Akhilesh Yadav: तीन घंटे अलीगढ़ रहे सपा के हाईकमान, भाजपा सरकार पर जमकर कसे तंज
सपा अध्यक्ष ने रामजीलाल सुमन पर कहा कि उन्होंने जो बात कही थी वह राज्यसभा के रिकार्ड से हटा दी गई। जो बात रिकार्ड से हट गई, वह खत्म हो गई। मगर भाजपा का भरोसा तानाशाही पर है। उन्होंने हिटलर के ट्रुपर्स (विशेष सेना) का जिक्र करते हुए कहा कि कभी उन्होंने ट्रुपर्स बनाए थे। अब प्रदेश में सीएम पुलिस की वर्दी में ट्रुपर्स बना रहे हैं।
विस्तार
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित पूरा हाईकमान 11 अप्रैल को शहर में तीन घंटे तक रहा। हालांकि वे शादी समारोह में शामिल होने आए थे, मगर अपने अध्यक्ष से मिलने के लिए कार्यकर्ताओं में गजब का उत्साह दिखा। हर किसी को जब हवाईअड्डे पर जाने की अनुमति नहीं मिली तो बाहर हुज्जत भी हुई। बाद में शहर के रास्तों में जगह-जगह स्वागत हुआ। सपा अध्यक्ष ने भी हर जगह अपनी गाड़ी रुकवाकर स्वागत स्वीकारा व कार्यकर्ताओं से हाल-चाल जाना।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, उनके चाचा वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव, प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल, वरिष्ठ नेता आशू मलिक, पूर्व मंत्री कमाल अख्तर आदि वरिष्ठ नेता शुक्रवार को शहर में आए। ये सभी लोग कासगंज के पटियाली से पूर्व विधायक नजीबा खान जीनत की बेटी सहावर नगर पंचायत अध्यक्ष नाशी खान की हरदुआगंज के गेस्ट हाउस में आयोजित शादी में शामिल होने आए थे। सुबह से धनीपुर हवाई अड्डे पर नेताओं व कार्यकर्ताओं का जमावड़ा शुरू हो गया। मगर सुरक्षा कारणों से पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक सहित चंद वरिष्ठ नेता ही अगवानी को अंदर जा सके।
हवाई अड्डे से वे सीधे पार्टी जिलाध्यक्ष लक्ष्मी धनगर के धनीपुर आवास पहुंचे। जहां उनके परिवार में पिछले दिनों गमी के चलते संवेदना व्यक्त की। यहां जिलाध्यक्ष ने परिवार सहित स्वागत किया। इसके बाद वे शादी समारोह में शामिल हुए। वहां कुछ देर रुकने के बाद एटा के सपा नेता परवेज की बेटी की शादी होने पर उसकी ससुराल इकरा काॅलोनी में आशीर्वाद देने पहुंचे। यहां से वापस हवाईअड्डे से रवाना हो गए। इस बीच धनीपुर हवाई अड्डे से निकले सपा अध्यक्ष का असदपुर कयाम, जीवीएम मॉल, पीएसी पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
हवाईअड्डे पर जमकर हुज्जत
हवाई अड्डे पर सुबह कार्यकर्ताओं को अंदर जाने से जब रोका गया तो पहले तो वे शांत रहे। बाद में कुछ नेता अपने परिचितों को अंदर लेकर गए तो उनका गुस्सा भड़क गया। इस पर कुछ कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर दी। इस बीच पूर्व मंत्री मानपाल सिंह को भी पुलिस ने रोक लिया तो कार्यकर्ता और भड़क गए। बाद में किसी तरह पूर्व मंत्री को अंदर भेजा गया। इसके बाद वापसी में कुछ किसान नेता अखिलेश यादव से मिलना चाहते थे, मगर उन्हें रोक लिया गया तो उन्होंने सपा अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी कर दी।
