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भक्ति की कठिन राह: अनोखी कील कांवड़ पर लेटकर दंडौती परिक्रमा, देख हैरान रह गए राहगीर, जो जहां था-वहीं रूका
Sun, 09 Aug 2026 05:30 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Sun, 09 Aug 2026 05:30 PM IST
सार
सावन के महीन में भोले के भक्त अलग-अलग तरह की कांवड़ लेकर गंगाघाट से निकले हैं। जारौठी का संजय कील लगी कांवड़ लेकर निकला है। जिसे देखकर लोग हैरान रह गए और जहां से वहीं रूक कर उन्हें देखने लगे।
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कील कांवड़ पर लेटकर भोले की भक्ति करते संजय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अलीगढ़ गांव जारौठी के संजय ने सावन के महीने में महादेव की भक्ति का एक अत्यंत कठिन मार्ग चुना है। वह कील कांवड़ पर लेटकर दंडौती परिक्रमा करते हुए अपनी यात्रा पर आगे बढ़ रहे हैं। उनकी यह अनोखी साधना राहगीरों और श्रद्धालुओं को हैरान कर रही है।
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संजय की यह अटूट आस्था और दृढ़ संकल्प महादेव को प्रसन्न करने की उनकी जिद को दर्शाता है। इस प्रकार की दंडौती परिक्रमा शारीरिक रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण होती है। कील कांवड़ पर लेटना इस साधना को और भी अधिक कष्टदायक बनाता है। यह भक्ति का एक दुर्लभ उदाहरण है जो अत्यधिक समर्पण की मांग करता है।
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संजय अपनी मंजिल की ओर धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं, हर कदम पर अपनी आस्था का परिचय दे रहे हैं। उनकी यात्रा दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।