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Aligarh News: अलीगढ़ से फरीदाबाद जा रही रोडवेज बस में 62 यात्री बिना टिकट पकड़े
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उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बुद्धविहार डिपो की बस की चेकिंग के दौरान सोमवार को बड़ा मामला सामने आया है। लखनऊ से पहुंची टीम ने जांच के दौरान अलीगढ़ से फरीदाबाद जा रही रोडवेज बस में सफर कर रहे 72 यात्रियों में से 62 यात्रियों को बिना टिकट पकड़ा है।
इस बीच परिचालक टीम के सामने टिकट मशीन फेंककर भाग गया। इस पूरे प्रकरण से विभाग में खलबली मच गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने बस के चालक-परिचालक की सेवा समाप्त कर दी है। इसके अलावा संबंधित टीआई (ट्रैफिक इंस्पेक्टर) को भी निलंबित कर दिया गया है। चेकिंग स्क्वायड से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बुद्धविहार डिपो की बस संख्या यूपी 78 एलएन -2671 अलीगढ़ से फरीदाबाद जा रही थी। बस पर संविदा चालक मिथुन व परिचालक जगदीश गाैतम ड्यूटी पर थे। बस में कुल 72 सवारियां सवार थी। रोडवेज के लखनऊ मुख्यालय से मुख्य प्रबंधक गाैरव वर्मा के नेतृत्व वाली चेकिंग टीम ने बस को टप्पल व पलवल के बीच चेकिंग के लिए रोक लिया। चेकिंग में बस में 62 सवारियां बिना टिकट मिलीं। इसी दाैरान परिचालक जगदीश गाैतम चेकिंग टीम को टिकट मशीन थमाकर वहां से भाग गया। इस संबंध में टीम ने कार्रवाई के बारे में रोडवेज के अधिकारियों को जानकारी दी।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक सत्येंद्र कुमार वर्मा ने चेकिंग में बिना टिकट यात्रियों को पकड़े जाने की कार्रवाई होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले में रिपोर्ट बनाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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कहां था चेकिंग दस्ता?, उठ रहे सवाल
बस में 72 यात्रियों के सफर के दौरान 62 के बिना टिकट मिलने के बाद तमाम सवाल उठ रहे हैं कि रास्ते में मौजूद चेकिंग दस्ते ने बस की चेकिंग क्यों नहीं की? सवाल यह भी है कि नियमित चेकिंग होती तो इतनी बड़ी संख्या में बिना टिकट यात्री पकड़े जाने की शायद नौबत नहीं आती। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में बिना टिकट यात्रियों के मिलने के बाद विभागीय स्तर पर मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि बिना टिकट यात्रा कराने का खेल कब से चल रहा था और अब तक रोडवेज को कितना राजस्व घाटा हुआ..? इसका आकलन नहीं हुआ है।
आठ साल पहले एसटीएफ पकड़ चुकी है टिकटों का फर्जीवाड़ा
21 अगस्त 2018 को अलीगढ़ -मथुरा मार्ग पर इगलास के पास एसटीएफ ( स्पेशल टास्क फोर्स ) ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश कर चुकी है जो रोडवेज को फर्जी टिकटों के माध्यम से हर साल करोड़ों रुपये का चूना लगा रहा था। इस मामले में गिरोह के 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस गिरोह में बाउंसर भी शामिल थे, जो भी अधिकारी नहीं मानता था उन्हें धमकाया जाता था। इस पूरे मामले में अलीगढ़ के तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक, दो सहायक प्रबंधक अलीगढ़ व हाथरस, तीन टीएस को निलंबित किया गया था।
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इस बीच परिचालक टीम के सामने टिकट मशीन फेंककर भाग गया। इस पूरे प्रकरण से विभाग में खलबली मच गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने बस के चालक-परिचालक की सेवा समाप्त कर दी है। इसके अलावा संबंधित टीआई (ट्रैफिक इंस्पेक्टर) को भी निलंबित कर दिया गया है। चेकिंग स्क्वायड से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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बुद्धविहार डिपो की बस संख्या यूपी 78 एलएन -2671 अलीगढ़ से फरीदाबाद जा रही थी। बस पर संविदा चालक मिथुन व परिचालक जगदीश गाैतम ड्यूटी पर थे। बस में कुल 72 सवारियां सवार थी। रोडवेज के लखनऊ मुख्यालय से मुख्य प्रबंधक गाैरव वर्मा के नेतृत्व वाली चेकिंग टीम ने बस को टप्पल व पलवल के बीच चेकिंग के लिए रोक लिया। चेकिंग में बस में 62 सवारियां बिना टिकट मिलीं। इसी दाैरान परिचालक जगदीश गाैतम चेकिंग टीम को टिकट मशीन थमाकर वहां से भाग गया। इस संबंध में टीम ने कार्रवाई के बारे में रोडवेज के अधिकारियों को जानकारी दी।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक सत्येंद्र कुमार वर्मा ने चेकिंग में बिना टिकट यात्रियों को पकड़े जाने की कार्रवाई होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले में रिपोर्ट बनाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कहां था चेकिंग दस्ता?, उठ रहे सवाल
बस में 72 यात्रियों के सफर के दौरान 62 के बिना टिकट मिलने के बाद तमाम सवाल उठ रहे हैं कि रास्ते में मौजूद चेकिंग दस्ते ने बस की चेकिंग क्यों नहीं की? सवाल यह भी है कि नियमित चेकिंग होती तो इतनी बड़ी संख्या में बिना टिकट यात्री पकड़े जाने की शायद नौबत नहीं आती। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में बिना टिकट यात्रियों के मिलने के बाद विभागीय स्तर पर मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि बिना टिकट यात्रा कराने का खेल कब से चल रहा था और अब तक रोडवेज को कितना राजस्व घाटा हुआ..? इसका आकलन नहीं हुआ है।
आठ साल पहले एसटीएफ पकड़ चुकी है टिकटों का फर्जीवाड़ा
21 अगस्त 2018 को अलीगढ़ -मथुरा मार्ग पर इगलास के पास एसटीएफ ( स्पेशल टास्क फोर्स ) ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश कर चुकी है जो रोडवेज को फर्जी टिकटों के माध्यम से हर साल करोड़ों रुपये का चूना लगा रहा था। इस मामले में गिरोह के 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस गिरोह में बाउंसर भी शामिल थे, जो भी अधिकारी नहीं मानता था उन्हें धमकाया जाता था। इस पूरे मामले में अलीगढ़ के तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक, दो सहायक प्रबंधक अलीगढ़ व हाथरस, तीन टीएस को निलंबित किया गया था।