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आरएमपीयू : विद्यार्थियों को फेल करने पर एबीवीपी ने किया हंगामा, तोड़फोड़
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आरएमपीयू में हंगामा करते छात्र। संवाद
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राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय (आरएमपीयू) में बीए और बीएससी प्रथम वर्ष में विद्यार्थियों को बड़ी संख्या में फेल करने पर शनिवार को एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। प्रशासनिक भवन में जाने से रोकने पर सुरक्षाकर्मियों से नोकझोंक और खींचतान हुई, जिसमें गेट का शीशा टूट गया। सूचना मिलने पर पांच थानों की पुलिस और कई प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंच गए। इस मामले में विवि प्रशासन ने जांच कमेटी गठित कर दी है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता शनिवार को दोपहर करीब एक बजे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के साथ राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचे। विद्यार्थियों ने जानबूझकर एक और दो अंक से फेल करने का आरोप लगाया और हंगामा किया। इसी बीच विद्यार्थी प्रशासनिक भवन में अंदर जाना चाहते थे, तभी उन्हें सुरक्षाकर्मियों ने रोक लिया, जिस पर खूब नोकझोंक और खींचतान हुई। इस दौरान गेट का शीशा टूट गया।
गुस्साए छात्र धरने पर बैठ गए और विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उनका उग्र प्रदर्शन देखकर विवि प्रशासन ने इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दे दी। थोड़ी देर में ही एसडीएम कोल, एडीएम, एसपी सिटी, सीओ गभाना पहुंच गए। गभाना, लोधा, रोरावर, देहलीगेट और सासनीगेट थाने की पुलिस पहुंची। शाम चार बजे तक प्रदर्शन जारी रहा। प्रशासन के अफसरों के आश्वासन के बाद धरना-प्रदर्शन खत्म हुआ।
परिषद की प्रांत सह मंत्री खुशी सिंह ने कहा कि अगर सात दिन में परीक्षा परिणाम की विसंगतियों को दूर नहीं किया गया तो आंदोलन उग्र होगा। प्रदर्शन के दौरान महानगर मंत्री पीयूष भारद्वाज, विभाग संगठन मंत्री विश्वेंद्र, विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष दीपक भारद्वाज, यथार्थ सिंह, आकाश सिंह, अमन शर्मा, हर्ष शर्मा, सोनू, मुकुल आदि शामिल रहे। परीक्षा नियंत्रक धीरेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा गया।
एक-दो अंक से फेल छात्रों को तुरंत ग्रेस मार्क देकर पास किया जाए। परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच हो। पोर्टल की तकनीकी खामियां तुरंत दुरुस्त हो। पुनर्मूल्यांकन फीस घटाकर 500 रुपये की जाए। कैंपस में लाइब्रेरी, बैठने की जगह और साफ-सफाई की व्यवस्था सुधारी जाए।
- विद्यार्थियों ने एक-दो अंक से फेल करने का आरोप लगाया है। इसी को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। अब इस मामले में जांच कमेटी गठित कर दी गई है। उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कराई जाएगी। इसमें अगर कोई शिक्षक दोषी पाया गया तो उसे मूल्यांकन कार्य से डिबार कर दिया जाएगा।
- प्रबुद्ध सिंह, कुलसचिव, आरएमपीयू
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता शनिवार को दोपहर करीब एक बजे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के साथ राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचे। विद्यार्थियों ने जानबूझकर एक और दो अंक से फेल करने का आरोप लगाया और हंगामा किया। इसी बीच विद्यार्थी प्रशासनिक भवन में अंदर जाना चाहते थे, तभी उन्हें सुरक्षाकर्मियों ने रोक लिया, जिस पर खूब नोकझोंक और खींचतान हुई। इस दौरान गेट का शीशा टूट गया।
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गुस्साए छात्र धरने पर बैठ गए और विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उनका उग्र प्रदर्शन देखकर विवि प्रशासन ने इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दे दी। थोड़ी देर में ही एसडीएम कोल, एडीएम, एसपी सिटी, सीओ गभाना पहुंच गए। गभाना, लोधा, रोरावर, देहलीगेट और सासनीगेट थाने की पुलिस पहुंची। शाम चार बजे तक प्रदर्शन जारी रहा। प्रशासन के अफसरों के आश्वासन के बाद धरना-प्रदर्शन खत्म हुआ।
परिषद की प्रांत सह मंत्री खुशी सिंह ने कहा कि अगर सात दिन में परीक्षा परिणाम की विसंगतियों को दूर नहीं किया गया तो आंदोलन उग्र होगा। प्रदर्शन के दौरान महानगर मंत्री पीयूष भारद्वाज, विभाग संगठन मंत्री विश्वेंद्र, विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष दीपक भारद्वाज, यथार्थ सिंह, आकाश सिंह, अमन शर्मा, हर्ष शर्मा, सोनू, मुकुल आदि शामिल रहे। परीक्षा नियंत्रक धीरेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा गया।
एक-दो अंक से फेल छात्रों को तुरंत ग्रेस मार्क देकर पास किया जाए। परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच हो। पोर्टल की तकनीकी खामियां तुरंत दुरुस्त हो। पुनर्मूल्यांकन फीस घटाकर 500 रुपये की जाए। कैंपस में लाइब्रेरी, बैठने की जगह और साफ-सफाई की व्यवस्था सुधारी जाए।
- विद्यार्थियों ने एक-दो अंक से फेल करने का आरोप लगाया है। इसी को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। अब इस मामले में जांच कमेटी गठित कर दी गई है। उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कराई जाएगी। इसमें अगर कोई शिक्षक दोषी पाया गया तो उसे मूल्यांकन कार्य से डिबार कर दिया जाएगा।
- प्रबुद्ध सिंह, कुलसचिव, आरएमपीयू

आरएमपीयू में हंगामा करते छात्र। संवाद