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आरएमपीयू : संशोधित परीक्षा केंद्र नहीं हो सके जारी
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राजा महेेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय (आरएमपीयू) अलीगढ़ प्रशासन रिव्यू कमेटी के सुझाव बाद संशोधित परीक्षा केंद्र जारी नहीं कर सका है। विवि की वेबसाइट पर दोपहर से संशोधित परीक्षा केंद्र की सूची जल्द जारी होने की जानकारी दी गई थी। हालांकि, देर रात तक वेबसाइट पर यही स्थिति बनी रही।
पुन: परीक्षा निर्धारण को लेकर बनी रिव्यू कमेटी ने जो पांच बिंदुओं पर सुझाव दिए थे। उसके हिसाब से संशोधित परीक्षा केंद्रों की सूची दोबारा वेबसाइट पर अपलोड होनी थी। इसकी जानकारी वेबसाइट पर दी गई थी। लगातार निजी महाविद्यालयों के प्रबंधकों की नजरें वेबसाइट पर बनी रही। उधर, स्नातक की परीक्षाएं एक दिसंबर से शुरू हो रही हैं। ऐसे में अगर परीक्षा केंद्रों में संशोधन हुआ या कुछ परीक्षा केंद्र बढ़े, तो महाविद्यालय प्रशासन को व्यवस्था करने में परेशानी हो सकती है। विवि प्रशासन परीक्षा की तैयारियों में जुटा है।
आधारभूत सुविधाओं पर बने परीक्षा केंद्र
स्ववित्त पोषित महाविद्यालय संगठन के अध्यक्ष डॉ. ब्रह्मजीत सिंह का कहना है कि परीक्षा केंद्रों का निर्धारण छात्र संख्या के बजाय महाविद्यालय में आधारभूत सुविधाओं को देखकर होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विश्वविद्यालय की गलत नीतियों के कारण कुछ महाविद्यालयों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया, जो 15 साल से परीक्षा केंद्र बनते आए हैं। इस संबंध में विवि के कुल सचिव रजिस्ट्रार महेश कुमार का कहना है कि परीक्षा केंद्र बनाने में पारदर्शिता बरती गई है।
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पुन: परीक्षा निर्धारण को लेकर बनी रिव्यू कमेटी ने जो पांच बिंदुओं पर सुझाव दिए थे। उसके हिसाब से संशोधित परीक्षा केंद्रों की सूची दोबारा वेबसाइट पर अपलोड होनी थी। इसकी जानकारी वेबसाइट पर दी गई थी। लगातार निजी महाविद्यालयों के प्रबंधकों की नजरें वेबसाइट पर बनी रही। उधर, स्नातक की परीक्षाएं एक दिसंबर से शुरू हो रही हैं। ऐसे में अगर परीक्षा केंद्रों में संशोधन हुआ या कुछ परीक्षा केंद्र बढ़े, तो महाविद्यालय प्रशासन को व्यवस्था करने में परेशानी हो सकती है। विवि प्रशासन परीक्षा की तैयारियों में जुटा है।
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आधारभूत सुविधाओं पर बने परीक्षा केंद्र
स्ववित्त पोषित महाविद्यालय संगठन के अध्यक्ष डॉ. ब्रह्मजीत सिंह का कहना है कि परीक्षा केंद्रों का निर्धारण छात्र संख्या के बजाय महाविद्यालय में आधारभूत सुविधाओं को देखकर होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विश्वविद्यालय की गलत नीतियों के कारण कुछ महाविद्यालयों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया, जो 15 साल से परीक्षा केंद्र बनते आए हैं। इस संबंध में विवि के कुल सचिव रजिस्ट्रार महेश कुमार का कहना है कि परीक्षा केंद्र बनाने में पारदर्शिता बरती गई है।
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