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Aligarh News: प्लॉट कब्जे, मारपीट और गोलीबारी मामले में तीन दोषियों को चार साल की कैद
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प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : Archive
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अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय (कोर्ट संख्या-02) की न्यायाधीश टर्केश्वरी सिंह ने प्लॉट पर कब्जे को लेकर हुए खूनी संघर्ष के मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए चार साल कैद की सजा सुनाई है। जान से मारने का प्रयास के आरोप से दोषमुक्त कर दिया गया है।
थाना गोंडा के गांव डोमला हसनगढ़ की निवासी प्रेमवती रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने भंडीरा रजआवल तहसील इगलास में 25 अप्रैल 2012 को 246 वर्ग गज का एक प्लॉट खरीदा था। 29 मार्च 2013 को सुबह करीब 6 बजे गांव के ही शंकर सिंह, राजेश, उमेश और अन्य लोग उस प्लॉट पर कब्जा करने पहुंचे।
जब पीड़िता और उसके पुत्र तेजवीर ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने आए परिवार के अन्य सदस्यों पर भी हमला किया गया। हमले में घायलों को मलखान सिंह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मुकदमे के दौरान एक आरोपी श्रीमती की मृत्यु हो जाने के कारण उनके विरुद्ध कार्रवाई पहले ही समाप्त कर दी गई थी। अदालत ने गवाहों और सबूतों जैसे चिकित्सकीय रिपोर्ट, चिक एफआईआर, नक्शाजरी का बारीकी से परीक्षण किया। इस आधार पर शंकर सिंह, राजेश और उमेश को दोषी पाया। इनको चार साल कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
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थाना गोंडा के गांव डोमला हसनगढ़ की निवासी प्रेमवती रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने भंडीरा रजआवल तहसील इगलास में 25 अप्रैल 2012 को 246 वर्ग गज का एक प्लॉट खरीदा था। 29 मार्च 2013 को सुबह करीब 6 बजे गांव के ही शंकर सिंह, राजेश, उमेश और अन्य लोग उस प्लॉट पर कब्जा करने पहुंचे।
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जब पीड़िता और उसके पुत्र तेजवीर ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने आए परिवार के अन्य सदस्यों पर भी हमला किया गया। हमले में घायलों को मलखान सिंह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मुकदमे के दौरान एक आरोपी श्रीमती की मृत्यु हो जाने के कारण उनके विरुद्ध कार्रवाई पहले ही समाप्त कर दी गई थी। अदालत ने गवाहों और सबूतों जैसे चिकित्सकीय रिपोर्ट, चिक एफआईआर, नक्शाजरी का बारीकी से परीक्षण किया। इस आधार पर शंकर सिंह, राजेश और उमेश को दोषी पाया। इनको चार साल कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
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