Stadium: पदक विजेता गुलवीर सिंह के गाव में स्टेडियम बनवाने को लेकर रार, लग रहा सियासी तड़का, आया नया मोड़
ऋषिपाल सिंह का कहना है कि वह गुलवीर सिंह के साथ हैं। पूर्व में पदक जीतने पर उनके गांव में सड़क, उनके नाम से द्वार बनवाया। गुलवीर सिंह, उनका परिवार या ग्रामीण अपने गांव में स्टेडियम बनवाते हैं तो मैं अपनी निधि से उसमें एक करोड़ रुपये दूंगा। चाहे तो आधी रकम 2026 की निधि में ले लें और बाकी 2027 की निधि में ले लें।
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कॉमनवेल्थ में पदक विजेता गांव सिरसा के धावक गुलवीर सिंह के नाम पर उनके गांव में स्टेडियम की मांग पर शुरू हुई रार में सियासी तड़का आग में घी का काम करता दिख रहा है। जो स्टेडियम पालीमुकीमपुर पर विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) चौधरी ऋषिपाल सिंह के प्रस्ताव पर स्वीकृत हुआ है, वह तीन साल पुराना प्रस्ताव है। अब उसके निर्माण की तैयारी के बीच सियासी सिपाहियों ने मुद्दे में गरमाहट ला दी है। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि इस स्टेडियम के निर्माण का भविष्य कहीं विवादों में न अटक जाए?
एमएलसी ऋषिपाल सिंह द्वारा पालीमुकीमपुर चौराहे के पास जो स्टेडियम का प्रस्ताव दिया था। वह मंजूर हुआ है। इसके पीछे का मकसद यह बिजौली, हरदोई, पाली-तोछी, महेरा आदि क्षेत्र का सेंटर है। इस सेंटर पर कई दर्जन गांव जुड़ रहे हैं। जिसकी स्वीकृति के बाद खेल विभाग की टीम ने भी दो दिन पहले जमीन का मौका मुआयना कर निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। चूंकि गुलवीर सिंह इसी क्षेत्र के गांव सिरसा के हैं, इसलिए एमएलसी ने इस स्टेडियम को गुलवीर सिंह के नाम पर कराने का ऐलान कर दिया।
गुलवीर सिंह, उनका परिवार व गांव चाहता है कि गुलवीर सिंह के नाम से उनके गांव सिरसा में ही स्टेडियम बने। एमएलसी के ऐलान के बाद परिवार अपनी जिद पर है कि स्टेडियम उनके गांव में बने। इसी जिद पर सियासी सिपाहियों ने मुद्दे को तूल देना शुरू कर दिया है। ऐसे में अंदेशा है कि अगर मुद्दा तूल पकड़ा तो कहीं स्टेडियम का निर्माण कहीं विवादों में न फंस जाए।
गुलवीर के गांव में स्टेडियम के लिए देंगे एक करोड़ : ऋषिपाल
ऋषिपाल सिंह का कहना है कि वह गुलवीर सिंह के साथ हैं। पूर्व में पदक जीतने पर उनके गांव में सड़क, उनके नाम से द्वार बनवाया। क्षेत्र का होने के नाते पाली के स्टेडियम का नाम गुलवीर के नाम पर कराना तय किया है। गुलवीर सिंह, उनका परिवार या ग्रामीण अपने गांव में स्टेडियम बनवाते हैं तो मैं अपनी निधि से उसमें एक करोड़ रुपये दूंगा। चाहे तो आधी रकम 2026 की निधि में ले लें और बाकी 2027 की निधि में ले लें।
न इस विषय पर गुलवीर सिंह या उनके परिवार के किसी सदस्य से कोई विवादित बात हुई है। उनका कहना है कि हमारा मकसद कतई ऐसा नहीं कि गुलवीर के गांव में स्टेडियम न बने। वे उनके गांव में स्टेडियम बनवाने के साथ हर संभव मदद करेंगे। जहां गुलवीर कहेंगे, वहां साथ खड़े होंगे। पर इस स्टेडियम को उनके गांव से जोड़कर गलत सियासत हो रही है।
हम तो सिर्फ गांव में चाहते स्टेडियम : माेनू
गुलवीर सिंह के भाई मोनू का कहना है कि हम और हमारा भाई गुलवीर सिंह सिर्फ इतना चाहते हैं कि गुलवीर सिंह के नाम का पत्थर लगा स्टेडियम हमारे गांव में ही बने। काफी जमीन गांव में है। दूसरे किसी गांव के स्टेडियम को गुलवीर सिंह का नाम न दिया जाए। यही बात गुलवीर सिंह ने एमएलसी से कही है। बाकी किसी तरह का कोई विवाद नहीं है।