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किस्मत खींच ले गई: होटल में खाने का था प्लान, हरी सब्जियां देख बदला इरादा, सब्जी की दुकान बनी हादसा स्थल

Tue, 18 Aug 2026 12:43 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Tue, 18 Aug 2026 12:43 PM IST
सार

अलीगढ़ के थाना मडराक क्षेत्र में आगरा रोड पर सोमवार दोपहर एक बेकाबू ट्रक सड़क से करीब 20 फीट दूर स्थित सब्जी की दुकान में घुस गया। हादसे में सब्जी विक्रेता वीरपाल (53), उनकी पत्नी रामकली देवी (52) और दरोगा श्रवण कुमार तोमर (54) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि एक सरकारी स्कूल का शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया। 

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game of luck
दरोगा की मौत पर बेटे को सांत्वना देते एसएसपी, मृतक दरोगा श्रमण कुमार तोमर - फोटो : पुलिस

विस्तार

हादसे के वक्त दरोगा का सब्जी खरीदने का कोई इरादा नहीं था, बल्कि किस्मत उन्हें खींचकर उस मौत के मुहाने तक ले आई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जब दरोगा श्रवण कुमार मडराक थाने से अलीगढ़ की तरफ रवाना हुए थे, तब उन्होंने अपने साथियों से कहा था कि वे रास्ते में किसी होटल पर खाना खा लेंगे। 

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वीरपाल की दुकान पर रुकने का कोई प्लान नहीं था। जब वे अपनी बाइक से गुजर रहे थे, तो दुकान पर ताजी हरी सब्जियां रखी हुई देखकर अचानक उनका मन बदल गया। उन्होंने अपनी बाइक रोकी और सब्जी खरीदने के लिए वीरपाल की दुकान की तरफ बढ़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, दरोगा ने दुकान पर पहुंचकर कुछ सब्जियों के दाम पूछे। मोलभाव के दौरान यह कहते हुए वापस अपनी बाइक की तरफ लौटने लगे कि दाम ज्यादा हैं।
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यह भी पढ़ें... UP: अलीगढ़ में हुआ सड़क हादसा, सब्जी की दुकान में घुसा बेकाबू ट्रक, दरोगा समेत सब्जी विक्रेता दंपती की मौत
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तभी सब्जी विक्रेता वीरपाल ने उनसे कहा, जो चाहे दे देना, जो पसंद हो ले जाइए। वीरपाल की इस बात ने दरोगा को दोबारा रोक लिया और वे एक बार फिर मुड़कर सब्जी छांटने लगे। यदि दरोगा ने अपना इरादा नहीं बदला होता या वे वीरपाल की बात पर वापस न लौटकर अपनी बाइक से सीधे अलीगढ़ की ओर निकल जाते, तो शायद आज वे इस हादसे का शिकार होने से बच जाते। उनका वह चंद मिनटों का रुकना उनके जीवन का अंतिम पल साबित हुआ।

विभागीय सम्मान के साथ दी विदाई, एसएसपी ने दिया कंधा
अलीगढ़। सब इंस्पेक्टर श्रवण कुमार तोमर 1992 बैच के पुलिसकर्मी थे। सोमवार की रात पोस्टमार्टम के बाद उनका पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया, जिसे देखते ही उनके बेटे का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और वह पोस्टमार्टम हाउस पर फूट-फूटकर रोने लगा। पुलिस लाइन में दिवंगत दरोगा को विभागीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। एसएसपी नीरज कुमार जादौन समेत तमाम पुलिस अधिकारियों ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर सलामी दी। इस दौरान मानवीय संवेदनाओं की मिसाल पेश करते हुए एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने खुद दरोगा की अर्थी को कंधा दिया। इसके बाद परिजन पार्थिव शरीर लेकर उनके पैतृक जिले बागपत के लिए रवाना हो गए।

मृतकों की हड्डियां पूरी तरह चकनाचूर
अलीगढ़। जान गंवाने वाले दरोगा श्रवण कुमार तोमर, सब्जी विक्रेता वीरपाल और उनकी पत्नी रामकली के शवों की हालत देखकर पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर भी हैरान रह गए। ट्रक की टक्कर से तीनों के शरीर का कोई भी अंग सुरक्षित नहीं बचा था। पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि मृतकों की हड्डियां पूरी तरह चकनाचूर हो चुकी थीं, लीवर और फेफड़े फट चुके थे। आंतरिक अंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। शवों की इस क्षत-विक्षत हालत को देखकर चिकित्सक भी असमंजस में पड़ गए कि ऐसी स्थिति में प्रक्रिया कैसे पूरी की जाए। इधर, सोमवार की शाम वीरपाल और रामकली देवी के शव गांव बढ़ौली फत्ते खां पहुंचे तो वहां लोगों की भीड़ लग गई। पुलिस ने अपनी मौजूदगी में शवों का अंतिम संस्कार कराया।

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