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Mahakumbh : तीसरे अमृत स्नान के बाद अखाड़ों में चुन जाएंगे नए अष्टकौशल, काशी में बनाए जाएंगे नए सचिव
अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 31 Jan 2025 06:31 PM IST
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सार
अखाड़ों ने अब वापसी की तैयारी शुरू कर दी है। वसंत पंचमी को तीसरे अमृत स्नान के बाद से रवानगी भी शुरू हो जाएगी। इसके पहले अखाड़े का कामकाज संचालित करने वाले अष्टकौशल का भी चुनाव होगा।
अखाड़ो ने दोपहर को किया अमृत स्नान।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
अखाड़ों ने अब वापसी की तैयारी शुरू कर दी है। वसंत पंचमी को तीसरे अमृत स्नान के बाद से रवानगी भी शुरू हो जाएगी। इसके पहले अखाड़े का कामकाज संचालित करने वाले अष्टकौशल का भी चुनाव होगा। सात फरवरी (अचला सप्तमी) को इनके नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। इसके बाद अखाड़े कुंभनगरी से काशी को रवाना हो जाएंगे। काशी में ही अखाड़ों के नए सचिव भी चुने जाएंगे। अखाड़ों की आंतरिक व्यवस्था पूरी तरह पंचायती रीति से संचालित होती है।
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इसकी कमान सचिव समेत आठ श्रीमहंत संभालते हैं। आठ श्रीमहंतों की कमेटी ही अष्ट कौशल कहलाती है। इनकी मदद को आठ उपमहंत होते हैं। श्रीपंचायती महानिर्वाणी एवं श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा में अष्टकौशल का कार्यकाल तीन-तीन साल जबकि श्रीपंचायती निरंजनी अखाड़ा में छह साल का कार्यकाल होता है। महाकुंभ आरंभ होने के साथ अष्टकौशल को भंग करके उनका नए सिरे से चुनाव कराया जाता है। निरंजनी अखाड़ा ही प्रयागराज के महाकुंभ अथवा अर्द्धकुंभ के दौरान अष्टकौशल चुनते हैं जबकि महानिर्वाणी एवं जूना अखाड़े किसी भी कुंभ में इनका चुनाव करते हैं।
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अखाड़ा पदाधिकारियों का कहना है तीनों प्रमुख अखाड़ों में नए अष्ट कौशल के लिए तैयारियां आंरभ हो गईं हैं। वसंत पंचमी के स्नान के पश्चात इनका चुनाव होगा। इसके पश्चात अचला सप्तमी को यह कार्यभार संभालेंगे। यह अष्टकौशल ही अगले कुंभ तक अखाड़ों की सभी गतिविधि संभालेंगे।
धर्मध्वजा के नीचे शुक्रवार से दुर्गा सप्तशती पाठ आरंभ होगा। आखिरी दिन नए अष्ट कौशल में चुने गए श्रीमहंत ही पूर्णाहुति करेंगे। नए अष्ट कौशल के महंत चुने जाने के बाद ही अखाड़े काशी को रवाना होगा। - श्रीमहंत रामरतन गिरि, सचिव, श्रीनिरंजनी अखाड़ा
