Aligarh Exhibition: नुमाइश में होगा झूलों का सुरक्षा ऑडिट, रिपोर्ट ओके होने पर मिलेगी चलाने की अनुमति
इस बार की नुमाइश अपनी भव्य लाइटिंग के लिए भी जानी जाएगी। दरबार हॉल और कोहिनूर मंच पर विशेष इलेक्ट्रॉनिक छतरियां लगाई जा रही हैं।
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क्रेजी कैसल और मौत के कुएं जैसे रोमांचक झूलों का आनंद इस बार दर्शक बिना किसी डर के ले सकेंगे। 16 जनवरी से शुरू हो रही अलीगढ़ की ऐतिहासिक नुमाइश को लेकर प्रशासन ने ''सुरक्षा प्रथम'' की नीति अपनाई है। 12 जनवरी को कलेक्ट्रेट में एम संजीव रंजन और एसएसपी नीरज जादौन ने निर्देश दिए कि नुमाइश के सभी झूलों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा।
डीएम ने स्पष्ट किया कि पीडब्ल्यूडी, विद्युत और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम हर झूले की तकनीकी फिटनेस और सुरक्षा मानकों की जांच करेगी। रिपोर्ट ओके होने के बाद ही झूलों के संचालन की अनुमति मिलेगी। इसके अलावा, सुरक्षा के लिहाज से नुमाइश परिसर में काम करने वाले हर मजदूर और कर्मचारी का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है।
बैठक में नगर निगम को नुमाइश के आसपास की सड़कों की मरम्मत और सफाई का काम उद्घाटन से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस विभाग को विशेष ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार करने को कहा गया है, ताकि नुमाइश के दौरान शहर की रफ्तार न थमे। वहीं, कृषि और उद्योग मंडपों को आधुनिक व आकर्षक बनाने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को सौंपी गई है।
अलीगढ़ के लिए नुमाइश साल का सबसे बड़ा उत्सव है। हमारा लक्ष्य इसे भव्य बनाने के साथ-साथ पूरी तरह सुरक्षित रखना है। सभी व्यवस्थाएं अब अंतिम चरण में हैं। - किंशुक श्रीवास्तव, एडीएम सिटी
इलेक्ट्रॉनिक छतरियों और धार्मिक चित्रों से दमकेगी नुमाइश
इस बार की नुमाइश अपनी भव्य लाइटिंग के लिए भी जानी जाएगी। दरबार हॉल और कोहिनूर मंच पर विशेष इलेक्ट्रॉनिक छतरियां लगाई जा रही हैं। मुख्य द्वार मित्तल, मुजम्मिल और कृष्णांजलि गेट पर आकर्षक धार्मिक चित्रों वाली लाइटिंग की जा रही है। विद्युत सजावट का काम देख रहे मुन्ना बंसल के अनुसार, 14 जनवरी तक लाइटिंग का ट्रायल पूरा कर लिया जाएगा।