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SIR: अलीगढ़ में बने रोहिंग्या-घुसपैठियों के आधार कार्ड, एटीएस सहित अन्य एजेंसियां जुटा रहीं सुराग

अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sat, 29 Nov 2025 01:39 PM IST
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सार

इस नेटवर्क ने अलीगढ़ के साथ साथ पश्चिमी यूपी के हाथरस, बुलंदशहर, कासगंज, एटा, बदायूं, संभल, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर आदि के लोगों के आधार बनाए गए थे।

Aadhaar cards for Rohingya infiltrators made in Aligarh
आधार कार्ड (aadhaar card) - फोटो : संवाद
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विस्तार
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एसआईआर सर्वे के बीच अलीगढ़ में सरकारी साइटें हैककर बनाए गए कूटरचित आधार कार्ड एजेंसियों की जांच के घेरे में आ गए हैं। चूंकि बांग्लादेशी नेटवर्क से जुड़े इस गिरोह द्वारा रोहिंग्या से लेकर नेपाल व घुसपैठियों तक के कूटरचित आधार कार्ड बनाने का अंदेशा है। इधर, अब सरकार ने आधार कार्ड को पते के बाद अब जन्मतिथि का प्रमाण पत्र मान्यता भी खत्म कर दी है। इसलिए एजेंसियों के स्तर से इनकी गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच के आधार पर इन आधार कार्डों को सरकार के स्तर से रद्द करने पर निर्णय लिया जा सकता है।

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एसटीएफ लखनऊ यूनिट ने क्वार्सी के जीवनगढ़ इलाके से 5-6 नवंंबर की रात कार्रवाई करते हुए जनसेवा केंद्रों पर छापा मारकर उनके संचालक साजिद हुसेन व नईमुद्दीन को दबोचा था। अभी इस गिरोह के दिल्ली निवासी सरगना सहित तीन साथी फरार हैं। मगर इन दोनों से पूछताछ व जांच के आधार पर उजागर हुआ था कि यह नेटवर्क पश्चिम बंगाल में भारतीय सीमा पर फर्जीवाड़ा कर आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह से जुड़ा था। इस गिरोह ने अब तक कई राज्यों की सरकारी साइटें हैककर पांच हजार से अधिक आधार कार्ड बना दिए। चूंकि यह गिरोह लगातार विकसित हो रहे मुस्लिम आबादी वाले इलाके से ऑपरेट हो रहा था। इन तमाम वजहों से एसटीएफ को पूरा अंदेशा था कि गिरोह ने रोहिंग्या व घुसपैंठियों तक के आधार कार्ड बनाए होंगे।

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हमारी पुलिस टीम इस मामले में अपनी विवेचना कर रही है। साइबर की मदद से जानने का प्रयास हो रहा है कि आधार कार्ड कितने बने होंगे। यह इंकार नहीं किया जा सकता कि इसमें रोहिंग्या व अन्य तरह के घुसपैठियों के आधार न बने हों। रहा सवाल एजेंसियों के स्तर से जांच का तो अगर एजेंसी किसी तरह की मदद मांगेंगी तो दी जाएगी।-मृगांक शेखर पाठक, एसपी सिटी

एटीएस सहित अन्य एजेंसियां जुटा रहीं सुराग

उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार इस नेटवर्क के पकड़े जाने के बाद भी खुफिया इनपुट ये मिला है कि अलीगढ़ को चूंकि पनाहगाह के रूप में घुसपैंठियों द्वारा प्रयोग किया जाता रहा है। साथ में प्रदेश में चल रहे फर्जी आधार कार्ड गिरोह की जड़ें यहां गहरी हैं। इसलिए इस नेटवर्क द्वारा बनाए गए आधार कार्ड जांच की जद में लिए गए हैं। साथ में इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों को भी रडार पर लिया गया है। यह भी अंदेशा है कि अन्य लोग भी इस धंधे से जुड़े हो सकते हैं। इन सभी पहलुओं पर एजेंसियों के स्तर से जांच की जा रही है। ताकि इस नेटवर्क द्वारा बनाए गए आधार कार्ड व उनसे जुड़े अन्य प्रमाण पत्र रद्द कराए जा सकें।

इन जिलों के बनाए गए आधार कार्ड
इस नेटवर्क ने अलीगढ़ के साथ साथ पश्चिमी यूपी के हाथरस, बुलंदशहर, कासगंज, एटा, बदायूं, संभल, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर आदि के लोगों के आधार बनाए गए थे।

पंचायत सचिव की आईडी हैककर बने आधार भी जांच की जद में
इस गिरोह के अलावा अपने जिले में बिहार नेटवर्क ने पालीमुकीमपुर क्षेत्र के पंचायत सचिव की आईडी हैककर 597 आधार कार्ड बनाए थे। वे भी जांच की जद में हैं। उनकी जांच कर उन्हें भी रद्द कराया जा सकेगा।

ये आधार फर्जी नहीं, कूटरचित
चूंकि यह आधार कार्ड सरकारी साइटों को हैककर बनाए गए थे। इसलिए इन्हें फर्जी नहीं कहा जा सकता। हां, ये कूटरचित जरूर कहे जा सकते हैं। चूंकि ये गलत तरीके से व गलत लोगों के भी बने हो सकते हैं, इसलिए एजेंसियों द्वारा इनकी गंभीरता से जांच की जा रही है। डेटा संकलन के आधार पर आधार कार्ड चिह्नित कर उन्हें रद्द कराया जाएगा।

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