स्वागत-अगवानी में ये रहे मौजूद
सपा अध्यक्ष के स्वागत व अगवानी में जिलाध्यक्ष लक्ष्मी धनगर, पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक, पूर्व विधायक वीरेश यादव, ठा.राकेश सिंह, पूर्व सांसद बिजेंद्र सिंह, महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोषी, पूर्व जिलाध्यक्ष गिरीश यादव, रक्षपाल सिंह, डीआर यादव, सपा युवजन सभा के जिलाध्यक्ष रंजीत चौधरी, आमिर आबिद, राजेश सेनी, हसन जिबरान, बाबा फरीद आजाद, तरुण, इरफान खान, संजय शर्मा, दिनेश, अमित आदि तमाम लोग हवाई अड्डे से लेकर अन्य जगहों पर रहे। इस दौरान अज्जू इशहाक से हवाई अड्डे पर बातचीत कर पार्टी के विषय में जाना, जबकि जीवीएम मॉल पर स्वागत की अगुवाई कर रहे रंजीत चौधरी से बुके लेकर हालचाल पूछा।
क्षत्रिय नेताओं के प्रति दिखी नाराजगी
जिले में क्षत्रिय नेताओं द्वारा सपा अध्यक्ष के विरोध की घोषणा की खबर उन तक पहुंच गई। इसे लेकर जिले के दिग्गज क्षत्रिय नेताओं के प्रति नाराजगी दिखी। हालांकि खुलकर कोई बात नहीं हुई। मगर इसकी चर्चा खासी रही
जब घोषी से पूछा कहां हैं मनोज
हवाईअड्डे पर स्वागत के समय सपा अध्यक्ष को सभी वरिष्ठ नेता दिखाई दिए। मगर जिला महासचिव मनोज यादव नहीं थे। इस पर उन्होंने हमेशा साये की तरह साथ रहने वाले महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोषी से पूछा कि कहां हैं मनोज। तब उन्होंने बताया कि वे रिश्तेदारी में गुरुग्राम में आयोजित त्रयोदशी संस्कार में शामिल होने गए हैं। इस पर कहा, चलो फिर बात की जाएगी।
भाजपा का रास्ता सिर्फ नफरत भरा, वक्फ कानून नहीं स्वीकार-अखिलेश यादव
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा द्वारा लाए गए वक्फ कानून को हम स्वीकार नहीं करते। इसकी वजह ये है कि भाजपा सिर्फ नफरत की व मुद्दों से ध्यान बांटने की राजनीति करती है। उन्होंने भाजपा पर हमलावर होते हुए कहा कि भाजपा का रास्ता नफरत भरा नकारात्मक है। अपनी नाकामी छिपाने के लिए वे ऐसा निर्णय लेते हैं, जिससे लोगों का ध्यान बंट जाए। समाज में खाई खोदने की दिशा में काम करते हैं। ये लोकतंत्र, डा.आंबेडकर के दिए संविधान को नहीं मानते। न उसकी परवाह करते, जबकि संंविधान हमारी ढाल है, हमें पहचान देता है, हमें हक अधिकार दिलाता हैं। उस पर समय-समय पर भाजपा चोट पहुंचाती है। उन्होंने अर्थव्यवस्था के खेल व विश्व गुरु बनने के मुद्दे पर कहा कि वो बीजेपी के जुमले थे। आज महंगाई कहां पहुंच गई। बढ़ती ही जा रही है। बेरोजगारी बढ़ रही है।
