरा थाने की पुलिस ने 10 वर्षों से भागे हुए 25 हजार के इनामी गैंगस्टर को गिरफ्तार कर लिया। गैंगस्टर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए शहर छोड़ दिया था। यहां तक अपना नाम भी बदल लिया था।
अशोक उर्फ उमाशंकर उर्फ राहुल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के थाना जगदीशपुरा पुलिस ने 10 वर्षों से भागे हुए 25 हजार के इनामी गैंगस्टर को प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। आरोपी 10 वर्ष पहले फर्जी पता बताकर जेल गया था और फर्जी दस्तावेज से जमानत पर रिहा होेने के बाद से गायब था। उसके पास से आगरा और कानपुर के पते के फर्जी आधार कार्ड और 2240 रुपये बरामद हुए हैं। पुलिस ने उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेजा गया।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि 2016 में पुलिस ने लखनऊ के इंदिरानगर निवासी अशोक उर्फ उमाशंकर उर्फ राहुल को गैंगस्टर के मामले में जेल भेजा था। उसने अपना फर्जी पता पुलिस को बताया था। उसने फर्जी जमानतें लगाकर जेल से रिहाई करवा ली थी। जमानत देने वालों पर कार्रवाई की गई थी। इसके बाद से उसका पता नहीं चल रहा था।
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डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि 2016 में पुलिस ने लखनऊ के इंदिरानगर निवासी अशोक उर्फ उमाशंकर उर्फ राहुल को गैंगस्टर के मामले में जेल भेजा था। उसने अपना फर्जी पता पुलिस को बताया था। उसने फर्जी जमानतें लगाकर जेल से रिहाई करवा ली थी। जमानत देने वालों पर कार्रवाई की गई थी। इसके बाद से उसका पता नहीं चल रहा था।
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पुलिस आयुक्त ने उस पर इनाम घोषित किया। पुलिस टीम को निर्देश देकर गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किए गए। प्रयागराज के गंगा पुल के पास से आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर गैंगस्टर समेत चार मामले दर्ज हैं।
टिफिन सर्विस का काम किया
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि रिहाई के बाद उसने काफी समय न्यू आगरा के दयालबाग क्षेत्र में पहचान छिपाकर गुजारे। राहुल टिफिन सर्विस के नाम से काम शुरू किया था। डिलीवरी के दौरान आईएसबीटी पर बसों पर उसके पोस्टर चस्पा दिखे। अखबारों में खबर देखी तो पकड़े जाने का डर लगा। आगरा से भाग कर नाम बदल कर कानपुर में रहा और अब प्रयागराज में छिपकर रह रहा था। मजदूरी कर गुजर बसर करता था।
ये भी पढ़ें - शादी में बवाल: जान बचाने के लिए भागने लगे मेहमान, युवक को लगी गोली; फोटोग्राफर से शुरू हुआ विवाद
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि रिहाई के बाद उसने काफी समय न्यू आगरा के दयालबाग क्षेत्र में पहचान छिपाकर गुजारे। राहुल टिफिन सर्विस के नाम से काम शुरू किया था। डिलीवरी के दौरान आईएसबीटी पर बसों पर उसके पोस्टर चस्पा दिखे। अखबारों में खबर देखी तो पकड़े जाने का डर लगा। आगरा से भाग कर नाम बदल कर कानपुर में रहा और अब प्रयागराज में छिपकर रह रहा था। मजदूरी कर गुजर बसर करता था।
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