धन कुबेर संग महालक्ष्मी का आगमन, पंचदीप महापर्व का आगाज
धनतेरस पूजा व खरीदारी मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त :दोपहर 11:48 से 12:24 बजे तक
लाभ योग में 13:10से 3:02 बजे तक
अमृत योग -15:06 से 16:32 बजे तक।
प्रदोष काल में महालक्ष्मी पूजा: शाम 5:28 से रात 8:07
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विस्तार
इसके बाद व्यापारिक प्रतिष्ठानों में महालक्ष्मी की सविधि पूजा के साथ रोशनी से नहाए बाजार में धनवर्षा शुरू हो गई। बृहस्पतिवार को प्रदोषकाल में त्रयोदशी न मिलने से शुक्रवार को धनरेतस पर महालक्ष्मी की पूजा के धनवंतरि भगवान की झांकियां सजाई जाएंगी। इसके साथ ही खरीदारी भी की जाएगी। अमावस्या तिथि में ज्योतिपर्व शनिवार को मनेगा।
बृहस्पतिवार की रात 9:30 बजे कार्तिक शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी लग गई। महालक्ष्मी के आगमन पर घरों से लेकर प्रतिष्ठानों तक कुबेर, लक्ष्मी की प्रतिमाओं की प्रतिष्ठापना कर देर रात कर मंत्रोच्चार के साथ पूजा की गई। महिलाओं ने तरह-तरह की रंगोलियां सजाईं। चावल आटे से महालक्ष्मी के पदचिह्नों की छाप बनाई गई। रंग-बिरंगी झालरों और फूलों के वंदनवारों से घरों और प्रतिष्ठानों को सजाया गया।