किसानों की आय दोगुना, फसल खरीद की कीमत, गेहूं कीमत पर कहा कि उद्यमियों से सांठगांठ कर आलू-गेहूं की सही कीमत नहीं दी जा रही। जो प्राइवेट लोग खरीदना चाहें, उन्हें सीमा में बांधा जा रहा है। बाजार में कंपीटीशन रोका जा रहा है। बारिश में नुकसान की भरपाई नहीं दी जा रही। हरदुआगंज में हमने बिजली प्लांट लगाया। जिसमें उत्पादन शुरू हो गया। मगर बिजली की कीमतें आसमान छू रही हैं। जीएसटी प्रावधानों से व्यापारी बर्बाद हो गया है। आउटसोर्स बोर्ड सिर्फ आरक्षण का हक न देने, रोजगार में मनमानी के लिए किया जा रहा है। अंत में उन्होंने यही कहा कि हम वक्फ कानून के खिलाफ हैं, वह हमें स्वीकार नहीं। न हम भाजपा के किसी बिल को स्वीकार करेंगे।
गोद लिए गांव अनाथ नहीं छोड़े जाते-अखिलेश
सपा के गले मिलो अभियान से जुड़े सवाल पर कहा कि पीएम-सीएम को प्रोटोकॉल याद नहीं दिलाया जाएगा। मगर इतना जरूर है कि हमें हर धर्म व वर्ग के लोगों से गले मिलना चाहिए। एक दूसरे के त्योहार मनाने चाहिए। ताकि तरक्की व भाईचारा बढ़े। सीएम याद करें जो गांव गोद लिए गए थे, उन्हें अनाथ न छोड़ा जाए। जिन सांसदों ने कभी गांव गोद लिए होंगे, उन्हें अनाथ कर दिया है। वजह ये है कि जो गोद लिए जाते हैं, उन्हें अनाथ नहीं छोड़ा जाता।
विरोध करने पहुंचे 2 क्षत्रिय नेता लिए हिरासत में, छोड़े
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को काले झंडे दिखाने व शहर में न घुसने देने का ऐलान करने वाले क्षत्रिय महासभा जिलाध्यक्ष सहित दो नेता पुलिस ने हिरासत में ले लिए। उन्हें सपा अध्यक्ष के यहां से रवाना होने के बाद ही छोड़ा गया। हालांकि वे चंद लोग बोनेर के पास एकत्रित हुए थे। पहले उन्हें वहां से जाने के लिए समझाया गया। मगर जिलाध्यक्ष के हिरासत में लिए जाने के साथ अन्य को वहां से समझाकर भेज दिया गया। इधर, विरोध के चलते शैलेंद्र सिंह कई नेताओं को नजरबंद कर दिया गया।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा जिलाध्यक्ष विवेक चौहान ने राणा सांगा के बयान को लेकर सांसद रामजीलाल का समर्थन करने पर सपा अध्यक्ष के विरोध का ऐलान किया था। तय कार्यक्रम के अनुसार वह दर्जन भर कार्यकर्ताओं संग बोनेर स्थित एक संगठन के कार्यालय पर एकत्रित हुए। इसी बीच अखिलेश के हवाई अड्डे से आने की खबर पर वे हाईवे पर काले झंडे लेकर आ गए। जहां एसएचओ गांधीपार्क, बन्नादेवी व महुआ खेड़ा पुलिस बल के साथ पहुंच गए। पहले उन्हें समझाया गया। इस बीच काफी देर नोकझोंक व नारेबाजी हुई। मगर जब लगा ये यहां से हटने को राजी नहीं तो पुलिस ने विवेक चौहान व एक अन्य कार्यकर्ता को पकडक़र गाड़ी में बिठाकर थाने भेज दिया। बाकी अन्य कार्यकर्ताओं को वहां से भगा दिया। इस पर विवेक चौहान ने इसे पुलिस पर आवाज उठाने से रोकने का आरोप लगाया। इसके बाद अखिलेश यादव का काफिला शहर में भी गया। बाद में वापस चला गया। सीओ द्वितीय राजीव द्विवेदी के अनुसार कानून व्यवस्था के मद्देनजर कुछ लोगों को थाने बिठाया गया था। बाद में छोड़ दिया गया।
किसी ने सोशल मीडिया पर उड़ाई हमले की अफवाह
