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Aligarh News: गला खराब न हो.. बाहर खाने जातीं तो घर से अलका याज्ञनिक के साथ जाता पानी

Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jun 2026 02:31 AM IST
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To avoid a sore throat... whenever I went out to eat, I would carry water from home along with Alka Yagnik
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अपनी जादुई आवाज से सात बार फिल्मफेयर अवॉर्ड जीत चुकीं मशहूर प्लेबैक सिंगर अलका याज्ञनिक को पद्म भूषण मिलने से अलीगढ़ में रह रहे उनके परिवार में खुशी का माहौल है। भाई आलोक ने बताया कि बचपन में जब हम सब भाई-बहन रेलवे रोड पर चाट खाने जाते थे तो, अलका के लिए घर से ही गर्म और सादा पानी का थर्मस साथ भेजा जाता था, ताकि उनके गले पर कोई असर न पड़े।



रामघाट रोड से सटे सुरेंद्रनगर के एक पुराने घर में अलका याज्ञनिक के चचेरे भाई आलोक याज्ञनिक रहते हैं। उन्होंने बताया कि हमारे दादाजी यहीं के डीएवी इंटर कॉलेज में प्रिंसिपल थे। पिता चार भाई थे। अलका के पिता धर्मेंद्र शंकर सबसे छोटे थे। चारों भाइयों ने इसी कॉलेज से पढ़ाई की। बाद में अलका के पिता नौकरी के सिलसिले में कोलकाता चले गए।
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आलोक ने बताया कि गर्मियों की छुट्टियों में जब पूरा परिवार अलीगढ़ में इकट्ठा होता था, तब भी चाची (अलका की मां) उनकी गायकी को लेकर गंभीर थीं। जब सब बच्चे खेल रहे होते थे, तब अलका को एक शांत कमरे में ले जाकर सुरों का अभ्यास कराया जाता था। यही वो कड़ा अनुशासन था जिसने आज अलका को इस मुकाम पर पहुंचाया है।
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चलो वहां, जहां खिड़की से लटका करते थे
अलका याज्ञनिक भले ही आज पूरी दुनिया में मशहूर हैं लेकिन, अलीगढ़ के लिए उनका प्यार कभी कम नहीं हुआ। यहां की मशहूर नुमाइश (प्रदर्शनी) में वो कई बार परफॉर्म करने आ चुकी हैं। आलोक ने बताया कि जब अलका पिछली बार अलीगढ़ आई थीं, तो उनकी आंखों में बचपन की वही मासूमियत थी। उन्होंने भाई के घर जाकर जिद की, मुझे उस जगह ले चलो, जहां हम बचपन में खिड़की से लटका करते थे।


हमारी अलका को पद्म भूषण मिल गया
जैसे ही पद्म पुरस्कारों की घोषणा हुई, याज्ञनिक परिवार का फोन लगातार बजने लगा। अलका ने खुद व्हाट्सएप के जरिए अलीगढ़ में रह रहे अपने परिवार के साथ इस खुशी को साझा किया। परिवार का कहना है कि यह पद्म भूषण सिर्फ अलका को नहीं, बल्कि उनके पूरे खानदान और अलीगढ़ की उस मिट्टी को मिला है, जिसने उनके सुरों को सहेजने में शुरुआती भूमिका निभाई थी। सुरेंद्रनगर की गलियों में आज हर कोई फख्र से कह रहा है, हमारी अलका को पद्म भूषण मिल गया।
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