गंगाजल संभाला-खुद नहीं संभले: स्टेशन पर उमड़े श्रद्धालु, ट्रेन छूटने के डर ने तोड़े नियम, पटरियों पर उतरे
रेलवे प्रशासन द्वारा लगातार लाउडस्पीकर से घोषणा की जा रही थी कि कोई भी यात्री पटरियों को पार न करे और फुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल करें, लेकिन बेकाबू भीड़ पर इस चेतावनी का कोई असर नहीं देखा गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ट्रेन पकड़ने की होड़ में सोमवार को अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्री जान जोखिम में डालकर पटरियों पर उतर गए। सोमवती अमावस्या के अवसर पर उमड़ी भारी भीड़ के कारण स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था चरमरा गई। राजघाट गंगा स्नान के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं और दिल्ली से आने वाले दैनिक यात्रियों के एक साथ जुटने से प्लेटफार्मों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची। अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए।
फुटओवर ब्रिज और सीढ़ियों पर जाम लगने के बीच बड़ी संख्या में लोग पटरियां पार करते और प्लेटफार्मों के बीच लगी ग्रिल फांदते नजर आए। रेलवे प्रशासन की चेतावनियों और सुरक्षा बल के प्रयासों के बावजूद नियमों की खुलेआम अनदेखी होती रही।
यह पूरा दृश्य दोपहर करीब 12:30 बजे का है, जब स्टेशन पर एक साथ कई ट्रेनें आकर रुकीं। प्लेटफार्म नंबर-2 पर दिल्ली से आने वाली ईएमयू पैसेंजर ट्रेन जैसे ही यहां पहुंची, यात्रियों की भीड़ उतर पड़ी। वहीं, प्लेटफार्म पर पहले से ही ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों की संख्या ट्रेन से उतरने वालों से भी कहीं ज्यादा थी।
वहीं, प्लेटफार्म संख्या सात पर राजघाट की ओर से आने वाली पैसेंजर ट्रेन आकर रुकी, जबकि प्लेटफार्म नंबर पांच पर भी उसी समय एक अन्य ट्रेन का आगमन हुआ। ट्रेनों के रुकते ही स्टेशन पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। यात्री ट्रेन छूटने के डर से डिब्बों में सवार होने के लिए प्लेटफार्म छोड़कर बोगियों में दूसरी तरफ से चढ़ने के लिए नीचे कूद पड़े। इस दौरान भारी भीड़ पटरियों को पार करती हुई नजर आई।
दो प्लेटफार्मों के बीच यात्रियों को रोकने के लिए लगाई गई लोहे की ग्रिल (जालियों) पर लोग चढ़ते और कूदते दिखे। जो लोग ग्रिल पर नहीं चढ़ पा रहे थे, वे उसके नीचे के संकरे हिस्से से रेंगकर निकलने की कोशिश कर रहे थे। इन नियमों को तोड़ने वालों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं।
हमने भीड़ को नियंत्रित किया, जिन लोगों ने पटरियां पार कीं और नियमों को तोड़ा उन पर कार्रवाई की। आठ लोगों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं। दो लोगों को जेल भेजा गया है। आठ लोगों को महिला बोगी में यात्रा करते पकड़ा है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की है। - अजीत तिवारी, प्रभारी निरीक्षक, रेलवे सुरक्षा बल
बेअसर रहीं चेतावनियां
रेलवे प्रशासन द्वारा लगातार लाउडस्पीकर से घोषणा की जा रही थी कि कोई भी यात्री पटरियों को पार न करे और फुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल करें, लेकिन बेकाबू भीड़ पर इस चेतावनी का कोई असर नहीं देखा गया। मौके पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों को पटरियों से हटाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन यात्रियों की भारी तादाद के आगे सुरक्षाकर्मियों की एक न चली और व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आई।