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UP: पति और ससुर ने किया था रेखा का कत्ल, काली नदी में फेंकी थी लाश; कातिलों ने बताई हत्या की चौंकाने वाली वजह
Wed, 12 Aug 2026 02:37 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Sharukh Khan
Updated Wed, 12 Aug 2026 02:37 PM IST
सार
अलीगढ़ के लापता रेखा की हत्या की गई थी। हत्या का आरोप पति और ससुर पर लगा है। आरोपियों ने रेखा की हत्या कर लाश को नदी में फेंक दिया था। आरोपियों को रेखा के चरित्र पर शक था। पुलिस ने 45 दिन बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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aligarh murder
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अलीगढ़ के गंगीरी के गांव तेहरा निवासी रेखा देवी (35) लापता नहीं हुई थी बल्कि उसके पति-ससुर ने पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को काली नदी में फेंक आए थे। 45 दिन बाद पुलिस ने दोनों को पकड़ कर पूछताछ की तो उन्होंने अपना अपराध कबूल किया। बताया कि उन्हें रेखा के चरित्र पर संदेह था जिसकी वजह से उन्होंने उसकी हत्या की।
गंगीरी थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि 25 जून की रात रेखा देवी लापता हुई। 28 जून को अलीगढ़ शहर निवासी उसके भाई रवि शर्मा ने थाने में तहरीर देकर मृतका के पति महेश शर्मा और ससुर वीरेंद्र शर्मा पर बहन की पीट-पीटकर हत्या करने और शव गायब करने की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसके अगले दिन पति महेश ने रेखा देवी के रात में लापता होने की थाने में तहरीर दी, जिसमें एक टेंपो चालक के साथ कहीं चले जाने की आशंका जताई। 3-4 अगस्त को महेश ने अपने साले रवि शर्मा को कॉल कर बताया कि तेरी बहन को मारकर काली नदी में फेंक दिया है।
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गंगीरी थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि 25 जून की रात रेखा देवी लापता हुई। 28 जून को अलीगढ़ शहर निवासी उसके भाई रवि शर्मा ने थाने में तहरीर देकर मृतका के पति महेश शर्मा और ससुर वीरेंद्र शर्मा पर बहन की पीट-पीटकर हत्या करने और शव गायब करने की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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इसके अगले दिन पति महेश ने रेखा देवी के रात में लापता होने की थाने में तहरीर दी, जिसमें एक टेंपो चालक के साथ कहीं चले जाने की आशंका जताई। 3-4 अगस्त को महेश ने अपने साले रवि शर्मा को कॉल कर बताया कि तेरी बहन को मारकर काली नदी में फेंक दिया है।
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रवि ने कॉल रिकॉर्ड कर पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद आरोपी भाग निकले। आरोपियों की तलाश में दबिश तेज की गई तो उन्होंने न्यायालय में समर्पण की अपील दाखिल कर दी। इसी बीच अलीगढ़ शहर में सक्रिय पुलिस टीम ने दोनों को दबोच लिया।
पूछताछ में उन्होंने बताया कि रेखा के चाल-चलन पर उन्हें शक था। इसी बात पर 25 जून की विवाद हुआ था। दोनों ने रेखा की पीट-पीटकर हत्या करने और रात के अंधेरे में गांव से करीब 800 मीटर दूर काली नदी में शव फेंकने की बात स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर घर के अंदर बक्से से मृतका का मोबाइल भी बरामद हो गया है।
आरोपी पति और ससुर को न्यायालय के आदेश पर मंगलवार को जेल भेज दिया गया है। दोनों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें कई लोगों के साथ रेखा के संबंध होने का शक था जिसकी वजह से विवाद के बार उन्होंने हत्या कर दी। काली नदी के किनारे पड़ने वाले सभी थानों को सूचित किया गया है कि उनके क्षेत्र में किसी अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ हो तो सूचित करें। नदी के किनारे-किनारे भी पुलिस शव की तलाश कराएगी। -गर्वित सिंह, सीओ।
बड़ा बेटा और देवर भी शव फेंकने में शामिल थे
महेश शर्मा और रेखा देवी के दो बेटे हैं जिनमें बड़ा बेटा 14 और छोटा बेटा 11 वर्ष का है। रेखा देवी ने अपने भाई रवि शर्मा की बेटी को गोद ले रखा था जो घटना के बाद से अपने माता-पिता के पास है।
महेश शर्मा और रेखा देवी के दो बेटे हैं जिनमें बड़ा बेटा 14 और छोटा बेटा 11 वर्ष का है। रेखा देवी ने अपने भाई रवि शर्मा की बेटी को गोद ले रखा था जो घटना के बाद से अपने माता-पिता के पास है।
थाना प्रभारी विनोद कुमार के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मृतका के बड़े बेटे और देवर ने भी शव को काली नदी में फेंकने में सहयोग किया। रात के अंधेरे में चारों शव को टांगकर गांव से करीब 800 मीटर दूर काली नदी में फेंक आए। इसके बाद जुलाई माह की शुरुआत में ही पूरा परिवार घर पर ताला लगाकर भाग गया।
तत्कालीन थानाध्यक्ष पर लापरवाही बरतने का आरोप
मृतका के भाई रवि शर्मा के अनुसार उन्होंने बहन के पति महेश शर्मा, ससुर वीरेंद्र शर्मा, सास गायत्री देवी, देवर सुशील और मुनेश कुमार सहित छह लोगों पर आशंका जताई थी। तत्कालीन थाना प्रभारी ज्योति श्रीवास्तव पर लापरवाही बरतने का आरोप मढ़ा।
मृतका के भाई रवि शर्मा के अनुसार उन्होंने बहन के पति महेश शर्मा, ससुर वीरेंद्र शर्मा, सास गायत्री देवी, देवर सुशील और मुनेश कुमार सहित छह लोगों पर आशंका जताई थी। तत्कालीन थाना प्रभारी ज्योति श्रीवास्तव पर लापरवाही बरतने का आरोप मढ़ा।
कहा, तत्कालीन थाना प्रभारी ने सक्रियता दिखाई होती तो उसी समय सभी आरोपी पकड़ लिए जाते और शव भी बरामद हो जाता। एक अगस्त को स्थानांतरण के बाद नए थाना प्रभारी विनोद कुमार ने उनकी बात को गंभीरता से लिया, जिस पर 45 दिन बाद आरोपी पकड़ में आए हैं। उन्होंने एसडीआरएफ अथवा एनडीआरएफ के जरिये नदी में शव की तलाश करवाने की मांग की है। उधर, चर्चा है कि काली नदी में मगरमच्छ हैं इसलिए 45 दिन बाद शायद ही शव मिल सके।