Aligarh: मेडिकल डॉक्टर निलंबन-एफआईआर से जूनियर डॉक्टरों में उबाल, दिल्ली-एएमयू छात्रों का मिला समर्थन
आरडीए के अध्यक्ष डॉ. समी अहमद खान ने कहा कि अक्सर हड़ताल की आलोचना की जाती है, लेकिन यह नहीं देखा जाता कि डॉक्टरों पर हमले भी बार-बार हो रहे हैं। आरडीए उपाध्यक्ष डॉ. अख्तर अली ने बताया कि अध्यक्ष डॉ. समी अहमद खान ने फेमा के पदाधिकारियों से बात की है, वह समर्थन देने के लिए तैयार है।
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अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के साथ लगातार हो रही मारपीट की घटनाओं ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। तीन जूनियर डॉक्टरों के निलंबन और एफआईआर से रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) के पदाधिकारियों और सदस्यों में उबाल है। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन से अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उधर, फेमा (फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन) उतर गई है।
आरडीए के अध्यक्ष डॉ. समी अहमद खान ने कहा कि अक्सर हड़ताल की आलोचना की जाती है, लेकिन यह नहीं देखा जाता कि डॉक्टरों पर हमले भी बार-बार हो रहे हैं। अस्पताल में लागू गेट पास सिस्टम पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है। एक मरीज के साथ केवल दो तीमारदारों का नियम होने के बावजूद भीड़ इमरजेंसी में घुस रही है और गार्ड उन्हें रोकने में असमर्थ हैं।
आरडीए उपाध्यक्ष डॉ. अख्तर अली ने बताया कि अध्यक्ष डॉ. समी अहमद खान ने फेमा के पदाधिकारियों से बात की है, वह समर्थन देने के लिए तैयार है। डॉ. अली ने कहा कि उनके साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने एएमयू के विद्यार्थियों से भी सहयोग मांगा है। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी सिर्फ जूनियर डॉक्टरों की नहीं, बल्कि सीएमओ (कैजुअलिटी मेडिकल ऑफिसर) की भी है, जो अपनी ड्यूटी से नदारद रहते हैं। उन्होंने बताया कि घटना से आधा घंटा पहले ही ऑन-ड्यूटी डॉक्टर ने भीड़ को हटाने की अपील की थी, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने इसे अपनी जिम्मेदारी न बताकर पल्ला झाड़ लिया।
बाब-ए-सैयद पर देंगे धरना : सलमान
जूनियर डॉक्टरों के समर्थन में एएमयू छात्र नेता मोहम्मद सलमान गौरी उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर और निलंबन होना गलत है। इमरजेंसी में दिन-रात जूनियर डॉक्टर मरीजों का उपचार करते हैं, लेकिन तीमारदार उनके साथ मारपीट कर देते हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन और प्रॉक्टर पूरी तरह फेल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के समर्थन में वह बाब-ए-सैयद पर धरना देंगे।
प्रॉक्टर टीम पर अभद्रता का आरोप, निलंबन की मांग
आरडीए का आरोप है कि घटना के बाद जब प्रॉक्टर की टीम मौके पर पहुंची, तो उन्होंने डॉक्टरों की मदद करने के बजाय उनके साथ ही अभद्रता की। आरडीए ने अभद्रता करने वाले प्रॉक्टर टीम के डॉ. फराज फारूख को तत्काल निलंबित करने की मांग की है और साथ ही चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए व दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपने विरोध को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।
अफजल की तहरीर पर रिपोर्ट
शहर के माबूद नगर शाहजमाल के तीमारदार अफजल की तहरीर पर तीन नामजद सहित चार जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ थाना सिविल लाइंस में रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने डॉ. मोहम्मद तल्हा खुर्शीद, डॉ. शाहवेज, डॉ. अकील हुसैन और एक अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इनके खिलाफ बीएनएस के तहत धाराएं 191 (2), 191(3), 190, 109(1), 115(2), 352, 303 (2) लगाई गई हैं।
एफआईआर और निलंबन गलत : डॉ. इम्तियाज
एएमयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद सलमान इम्तियाज ने कहा कि जूनियर डॉक्टरों का निलंबन करना और उनके खिलाफ एफआईआर होना गलत है। रेजिडेंट डॉक्टरों और मरीजों के तीमारदारों के बीच झड़प हुई, जिसमें दोनों पक्षों को चोटें आईं। इसके बाद रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने हड़ताल शुरू कर दी। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। स्टाफ और तीमारदारों के बीच संवाद बेहतर किया जाए।