Aligarh News: जेएन मेडिकल कॉलेज में चौथे दिन हड़ताल जारी, नहीं मिल रहा इलाज, भटक कर वापस लौट रहे मरीज
आरडीए के बैनरतले हड़ताली जूनियर डॉक्टर प्राचार्या कार्यालय के बाहर धरने पर जमे रहे। यहां शुक्रवार दोपहर जीबीएम में निलंबन व एफआईआर वापसी तक हड़ताल पर रहने का ऐलान किया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल 8 मई को चौथे दिन भी बरकरार रही। इसके चलते इमरजेंसी पूरी तरह बंद है और अब ओपीडी सेवाओं पर भी इसका असर पड़ रहा है। शुक्रवार को ही 11 बजे के बाद ओपीडी के पर्चे बनना बंद हो गए। हड़ताल के चलते मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है, जिस कारण मरीज भटकने को मजबूर हैं। इधर, एएमयू प्रशासन व आरडीए अपनी-अपनी बात पर अड़े हैं। एएमयू प्रशासन ने साफ कह दिया है कि हड़ताल खत्म होने के बाद ही उनकी बात सुनी जाएगी। मगर डॉक्टर एफआईआर व निलंबन वापसी तक हड़ताल की जिद पर हैं।
5 मई रात जेएनएमसी में मरीज के तीमारदार व जूनियर डॉक्टरों के बीच मारपीट के बाद से यह हड़ताल शुरू हुई है। इस झगड़े में एक महिला डॉक्टर को चोट आई। वहीं एक सर्जन का दाहिना हाथ फैक्चर हो गया है। मामले में डॉक्टरों पर एफआईआर के साथ तीन जूनियर डॉक्टर निलंबित किए गए हैं। इसी के चलते हड़ताल लगातार जारी है। हड़ताल के चलते शुक्रवार को भी मरीज लौट गए। इमरजेंसी पूरी तरह ठप पड़ी है। वहीं ओपीडी में भी 11 बजे के बाद पर्चे न बनने पर कामकाज प्रभावित होता दिखाई दिया।
इधर, आरडीए के बैनरतले हड़ताली जूनियर डॉक्टर प्राचार्या कार्यालय के बाहर धरने पर जमे रहे। यहां शुक्रवार दोपहर जीबीएम में निलंबन व एफआईआर वापसी तक हड़ताल पर रहने का ऐलान किया गया। वहीं एएमयू प्रॉक्टर नवेद खान का कहना है कि जब तक हड़ताल खत्म नहीं होगी तब तक कोई बात नहीं की जाएगी।
जीबीएम में निर्णय, अब हाईकोर्ट जाएंगे डॉक्टर
8 मई दोपहर हुई जीबीएम में हड़ताली जूनियर डॉक्टरों ने छात्रों का पक्ष सुने बिना कार्रवाई का आरोप लगाया। साथ में एएमयू प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निलंबित वापसी, एफआईआर वापसी व मारपीट करने वाले तीमारदारों पर एफआईआर की मांग करते हुए तय किया कि अब हम हाईकोर्ट जाएंगे। आरडीए उपाध्यक्ष डा.अख्तर अली ने बताया कि शुक्रवार की जीबीएम में यह निर्णय लिया गया है।
वापस लौटे ये मरीज
- सिकंदराराऊ से मंजू अपनी बीमार सास को लेकर दोपहर में मेडिकल कॉलेज पहुंची। मगर यहां हड़ताल के चलते उपचार नहीं मिल सका। यहां उसकी सास बेहोश होकर गिर गईं। बाद में वह वापस ले गईं।
- सिकंदराराऊ के ही रणवीर सिंह के पांव में चोट लगी थी। यहां हड़ताल के चलते उपचार न मिलने पर किसी की सलाह पर वे वापस दीनदयाल अस्पताल गए। जहां उन्हें उपचार दिया गया।
- क्वार्सी के दानिश अपने पीलिया पीड़ित बच्चे को लेकर जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां हड़ताल के चलते उपचार न मिलने पर बाद में वे किसी की सलाह पर निजी अस्पताल में अपने बच्चे को ले जाने को राजी हुए।