हॉस्पिटल में मरीज पर फायरिंग: शूटर की हुई पहचान, युवती का दूसरा भाई भी घटना के समय आया था अस्पताल
रेनुका हॉस्पिटल में भर्ती खैर के गांव अहरौला के वेदपाल (32) की सोमवार रात दस बजे गोली मारकर हत्या की गई थी। वेदपाल ने प्रेम प्रसंग में मथुरा गोविंद नगर की युवती की शादी कहीं और हो जाने पर उसे परेशान किया था, जिस पर उसके भाइयों ने घटना की थी।
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अलीगढ़ के मैरिस रोड स्थित रेनुका हॉस्पिटल में हुए वेदपाल हत्याकांड में पुलिस ने इटावा के पीएसीकर्मी भूपेंद्र के साथ आकर वेदपाल को गोली मारने वाले शूटर की पहचान कर ली है। वह छाता का रहने वाला और पीएसीकर्मी के दोस्त का छोटा भाई है। घटना के समय हॉस्पिटल तक इनके साथ मथुरा की उस युवती का छोटा भाई भी आया था, जिसे परेशान करने पर वेदपाल की हत्या की गई।
रेनुका हॉस्पिटल में भर्ती खैर के गांव अहरौला के वेदपाल (32) की सोमवार रात दस बजे गोली मारकर हत्या की गई थी। वेदपाल ने प्रेम प्रसंग में मथुरा गोविंद नगर की युवती की शादी कहीं और हो जाने पर उसे परेशान किया था, जिस पर उसके भाइयों ने घटना की थी। इस मामले में मंगलवार को बागपत पुलिस में चालक पद पर तैनात युवती के पिता को पुलिस ने जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार हत्या में शामिल रहा युवती का चचेरा भूपेंद्र इटावा में पीएसी में तैनात है।
घटना के समय उसके साथ टोपी लगाए आए शूटर की पहचान मूल रूप से छाता (मथुरा) निवासी शिवम उर्फ भोला के रूप में हुई है। शिवम भूपेंद्र के दोस्त का छोटा भाई है। भूपेंद्र का मथुरा के हाईवे क्षेत्र में पार्टनरशिप में होटल है, जिसकी देखभाल शिवम करता है। उसने ही अस्पताल के कमरे में घुसकर वेदपाल को गोली मारी थी और भूपेंद्र कमरे के गेट पर खड़ा रहा था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के समय युवती का एक अन्य छोटा भाई अभिषेक भी हॉस्पिटल के आसपास था। वह नोएडा में किसी निजी कंपनी में जॉब करता है। हालांकि, भागते समय वह भूपेंद्र व शिवम के साथ नहीं था। पुलिस ने अंदेशा जताया गया है कि वह साजिश के तहत किसी तरह से दोनों के फंसने पर उन्हें निकालने के मकसद से बाहर दूसरे वाहन पर खड़ा रहा होगा। अब तीनों फरार हैं, जिनकी लोकेशन मथुरा के बाद से नहीं मिल रही है।
सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि हत्याकांड में फरार दो मुख्य आरोपियों के साथ-साथ तीसरे की लोकेशन भी घटना के समय यहां होना पाया जा रहा है। तीनों की तलाश की जा रही है। हत्या से पहले और बाद में युवती का बड़ा भाई जितेंद्र दोनों मुख्य आरोपियों के संपर्क में था। वह आगरा डीआईजी कार्यालय में तैनात है, उसकी पत्नी भी आगरा पुलिस में ही कार्यरत है। घटना के कुछ देर बाद वह आगरा से टूंडला पहुंचा। फिर कुछ देर उसका मोबाइल बंद हो गया। बाद में वह आगरा पहुंच गया।
अलीगढ़ पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया तो उसने बताया कि उसे जानकारी थी कि दोनों वेदपाल की हत्या करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि वह हत्या के बाद उसे कॉल करेंगे। इसलिए वह अपनी लोकेशन बदल रहा था व बार-बार मोबाइल स्चिव ऑफ और ऑन कर रहा था। सीओ तृतीय ने बताया कि जितेंद्र को पूछताछ के लिए बुलाया गया है।