Aligarh News: प्रसव के दौरान महिला और गर्भस्थ शिशु की मौत, मायके वालों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया
डॉली को प्रसव पीड़ा हुई, उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद चिकित्सक ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल से उसे मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने डॉली और उसके पेट में पल रहे शिशु को मृत घोषित कर दिया।
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कस्बा कौड़ियागंज की एक गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की रविवार की रात मौत हो गई है। प्रसव पीड़ा के बाद महिला को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से हालत बिगड़़ने के बाद उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था। सादाबाद के रहने वाले मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है।
कस्बा कौड़ियागंज के बृजेश कुमार ने पुलिस को जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी डॉली (25) नौ माह की गर्भवती थी। डॉली को शुक्रवार को प्रसव पीड़ा शुरू हुई थी, उसे तत्काल कस्बा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। रविवार को उसकी तबीयत अचानक बहुत खराब हो गई। इसके बाद चिकित्सक ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल से उसे मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने डॉली और उसके पेट में पल रहे शिशु को मृत घोषित कर दिया। बताया गया है कि डॉली की शादी वर्ष 2023 में हुई थी और वह पहली बार मां बन रही थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत जच्च्चा-बच्चा की मौत का कारण पता चलेगा और शिकायत मिली तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।-डॉक्टर नीरज त्यागी, सीएमओ
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मायकेवाले बोले-डॉली को अच्छा इलाज मिलता तो बच सकती थी जान
मृतका के पिता राजेंद्र कुमार ने ससुराल वालों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। हाथरस के सादाबाद निवासी राजेंद्र कुमार का कहना है कि समय पर अच्छे अस्पताल में इलाज नहीं मिला। उनका आरोप है कि यदि पहले ही किसी बेहतर अस्पताल में ले जाते तो जच्चा-बच्चा सुरक्षित होते। मायके पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने दोनों पक्षों से जानकारी ली। थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।