इस घटनाक्रम पर ध्यान दें तो विरोध के लिए खड़े नेताओं को पुलिस ने अखिलेश का काफिला गुजरने से पांच मिनट पहले हटा दिया। वह इलाका पूरी तरह खाली कर दिया गया। मगर किसी ने सोशल मीडिया पर अखिलेश के काफिले पर हमले की अफवाह उड़ा दी। पुलिस इस मामले में उस व्यक्ति को चिह्नित करने का काम कर रही है। यह किसने किया। साथ में पुलिस ने ऐसी किसी भी अफवाह का खंडन किया है।
दिल्ली वालों को लखनऊ वाले धोखा दे रहे : अखिलेश यादव
सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 11 अप्रैल को अलीगढ़ में प्रदेश सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर जमकर हमलावर दिखे। उन्होंने साफ कहा कि कानून व्यवस्था की पोल खुल गई है। सीएम को साइड लाइन कर दिया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली वालों को लखनऊ वाले धोखा दे रहे हैं। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वाराणसी में हुई घटना पर पीएम द्वारा अधिकारियों से सीधे पूछा जा रहा कि उस घटना में कितने पकड़े गए हैं। जब पीएम सीधे अधिकारियों से पूछ रहे हैं तो कानून व्यवस्था कहां बची। यही सरकार व कानून व्यवस्था की पोल खोलता है।
सपा अध्यक्ष ने ये बातें शुक्रवार को यहां एक शादी समारोह में शामिल होने के दौरान मीडिया से बातचीत में कहीं। उन्होंने कहा कि वाराणसी के बीएचयू में एक घटना नहीं हुई, रेप की कई घटनाएं हुई हैं। एक घटना में तो आरोपी भाजपा के ही थे। ये हमारे प्रदेश की कानून व्यवस्था है। प्रदेश का एक विधायक कपड़े फाड़कर भगवान श्रीराम के दर्शन करने जाता है। वह एक अधिकारी के लिए दूध पिलाने जैसी बात कहता है, जिसे हम नहीं कह सकते। फिर प्रदेश में सुरक्षा सुशासन कहां है, मैं तो नहीं मानता। कुल मिलाकर अपराध की बात करें तो यूपी में आंकड़े बातते हैं कि सबसे ज्यादा महिलाएं व बेटियां असुरक्षित हैं। अन्याय व भेदभाव हो रहा है। पार्टी-जाति देखकर भेदभाव हो रहा है। अपनी बात को मनवाने के लिए झूठे मुकदमे लगवाए जा रहे हैं। विपक्ष को कमजोर करने व दबाने का काम किया जा रहा है।
ट्रुपर्स बनी पुलिस, सीएम के इशारे पर चल रहीं सेनाएं
सपा अध्यक्ष ने रामजीलाल सुमन के सवाल पर कहा कि उन्होंने जो बात कही थी वह राज्यसभा के रिकार्ड से हटा दी गई। जो बात रिकार्ड से हट गई, वह खत्म हो गई। मगर भाजपा का भरोसा तानाशाही पर है। उन्होंने हिटलर के ट्रुपर्स (विशेष सेना) का जिक्र करते हुए कहा कि कभी उन्होंने ट्रुपर्स बनाए थे। अब प्रदेश में सीएम पुलिस की वर्दी में ट्रुपर्स बना रहे हैं। साथ में जो सेनाएं दिखाई दे रही हैं। वह सीएम के इशारे पर चल रही हैं। जो हो रहा है। सरकार के इशारे पर हो रहा। बात अगर इतिहास की करें तो इतिहास को इतिहास रहने दें। जो इतिहास हमें खुशहाली के रास्ते पर न ले जा सके, जो उलझाए, उसे इतिहास ही रहने दें। वहीं संभल सांसद जियार्रहमान वर्क के खिलाफ चार्जशीट पर कहा कि सरकार के इशारे पर किसी को भी दोषी बनाया जा सकता है। इसलिए तो ट्रुपर्स बनाए गए हैं। भाजपा ने पुलिस को ही ट्रुपर्स बना रखा है।