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Aligarh: 15 वर्ष पुराने मामले में आया फैसला, फिरौती के लिए अगवा किशोर की हत्या के दो दोषियों को उम्रकैद की सजा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Fri, 05 Jun 2026 10:12 AM IST
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सार
16 वर्ष का रितिक 9वीं का छात्र था। घटना वाले दिन वह घर में मोबाइल चला रहा था। इस बात पर पिता ने उसे डांट दिया। पिता की डांट के बाद रितिक गुस्से में घर से चला गया। फिर वापस नहीं आया।
उम्रकैद की सजा
- फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
अलीगढ़ महानगर के बन्नादेवी क्षेत्र के लच्छिमपुर बैंक कॉलोनी से 9वीं के छात्र की अगवाकर हत्या करने और परिवार से दस लाख रुपये की फिरौती मांगने के दो दोषियों प्रदीप व योगेंद्र को उम्रकैद से दंडित किया गया है। यह फैसला एडीजे-11 रवीश कुमार अत्री की अदालत ने सुनाया है। बता दें कि 15 वर्ष पहले घर से नाराज होकर निकले किशोर को पड़ोसियों ने अगवाकर इस घटना को अंजाम दिया था। जिसमें फिरौती के लिए की गई कॉल के सहारे पुलिस ने घटना का खुलासा किया था। मगर बालक का कंकाल रूपी शव बरामद किया गया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार घटनाक्रम 15 जुलाई 2021 का है। इस संबंध में इलाके में भट्ठी चलाकर मजदूरी पर काम करने वाले किशन लोधी ने बन्नादेवी में रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसमें बताया कि उनके दो बेटों में बड़ा 16 वर्ष का रितिक 9वीं का छात्र था। घटना वाले दिन वह घर में मोबाइल चला रहा था। इस बात पर पिता ने उसे डांट दिया। पिता की डांट के बाद रितिक गुस्से में घर से चला गया। फिर वापस नहीं आया।
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परिवार ने पहले तो किसी रिश्तेदार के यहां जाना मान लिया। मगर जब वापस नहीं आया और कोई खबर नहीं मिली तो खोज शुरू की। इसी बीच 28 जुलाई को गुमशुदगी दर्ज कराई। जिसमें बताया कि रितिक अपना मोबाइल घर छोड़ गया था। उसी मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आई है, जिसमें रितिक के अगवा किए जाने की बात कहते हुए उसे छोड़ने के बदले दस लाख रुपये मांगे गए हैं।
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इस पर हरकत में आई पुलिस ने जब मोबाइल नंबर की जांच शुरू की तो वह नंबर मैलरोज बाईपास पर एक बाइक शोरूम पर काम करने वाले बाल अपचारी का निकला। उससे जब पूछताछ शुरू हुई तो वह टूट गया। उसने बताया कि रितिक के पड़ोसी प्रदीप व योगेंद्र उसके साथ काम करते हैं। उनमें से योगेंद्र का किसी लेनदेन के विवाद में रितिक के पिता से विवाद हुआ था। उसी विवाद के गुस्से में बदला लेने की नीयत से उसने यह साजिश रची।
जब रितिक घर से गुस्सा होकर निकल आया तो वह रितिक को बातों में लगाकर अपने घर ले गया। जहां आरोपी योगेंद्र व प्रदीप ने मिलकर उसे शराब में नशीली गोलियां मिलाकर पिलाकर बेहोश कर दिया। बाद में शव बोरे में भरकर नादा पुल से आगे नाले में फेंक दिया। इसके बाद 13 तक मामला ठंडा होने पर यह सोचकर बाल अपचारी के मोबाइल से रितिक के नंबर पर कॉल किया कि अब किसी को पता नहीं चलेगा। बाल अपचारी के बयान के बाद योगेंद्र व प्रदीप पकड़े गए। उन्होंने नाले से कंकाल रूपी शव बोरे में बंधा हुआ बरामद कराया और गला दबाकर हत्या करना स्वीकारा। पुलिस ने तीनों को जेल भेजा। मामले में चार्जशीट दायर की। इसी मामले में अब न्यायालय ने सत्र परीक्षण में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर योगेंद्र व प्रदीप को उम्रकैद व 45-45 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।