Aligarh: चाइनीज मांझे पर योगी सरकार सख्त, अलीगढ़ में भी पुलिस ने शुरू किया सघन चेकिंग अभियान
आज अलीगढ़ के कोतवाली थाना क्षेत्र में पुलिस ने भारी बल के साथ दुकानों और संदिग्ध ठिकानों पर चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस की इस सक्रियता से मांझा विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है।
विस्तार
प्रतिबंधित चाइनीज मांझे से हो रहे हादसों को लेकर प्रदेश की योगी सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद अब प्रदेश भर में चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ "जीरो टॉलरेंस" की नीति अपनाई जा रही है। इसी क्रम में अलीगढ़ पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों में बड़े स्तर पर चेकिंग अभियान छेड़ दिया है।
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि चाइनीज मांझे के कारण किसी व्यक्ति की जान जाती है, तो इसे केवल लापरवाही नहीं माना जाएगा। ऐसे मामलों में अब सीधे हत्या (मर्डर) का केस दर्ज किया जाएगा। यह कदम उन लोगों के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो प्रतिबंध के बावजूद मुनाफे के चक्कर में लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं।
अलीगढ़ में एसएसपी का कड़ा एक्शन
अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार, जिले में अवैध मांझे की धरपकड़ के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस ने साफ किया है कि न केवल बेचने वाले, बल्कि इसका इस्तेमाल (पतंग उड़ाने वाले) करने वालों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोतवाली क्षेत्र में छापेमारी
आज अलीगढ़ के कोतवाली थाना क्षेत्र में पुलिस ने भारी बल के साथ दुकानों और संदिग्ध ठिकानों पर चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस की इस सक्रियता से मांझा विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है। एसपी नीरज जादौन ने कहा पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस जानलेवा मांझे का उपयोग न करें और यदि कहीं इसकी बिक्री हो रही है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें।
खूनी चीनी मांझा अलीगढ़ में ले चुका है जान, परिंदों से लेकर इंसान तक हुए जख्मी
चीनी मांझे (सिंथेटिक धागे) के खिलाफ अब शासन के सख्त रुख अख्तियार करने के बाद जिले में इसके भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध की चेतावनी जारी की है। अलीगढ़ में इस मौत के घागे से लोगों की जान तक गई है। इंसानों से लेकर परिंदे तक जख्मी हुए। कई मामलों में स्थिति बहुत गंभीर हो गई।
चीनी मांझा असल में नायलॉन और प्लास्टिक के मिश्रण से बना होता है, जिस पर कांच और लोहे के महीन बुरादे की परत चढ़ाई जाती है। यह न तो आसानी से टूटता है और न ही गलता है। हवा में लहराता इसका एक छोटा सा टुकड़ा भी तेज धार वाले चाकू की तरह काम करता है। अलीगढ़ के जमालपुर पुल, सारसौल पुल और क्वार्सी (मीनाक्षी) पुल पर सबसे ज्यादा हादसे होते हैं क्योंकि यहाँ बाइक की गति तेज होती है और हवा में लटकता मांझा दिखाई नहीं देता।
क्षेत्रीय अधिकारी विश्वनाथ शर्मा ने स्पष्ट किया है कि चीनी मांझा न केवल इंसानों और पक्षियों के लिए घातक है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी 'नॉन-बायोडिग्रेडेबल' कचरा है। यदि कोई दुकानदार इसे बेचते हुए या कोई नागरिक इसका उपयोग करते हुए पकड़ा गया, तो उस पर भारी जुर्माने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अलीगढ़ में हादसों का खौफनाक इतिहास
- 30 सितंबर 2025 (जमालपुर पुल)- यह अलीगढ़ के सबसे दर्दनाक हादसों में से एक था। मौलाना आजाद नगर निवासी सलमान स्कूटी से अपनी दुकान जा रहे थे। जैसे ही वह जमालपुर पुल पर पहुंचे, कटी पतंग का चीनी मांझा उनके गले में फंस गया। अत्यधिक खून बहने के कारण जेएन मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
- 24 दिसंबर 2025 (रामघाट रोड)- क्वार्सी थाना क्षेत्र के मीनाक्षी पुल पर स्कूटी सवार एक छात्रा अचानक चीनी मांझे की चपेट में आ गई। उसका गला और चेहरा बुरी तरह लहूलुहान हो गया। राहगीरों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां वह गंभीर हालत में रही।
- 17 मई 2024 (सारसौल)- थाना बन्ना देवी क्षेत्र के सारसौल पुल के पास रश्मि वार्ष्णेय नाम की महिला अपने मायके जा रही थी। अचानक बाइक पर मांझा उनके गले में फंस गया। गला बुरी तरह कटने के कारण उन्हें जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा।
हमने लोगों से अपील की है कि अगर चाइनीज मांझा कहीं बिक रहा है या उपलब्ध हो रहा है तो हमें सूचना दें। उससे खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा हमने थाना क्षेत्रों में प्रभारी निर्देश दिए हैं कि वह अपने इलाकों में नजर रखें। - ममता कुरील, एसपी क्राइम
