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Aligarh News: टीएडी पैसेंजर की लेटलतीफी से बढ़ीं दैनिक यात्रियों की मुश्किलें
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भारतीय रेल।
- फोटो : Archive
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टूंडला-अलीगढ़-दिल्ली (टीएडी) पैसेंजर ट्रेन की लगातार हो रही देरी से दैनिक यात्रियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सुबह के समय निर्धारित समय पर अलीगढ़ पहुंचने वाली यह ट्रेन शाम को वापसी में नियमित रूप से दो से पांच घंटे की देरी से चल रही है। कई बार यह देरी छह से आठ घंटे तक पहुंच जाती है, जिससे नौकरीपेशा, छात्र और व्यापारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली, गाजियाबाद, खुर्जा, अलीगढ़, हाथरस और टूंडला के बीच सफर करने वाले सैकड़ों यात्रियों का कहना है कि ट्रेन के संचालन का कोई निश्चित समय नहीं रह गया है। देर रात घर पहुंचने से परिवार की चिंता बढ़ जाती है और अगले दिन की दिनचर्या भी प्रभावित होती है। दैनिक यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से टीएडी पैसेंजर का संचालन समयबद्ध करने, देरी के कारणों की नियमित समीक्षा करने और यात्रियों को सही समय की सूचना उपलब्ध कराने की मांग की है।
-स्थायी समाधान की मांग-
कई महीनों से ट्रेन शायद ही कभी समय पर आई हो। स्टेशन पर घंटों इंतजार करना मजबूरी बन गया है। - योगेश शर्मा, यात्री
नौकरी से लौटने के बाद ट्रेन की देरी के कारण घर पहुंचते-पहुंचते देर रात हो जाती है। इससे महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। - हरीश माहेश्वरी, यात्री
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कई बार ट्रेन इतनी देर से आती है कि मजबूरी में निजी वाहन या बस का सहारा लेना पड़ता है, जिससे अतिरिक्त खर्च बढ़ जाता है।
- राहुल गुप्ता, यात्री
ट्रेन के देरी से आने के कारण पढ़ाई और अन्य जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। रेलवे को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए। - दुर्गेश शर्मा, यात्री
वर्जन
विभिन्न रेलखंडों पर ट्रैफिक दबाव, परिचालन संबंधी कारणों और अन्य ट्रेनों को प्राथमिकता दिए जाने के कारण कई बार टीएडी पैसेंजर निर्धारित समय से विलंब से पहुंचती है। ट्रेन की समयबद्धता में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
- अमित कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी उत्तर मध्य रेलवे
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दिल्ली, गाजियाबाद, खुर्जा, अलीगढ़, हाथरस और टूंडला के बीच सफर करने वाले सैकड़ों यात्रियों का कहना है कि ट्रेन के संचालन का कोई निश्चित समय नहीं रह गया है। देर रात घर पहुंचने से परिवार की चिंता बढ़ जाती है और अगले दिन की दिनचर्या भी प्रभावित होती है। दैनिक यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से टीएडी पैसेंजर का संचालन समयबद्ध करने, देरी के कारणों की नियमित समीक्षा करने और यात्रियों को सही समय की सूचना उपलब्ध कराने की मांग की है।
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-स्थायी समाधान की मांग-
कई महीनों से ट्रेन शायद ही कभी समय पर आई हो। स्टेशन पर घंटों इंतजार करना मजबूरी बन गया है। - योगेश शर्मा, यात्री
नौकरी से लौटने के बाद ट्रेन की देरी के कारण घर पहुंचते-पहुंचते देर रात हो जाती है। इससे महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। - हरीश माहेश्वरी, यात्री
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कई बार ट्रेन इतनी देर से आती है कि मजबूरी में निजी वाहन या बस का सहारा लेना पड़ता है, जिससे अतिरिक्त खर्च बढ़ जाता है।
- राहुल गुप्ता, यात्री
ट्रेन के देरी से आने के कारण पढ़ाई और अन्य जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। रेलवे को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए। - दुर्गेश शर्मा, यात्री
वर्जन
विभिन्न रेलखंडों पर ट्रैफिक दबाव, परिचालन संबंधी कारणों और अन्य ट्रेनों को प्राथमिकता दिए जाने के कारण कई बार टीएडी पैसेंजर निर्धारित समय से विलंब से पहुंचती है। ट्रेन की समयबद्धता में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
- अमित कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी उत्तर मध्य रेलवे