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दवाओं के दलाल: इमरजेंसी से हटे, ओपीडी में जमे, मेडिकल कॉलेज में मरीजों-तीमारदारों को घेरकर छीन रहे पर्चे

अभिषेक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Thu, 30 Apr 2026 02:48 PM IST
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सार

दवा कारोबार से जुड़े सूत्र बताते हैं कि ब्रांडेड पर्चों का फायदा उठाकर मरीजों को बिना बिल दवाएं थमा दी जाती हैं। डॉक्टर स्तर पर भी सख्ती नहीं होने से यह सिंडिकेट और मजबूत हो रहा है।

Snatching prescriptions at the medical college
मेडिकल कॉलेज में ओपीडी के बाहर मरीजों से दवा का पर्चा लेते दलाल - फोटो : संवाद
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विस्तार

जेएन मेडिकल कॉलेज में दवा दलालों का नेटवर्क बदस्तूर सक्रिय है। इमरजेंसी गेट से हटने के बाद अब ये ओपीडी के बाहर डेरा डालकर मरीजों से पर्चे छीनने की कोशिश कर रहे हैं। बुधवार को कई मरीजों व तीमारदारों को घेरकर सस्ती दवा दिलाने के नाम पर दबाव बनाया गया।

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नौरंगाबाद निवासी राजवीर सिंह ने बताया कि ओपीडी से निकलते ही दलालों ने उन्हें घेर लिया और पर्चा छीनने का प्रयास किया, लेकिन काफी देर तक चले विरोध के बाद दलाल पीछे हट गए। इसी तरह गोंडा से आए अमित कुमार को भी रोका गया, मना करने पर अभद्रता की गई। मौके पर मौजूद स्टाफ के मुताबिक, ये दलाल इमरजेंसी, ओपीडी और वार्ड तक में बेखौफ घूमते हैं। शिकायत के बावजूद सुरक्षाकर्मी अनदेखी करते हैं।
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यह भी पढ़ें... दवाओं के दलाल: जेएन मेडिकल कॉलेज में मरीजों के पर्चों पर दलालों का कब्जा, ऐसे फंसाते हैं मरीज के तीमारदार को
दवा कारोबार से जुड़े सूत्र बताते हैं कि ब्रांडेड पर्चों का फायदा उठाकर मरीजों को बिना बिल दवाएं थमा दी जाती हैं। डॉक्टर स्तर पर भी सख्ती नहीं होने से यह सिंडिकेट और मजबूत हो रहा है।

कॉलेज के सुरक्षाकर्मी भी नहीं रोक रहे
बुधवार को पड़ताल के दौरान मेडिकल कॉलेज के एक स्वास्थ्य कर्मचारी ने बताया कि इनमें से अधिकांश दलालों को स्टाफ के सभी कर्मचारी पहचानते हैं। इन्हें सुरक्षा गार्ड्स भी जानते हैं लेकिन फिर भी ये कॉलेज परिसर में घूमते रहते हैं क्योंकि ये गुंडागर्दी और लड़ने पर आमादा रहते हैं। कई बार स्वास्थ्य कर्मचारियों ने इनकी शिकायत प्रबंधन से की है लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

डॉक्टरों के स्तर से भी नहीं होता विरोध
मेडिकल कॉलेज में मरीजों के पर्चे पर कब्जा करने वाले दवा दलालों का नेटवर्क गहराई तक फैला है। दलाल मरीजों को नकली और घटिया दवाएं थमा देते हैं जिनका कोई बिल नहीं होता है। अगर कोई मरीज दवा का मिलान कराने डॉक्टर के पास जाता भी है, तो गिने-चुने मामलों में ही गड़बड़ी पकड़ी जाती है। ज्यादातर मामलों में भीड़ और कथित मिलीभगत के बीच वही दवाएं सही बताकर मरीज को इस्तेमाल की सलाह दे दी जाती है।

हर दलाल को पकड़ा जाएगा, कानूनी कार्रवाई भी होगी
इस तरह के मामलों की शिकायतें पहले भी प्राप्त हुई हैं। प्रबंधन की ओर से समय समय पर इसका संज्ञान लिया जाता है। सुरक्षा गार्ड्स को भी इसके बारे में हिदायत दी हुई है। हालांकि एक बार फिर सभी सुरक्षाकर्मियों को आगाह करते हुए संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखने का आदेश दिया है। साथ ही कुछ गार्ड्स को साधारण परिवेश में रहते हुए परिसर में घूमते रहने और बाहरी दलालों को पकड़ने का आदेश भी दिया है। ऐसे लोगों की पहचान कर तत्काल पुलिस को सौंपा जाएगा और उनके खिलाफ एफआईआर तक दर्ज कराई जा सकती है। औषधि व सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 2023 के तहत इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने का प्रावधान भी है।- प्रो. मोहम्मद नवेद खान, प्राॅक्टर, एएमयू

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