अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय: महिला प्रोफेसर का विभागाध्यक्ष पर आरोप, दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित
प्रोफेसर रचना का दावा है कि विवाद के दौरान उनसे कहा गया तुम हिंदू हो, बीएचयू चली जाओ। हालांकि यह मामला पिछले साल का बताया जा रहा है, लेकिन हाल ही में इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह चर्चा का विषय बन गया।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के राजनीति विज्ञान विभाग की प्रोफेसर रचना कौशल द्वारा विभाग के अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पांच महीने पुराने मामले का वीडियो वायरल होने और विवाद बढ़ने के बाद यूनिवर्सिटी इंतजामिया ने दो सदस्यीय ''फैक्ट फाइंडिंग कमेटी'' का गठन कर दिया है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कार्यालय के अनुसार इस संवेदनशील मामले की सच्चाई का पता लगाने के लिए गठित कमेटी में सांख्यिकी विभाग के पूर्व चेयरमैन प्रो. काजी मजहर अली और डेंटल कॉलेज के प्रो. एसके मिश्रा शामिल हैं।
प्रोफेसर रचना कौशल ने राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. नफीस अंसारी पर मानसिक उत्पीड़न और सांप्रदायिक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। प्रोफेसर रचना का दावा है कि विवाद के दौरान उनसे कहा गया तुम हिंदू हो, बीएचयू चली जाओ। हालांकि यह मामला पिछले साल का बताया जा रहा है, लेकिन हाल ही में इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह चर्चा का विषय बन गया। प्रो. कौशल ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे छात्रों के एक पत्र के संबंध में स्पष्टीकरण तो मांगा गया, लेकिन वह पत्र उन्हें कभी दिखाया ही नहीं गया।
दूसरी ओर, विभागाध्यक्ष प्रो. नफीस अंसारी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। प्रो. अंसारी ने तर्क दिया कि उनके मार्गदर्शन में वर्तमान में भी कई हिंदू छात्र सफलतापूर्वक पीएचडी कर रहे हैं और विभाग में कोई भेदभाव नहीं होता।
कमेटी दोनों पक्षों के बयान दर्ज करेगी और 30 दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।- प्रो. आसिम जफर, रजिस्ट्रार, एएमयू