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Aligarh News: मंडल में पहले से ही भरे भंडार, गहरा रहा गेहूं के भंडारण का संकट
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हरदुआगंज में बनकर तैयार सायलों। संवाद
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शासन ने इस साल अलीगढ़ मंडल में 1.82 लाख मीट्रिक टन गेहूं के भंडारण का लक्ष्य तय किया है। लेकिन हालात यह है कि मंडल के चार जिलों के गोदामों में 19, 500 मीट्रिक टन भंडारण की ही जगह बची है। यहां के गोदामों में पहले से अनाज भरा हुआ है। अब अफसर उन खाली गोदामों की तलाश कर रहे हैं, जहां सुरक्षित भंडारण किया जा सकता है।
बारिश की मार के चलते गेहूं की फसल अभी पूरी तरह से कट नहीं पाई है, उससे पहले ही क्रय केंद्रों पर खरीदे जाने वाले गेहूं के भंडारण का संकट खड़ा हो गया है। अप्रैल, मई और जून के बीच में यह भंडारण पूरा किया जाना है। इन दिनों अलीगढ़ में आठ हजार, हाथरस में छह हजार, एटा में तीन हजार और कासगंज में ढाई हजार मीट्रिक टन के भंडारण की ही जगह बची है।
अलीगढ़ के गोदामों में 84500, हाथरस में 33500, एटा में 38000 और कासगंज में 26500 मीट्रिक टन की कुल भंडारण क्षमता है। चारों जिलों की भंडारण क्षमता लगभग 1,82,500 मीट्रिक टन है। इसी क्षमता के अनुसार भंडारण का सालाना लक्ष्य तय किया गया है।
अलीगढ़ में एफसीआई के हरदुआगंज गोदाम, सायलो प्रोजेक्ट, स्टेट वेयर हाउस सूत मिल में भंडारण के इंतजाम किए जा रहे हैं। हाथरस में एफसीआई के गोदाम, एटा और कासगंज के गोदामों में संभावनाएं तलाशी जा रही है।
सायलों में 50 हजार मीट्रिक टन का भंडारण
हरदुआगंज स्थित एफसीआई के गोदाम में चार सायलो (आधुनिक स्टील गोदाम) बनाए गए हैं। प्रत्येक सायलों में तकरीबन 12,500 मीट्रिक टन अनाज पहले से भरा है। इस तरह से चार सायलों में लगभग 50 हजार मीट्रिक टन खाद्यान्न भरा हुआ है।यह सायलो रेलवे लाइन के पास हैं, जिससे खाद्यान्न का आवागमन आसानी से हाेगा। इन सभी सायलो का निर्माण हाल ही में पूरा हुआ है। यह पारंपरिक गोदामों से अलग ज्यादा सुरक्षित है और भंडारण के लिए बेहद मुफीद हैं। इनमें अनाज को सुरक्षित रखने के लिए आधुनिक मशीनें लगी हैं, जो अनाज को खराब होने से बचाती हैं।
तालानगरी के गोदाम में बनेंगे पांच दफ्तर
तालानगरी स्थित एफसीआई के गोदाम में वर्तमान में बारदाना से भरा हुआ है। जल्द ही यहां पर संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी, संभागीय खाद्य नियंत्रक, लेखाधिकारी खाद्य एवं रसद, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, उप जिला खाद्य विपणन अधिकारी सहित अन्य कार्यालय खोले जाएंगे। इसका प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा गया है। इस वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य शुरू होने के आसार हैं। यहां सभी अधिकारियों के कार्यालय एक साथ होने से कामकाज में और आसानी हो जाएगी।
- वर्तमान में उपलब्ध खाली जगह में 19 हजार 500 मीट्रिक टन तक भंडारण हो सकता है। शेष भंडारण के लिए चारों जिलों में गोदामों की तलाश की जा रही है। स्टेट वेयर हाउसों में भंडारण कराया जाएगा। - रतन कुमार शुक्ला, संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी।
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बारिश की मार के चलते गेहूं की फसल अभी पूरी तरह से कट नहीं पाई है, उससे पहले ही क्रय केंद्रों पर खरीदे जाने वाले गेहूं के भंडारण का संकट खड़ा हो गया है। अप्रैल, मई और जून के बीच में यह भंडारण पूरा किया जाना है। इन दिनों अलीगढ़ में आठ हजार, हाथरस में छह हजार, एटा में तीन हजार और कासगंज में ढाई हजार मीट्रिक टन के भंडारण की ही जगह बची है।
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अलीगढ़ के गोदामों में 84500, हाथरस में 33500, एटा में 38000 और कासगंज में 26500 मीट्रिक टन की कुल भंडारण क्षमता है। चारों जिलों की भंडारण क्षमता लगभग 1,82,500 मीट्रिक टन है। इसी क्षमता के अनुसार भंडारण का सालाना लक्ष्य तय किया गया है।
अलीगढ़ में एफसीआई के हरदुआगंज गोदाम, सायलो प्रोजेक्ट, स्टेट वेयर हाउस सूत मिल में भंडारण के इंतजाम किए जा रहे हैं। हाथरस में एफसीआई के गोदाम, एटा और कासगंज के गोदामों में संभावनाएं तलाशी जा रही है।
सायलों में 50 हजार मीट्रिक टन का भंडारण
हरदुआगंज स्थित एफसीआई के गोदाम में चार सायलो (आधुनिक स्टील गोदाम) बनाए गए हैं। प्रत्येक सायलों में तकरीबन 12,500 मीट्रिक टन अनाज पहले से भरा है। इस तरह से चार सायलों में लगभग 50 हजार मीट्रिक टन खाद्यान्न भरा हुआ है।यह सायलो रेलवे लाइन के पास हैं, जिससे खाद्यान्न का आवागमन आसानी से हाेगा। इन सभी सायलो का निर्माण हाल ही में पूरा हुआ है। यह पारंपरिक गोदामों से अलग ज्यादा सुरक्षित है और भंडारण के लिए बेहद मुफीद हैं। इनमें अनाज को सुरक्षित रखने के लिए आधुनिक मशीनें लगी हैं, जो अनाज को खराब होने से बचाती हैं।
तालानगरी के गोदाम में बनेंगे पांच दफ्तर
तालानगरी स्थित एफसीआई के गोदाम में वर्तमान में बारदाना से भरा हुआ है। जल्द ही यहां पर संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी, संभागीय खाद्य नियंत्रक, लेखाधिकारी खाद्य एवं रसद, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, उप जिला खाद्य विपणन अधिकारी सहित अन्य कार्यालय खोले जाएंगे। इसका प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा गया है। इस वित्तीय वर्ष में निर्माण कार्य शुरू होने के आसार हैं। यहां सभी अधिकारियों के कार्यालय एक साथ होने से कामकाज में और आसानी हो जाएगी।
- वर्तमान में उपलब्ध खाली जगह में 19 हजार 500 मीट्रिक टन तक भंडारण हो सकता है। शेष भंडारण के लिए चारों जिलों में गोदामों की तलाश की जा रही है। स्टेट वेयर हाउसों में भंडारण कराया जाएगा। - रतन कुमार शुक्ला, संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी।