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Aligarh News: एडीए ने खंगाली पांच साल से धूल फांक रही फाइलें, 7000 भवन स्वामियों को नोटिस थमाए, मची खलबली
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Thu, 25 Jun 2026 11:41 AM IST
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सार
पुलिस विभाग ने भी एडीए को एक महत्वपूर्ण सूची सौंपी है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि शहर में 257 ऐसे होटल संचालित हो रहे हैं, जो सराय एक्ट में पंजीकृत ही नहीं हैं। इन सभी होटलों को पूरी तरह से अवैध माना गया है और एडीए अब इन पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।
अलीगढ़ विकास प्राधिकरण ।
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) ने असुरक्षित मानकों वाले शहर के 7000 भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें से 2000 नोटिस व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन करने वाले भवनों को भेजे गए हैं। इनमें पिछले पांच साल से फाइलों में धूल फांक रहे नोटिसों को दोबारा से सक्रिय कर दिया है।
इस बड़ी कार्रवाई के बीच पुलिस विभाग ने भी एडीए को एक महत्वपूर्ण सूची सौंपी है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि शहर में 257 ऐसे होटल संचालित हो रहे हैं, जो सराय एक्ट में पंजीकृत ही नहीं हैं। इन सभी होटलों को पूरी तरह से अवैध माना गया है और एडीए अब इन पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।
एडीए के उपाध्यक्ष कुलदीप मीणा ने कहा कि नियमों के पालन के स्तर पर भारी कमियां पाई गई हैं। आमतौर पर लोग ले-आउट तो स्वीकृत करा लेते हैं, लेकिन निर्माण पूरा होने के बाद कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं लेते। इसके अलावा अलग-अलग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जरूरी लाइसेंस भी उनके पास नहीं हैं। शहर में अधिकांश व्यावसायिक इमारतें पास हुए नक्शे के अनुरूप नहीं बनी हैं। अवैध निर्माणों और असुरक्षित व्यावसायिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन के साथ मिलकर एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में एडीए को सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
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ये हैं एडीए के नियम
असुरक्षित इमारतों का डाटा एडीए के पास आया
उपाध्यक्ष कुलदीप मीणा ने साफ कर दिया है कि एडीए के पास अब शहर की असुरक्षित इमारतों का पूरा डाटा आ चुका है। एक दिन बाद इस संबंध में विभागीय बैठक होने जा रही है। इस बैठक के बाद सीधे एक्शन मोड में काम होगा। जो निर्माण अवैध हैं और नियमों के मुताबिक कम्पाउंड (शमन योग्य) नहीं किए जा सकते, उन्हें तत्काल सील कर दिया जाएगा। जो निर्माण कम्पाउंड होने की श्रेणी में आते हैं, उन्हें संबंधित विभागों के जरिए नोटिस देकर तय समय सीमा के भीतर मानक पूरे करने के निर्देश दिए जाएंगे।
इस बड़ी कार्रवाई के बीच पुलिस विभाग ने भी एडीए को एक महत्वपूर्ण सूची सौंपी है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि शहर में 257 ऐसे होटल संचालित हो रहे हैं, जो सराय एक्ट में पंजीकृत ही नहीं हैं। इन सभी होटलों को पूरी तरह से अवैध माना गया है और एडीए अब इन पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।
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एडीए के उपाध्यक्ष कुलदीप मीणा ने कहा कि नियमों के पालन के स्तर पर भारी कमियां पाई गई हैं। आमतौर पर लोग ले-आउट तो स्वीकृत करा लेते हैं, लेकिन निर्माण पूरा होने के बाद कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं लेते। इसके अलावा अलग-अलग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जरूरी लाइसेंस भी उनके पास नहीं हैं। शहर में अधिकांश व्यावसायिक इमारतें पास हुए नक्शे के अनुरूप नहीं बनी हैं। अवैध निर्माणों और असुरक्षित व्यावसायिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन के साथ मिलकर एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में एडीए को सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
ये हैं एडीए के नियम
- सड़क की चौड़ाई के मानक- आपके घर या भवन के सामने जितनी चौड़ी सड़क होगी, उसी के अनुपात में ही व्यावसायिक गतिविधि संचालित करने की अनुमति दी जाएगी।
- बेसमेंट का नियम - नियमों के मुताबिक, बेसमेंट का व्यावसायिक उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसका इस्तेमाल केवल पार्किंग या तय मानकों के अनुसार ही किया जा सकता है।
- फायर एनओसी - 15 मीटर या उससे अधिक ऊंचे अपार्टमेंट और बहुमंजिला इमारतों के लिए फायर ब्रिगेड से एनओसी लेना अनिवार्य है।
- लिफ्ट सुरक्षा - एडीए बहुमंजिला इमारतों में लिफ्ट की सुरक्षा और उसके मेंटेनेंस मानकों को लेकर भी बेहद सख्त रुख अपना रहा है।
असुरक्षित इमारतों का डाटा एडीए के पास आया
उपाध्यक्ष कुलदीप मीणा ने साफ कर दिया है कि एडीए के पास अब शहर की असुरक्षित इमारतों का पूरा डाटा आ चुका है। एक दिन बाद इस संबंध में विभागीय बैठक होने जा रही है। इस बैठक के बाद सीधे एक्शन मोड में काम होगा। जो निर्माण अवैध हैं और नियमों के मुताबिक कम्पाउंड (शमन योग्य) नहीं किए जा सकते, उन्हें तत्काल सील कर दिया जाएगा। जो निर्माण कम्पाउंड होने की श्रेणी में आते हैं, उन्हें संबंधित विभागों के जरिए नोटिस देकर तय समय सीमा के भीतर मानक पूरे करने के निर्देश दिए जाएंगे।