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Aligarh News: बच्चे खेलते रहे, शिक्षिकाएं मोबाइल चलाती रहीं
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गांव बादबामनी में जूनियर प्रथामिक विद्यालय में कम बच्चे आने पर क्लास रूम के बाहर कुर्सी पर बैठक
- फोटो : samvad
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बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। एक स्कूल में शिक्षिकाएं मोबाइल चलातीं और बच्चे खेलते नजर आए। विद्यालयों का नजारा शिक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े करता नजर आया।
अमर उजाला टीम सुबह करीब नौ बजे प्राथमिक विद्यालय बादबामनी पहुंची। यहां परिसर में सन्नाटा पसरा था। पंजीकृत 200 से अधिक बच्चों के मुकाबले महज 10 बच्चे ही विद्यालय पहुंचे थे। कक्षाओं में पढ़ाई के बजाय बच्चे खेलते दिखाई दिए, जबकि दो शिक्षिकाएं कक्ष से बाहर मोबाइल फोन देखने में व्यस्त थीं। बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियां लगभग ठप नजर आईं।
इसके बाद सुबह 11 बजे प्राथमिक विद्यालय आसना अजीतपुर टीम पहुंची। यहां भी हालात अलग नहीं थे। 150 पंजीकृत विद्यार्थियों में से केवल 20 बच्चे ही उपस्थित मिले। कक्षा तीन में पांच बच्चे अपनी किताबें खोलकर बैठे थे, लेकिन पढ़ाने के लिए कोई शिक्षक मौजूद नहीं था। शिक्षिका टीईटी परीक्षा में ड्यूटी या परीक्षा देने गई थीं, जिससे उनकी कुर्सी पूरे समय खाली रही।
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खंड शिक्षाधिकारी सुबोध कुमार ने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। कई शिक्षक टीईटी भी देने गए थे। हालांकि, अभी 25 जून को विद्यालय खुला है। लगातार बच्चों को विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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अमर उजाला टीम सुबह करीब नौ बजे प्राथमिक विद्यालय बादबामनी पहुंची। यहां परिसर में सन्नाटा पसरा था। पंजीकृत 200 से अधिक बच्चों के मुकाबले महज 10 बच्चे ही विद्यालय पहुंचे थे। कक्षाओं में पढ़ाई के बजाय बच्चे खेलते दिखाई दिए, जबकि दो शिक्षिकाएं कक्ष से बाहर मोबाइल फोन देखने में व्यस्त थीं। बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियां लगभग ठप नजर आईं।
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इसके बाद सुबह 11 बजे प्राथमिक विद्यालय आसना अजीतपुर टीम पहुंची। यहां भी हालात अलग नहीं थे। 150 पंजीकृत विद्यार्थियों में से केवल 20 बच्चे ही उपस्थित मिले। कक्षा तीन में पांच बच्चे अपनी किताबें खोलकर बैठे थे, लेकिन पढ़ाने के लिए कोई शिक्षक मौजूद नहीं था। शिक्षिका टीईटी परीक्षा में ड्यूटी या परीक्षा देने गई थीं, जिससे उनकी कुर्सी पूरे समय खाली रही।
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खंड शिक्षाधिकारी सुबोध कुमार ने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। कई शिक्षक टीईटी भी देने गए थे। हालांकि, अभी 25 जून को विद्यालय खुला है। लगातार बच्चों को विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।